Published: Saturday, August 8, 2026, 15:45 [IST]

भारत में सोमवार, 3 अगस्त 2026 से नया क्लोजिंग ऑक्शन सेशन (Closing Auction Session) शुरू हो रहा है। अब डेरिवेटिव (F&O) सेगमेंट वाले शेयरों के लिए रेगुलर ट्रेडिंग दोपहर 3:15 बजे ही रुक जाएगी। इसके बाद, दोपहर 3:15 से 3:35 बजे के बीच होने वाला ऑक्शन ही इन शेयरों का ऑफिशियल क्लोजिंग प्राइस तय करेगा। वहीं, बिना डेरिवेटिव वाले शेयर हमेशा की तरह दोपहर 3:30 बजे तक ट्रेड होते रहेंगे। इंडेक्स और स्टॉक डेरिवेटिव्स में ट्रेडिंग दोपहर 3:40 बजे तक जारी रहेगी, जिससे ट्रेडर्स को समय के इस छोटे से अंतर को संभालना होगा।

आइए समझते हैं कि यह नया टाइम विंडो कैसे काम करेगा। दोपहर 3:15 से 3:20 बजे का समय ट्रांजिशन (बदलाव) का होगा, जिसमें कोई भी ऑर्डर स्वीकार नहीं किया जाएगा। दोपहर 3:20 से 3:25 बजे के बीच मार्केट और लिमिट ऑर्डर लिए जाएंगे, लेकिन इस दौरान कोई ट्रेड एग्जीक्यूट (सौदा पूरा) नहीं होगा। दोपहर 3:25 से 3:30 बजे के बीच सिर्फ लिमिट ऑर्डर ही डाले जा सकेंगे और मार्केट ऑर्डर्स पर रोक रहेगी; इस दौरान आखिरी पलों में रैंडम क्लोजर (अचानक बंद होना) भी हो सकता है। इसके बाद, दोपहर 3:30 से 3:35 बजे के बीच ऑर्डर्स को मैच करके एक तय इक्विलिब्रियम क्लोजिंग प्राइस (equilibrium closing price) निकाला जाएगा।

New Closing Auction Session in Indian Stock Market 2026: Trading Timings and Rules Explained

क्लोजिंग ऑक्शन: इंट्राडे, डिलीवरी और स्टॉप-लॉस ऑर्डर पर क्या होगा असर?

दिन के रेगुलर सेशन के स्टॉप-लॉस और डिस्क्लोज्ड-क्वांटिटी (disclosed-quantity) ऑर्डर्स दोपहर 3:15 बजे अपने आप कैंसिल हो जाएंगे। पहले से चले आ रहे लिमिट ऑर्डर्स को नए ऑक्शन ऑर्डर्स की तुलना में ज्यादा टाइम प्रायोरिटी (समय की प्राथमिकता) मिलेगी। दोपहर 3:25 बजे के बाद मार्केट ऑर्डर्स में कोई बदलाव नहीं किया जा सकेगा। ब्रोकर भी अपने ऑटो स्क्वायर-ऑफ (auto square-off) के समय में बदलाव कर रहे हैं: CAS (क्लोजिंग ऑक्शन सेशन) वाले शेयरों के लिए यह समय दोपहर 3:10 बजे, नॉन-CAS शेयरों के लिए दोपहर 3:20 बजे और डेरिवेटिव्स के लिए दोपहर 3:25 बजे होगा।

क्लोजिंग ऑक्शन: कैश-F&O टाइमिंग गैप और इंडेक्स ऑप्शंस

स्टॉक फ्यूचर्स के लिए दोपहर 3:15 बजे के रेफरेंस प्राइस से प्लस या माइनस तीन प्रतिशत (+/- 3%) का एक स्टैटिक प्राइस बैंड तय किया जाएगा। डायनेमिक फ्लेक्सिंग दोपहर 3:40 बजे तक रुकी रहेगी। इस विंडो के दौरान, इंडेक्स रियल-टाइम वैल्यू और एक इंडिकेटिव क्लोज (संभावित क्लोजिंग प्राइस) दोनों दिखाएंगे। जब कैश मार्केट की क्लोजिंग सेटल हो रही होगी, तब इंडेक्स ऑप्शंस में उतार-चढ़ाव आ सकता है, इसलिए स्प्रेड और हेज पर बफर को थोड़ा बड़ा रखें।

क्लोजिंग ऑक्शन: क्या करें, क्या न करें और FD रिटर्न का एक क्विक कैलकुलेशन

दोपहर 3:10 बजे तक अपनी पोजीशन से बाहर निकलने (exit) का काम पूरा कर लें और दोपहर 3:20 बजे के बाद मार्केट ऑर्डर के बजाय सिर्फ लिमिट ऑर्डर ही डालें। आखिरी पलों में स्टॉप-लॉस बदलने से बचें। अपने ब्रोकर के प्लेटफॉर्म पर 'गुड-टिल-डेट' (GTD) और 'गुड-टिल-कैंसिल्ड' (GTC) सेटिंग्स को जरूर चेक कर लें, क्योंकि अलग-अलग प्लेटफॉर्म पर ये ट्रिगर अलग तरीके से काम करते हैं। अगर आप दोपहर 3:35 बजे के बाद भी पोजीशन होल्ड कर रहे हैं, तो मार्जिन जरूर चेक कर लें। (नीचे दी गई गणना सालाना कंपाउंडिंग, टैक्स से पहले और ₹1 लाख की मूल राशि पर आधारित है। यह टेबल दिखाती है कि कैसे फिक्स्ड डिपॉजिट (FD) समय के साथ कम ब्याज वाले सेविंग्स अकाउंट से बेहतर रिटर्न दे सकता है।)

अवधि (Tenor)सेविंग्स अकाउंट 3.5% (₹1 लाख)FD 7% (₹1 लाख)
5 साल₹1.19 लाख₹1.40 लाख
10 साल₹1.41 लाख₹1.97 लाख
15 साल₹1.68 लाख₹2.76 लाख

इस ऑक्शन सेशन का इस्तेमाल अपनी पोजीशन को सुरक्षित तरीके से क्लोज करने और रिस्क मैनेज करने के लिए करें, न कि मार्केट मोमेंटम के पीछे भागने के लिए। दोपहर 3:24 बजे तक सही लिमिट प्राइस सेट कर लें, और फिर इंडिकेटिव इक्विलिब्रियम प्राइस, स्प्रेड और पेंडिंग क्वांटिटी पर नजर रखें। अगर आप क्लोजिंग के बाद भी पोजीशन होल्ड कर रहे हैं, तो सोमवार को मार्केट खुलने के जोखिम को ध्यान में रखें। इस नए क्लोजिंग सिस्टम का मकसद मार्केट के उतार-चढ़ाव (noise) को कम करना और बड़े ऑर्डर्स को सुरक्षित तरीके से एग्जीक्यूट करना है।

Story first published: Saturday, August 8, 2026, 15:45 [IST]

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