लुधियाना में निवेश पर भारी मुनाफे का लालच देकर लोगों से करोड़ों रुपए की ठगी के दो अलग-अलग मामले सामने आए हैं। शहर की पुलिस ने इन मामलों में पांच लोगों के खिलाफ केस दर्ज किया है।
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थाना जोधेवाल और थाना दुगरी पुलिस ने शिकायतों की जांच के बाद आरोपियों के खिलाफ धोखाधड़ी, आपराधिक न्यासभंग और साजिश रचने समेत विभिन्न धाराओं के तहत एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। दोनों मामलों में आरोपियों पर कुल 3 करोड़ 29 लाख 96 हजार 110 रुपए की ठगी करने का आरोप है।
4 प्वाइंट में पढ़ें दोनों मामले:-
- 19.96 लाख लेकर न मुनाफा दिया, न रकम लौटाई: थाना जोधेवाल पुलिस के अनुसार, यह मामला पीजीडी नंबर 785940 (सिस्टम नंबर 785418) पर दर्ज शिकायत की जांच के बाद सामने आया। शिकायतकर्ता इंद्रजीत सिंह निवासी ओमैक्स टाउनशिप, लुधियाना ने आरोप लगाया कि सिफत सिंह, लखविंदर सिंह और हरमीत कौर ने आपस में मिलीभगत कर उन्हें और उनके बेटे जगमोहित सिंह को अधिक मुनाफे का लालच दिया।
- रिटर्न का भरोसा दिलाकर उनसे 19.96 लाख निवेश करवाए: शिकायतकर्ता के मुताबिक, आरोपियों ने बेहतर रिटर्न का भरोसा दिलाकर उनसे 19.96 लाख निवेश करवाए। इसके बाद न तो उन्हें कोई मुनाफा दिया गया और न ही निवेश की मूल राशि वापस की गई। जांच के बाद थाना पुलिस ने तीनों आरोपियों के खिलाफ आईपीसी की धारा 406, 420 और 120-बी के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
- 3.10 करोड़ रुपए निवेश करवाकर हड़पने का आरोप: दूसरा मामला थाना दुगरी क्षेत्र का है। पुलिस के अनुसार, पीजीडी नंबर 815287 (सिस्टम नंबर 814786) पर दर्ज शिकायत की जांच के बाद एफआईआर दर्ज की गई। शिकायतकर्ता मनजीत सिंह निवासी ईबीआरएस नगर, लुधियाना ने आरोप लगाया कि संजय आहूजा और हर्षिता आहूजा, जो सिंप्लेक्स फिनवेस्ट लिमिटेड से जुड़े हैं, ने वर्ष 2020 से 2024 के बीच निवेश पर भारी मुनाफा देने का भरोसा दिलाकर उनसे 3 करोड़ 10 लाख रुपए निवेश करवाए।
- निवेश के बदले न तो उन्हें तय मुनाफा दिया गया: शिकायतकर्ता का आरोप है कि निवेश के बदले न तो उन्हें तय मुनाफा दिया गया और न ही उनकी मूल राशि वापस की गई। जांच के बाद थाना दुगरी पुलिस ने दोनों आरोपियों के खिलाफ आईपीसी की धारा 406 और 420 के तहत मामला दर्ज कर लिया है।
दोनों मामलों की जांच जारी
पुलिस का कहना है कि दोनों मामलों में वित्तीय लेनदेन, निवेश से जुड़े दस्तावेजों और अन्य साक्ष्यों की जांच की जा रही है। जांच के दौरान सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।