भिंड के सत्र न्यायालय ने सुनील बघेल की हत्या के मामले में तीन आरोपियों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। तीनों पर हत्या और सबूत मिटाने का दोष साबित हुआ। अदालत ने प्रत्येक आरोपी पर कुल ₹8,000 का जुर्माना भी लगाया।

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दोषियों में प्रदीप जाटव (24), दशरथ शाक्य (23) और सूरज नरवरिया (28) शामिल हैं। तीनों लावन गांव के निवासी हैं।

मामला बरोही थाना क्षेत्र का है। मंशापुरा निवासी सुनील बघेल बरासों में गजेंद्र सिंह गुर्जर के धर्मकांटे पर रहता था। 17 अप्रैल 2024 को वह मोटरसाइकिल से बरासों में न्योता खाने गया था। उसने परिजनों को बताया था कि वह रात में धर्मकांटे पर रुकेगा।

अगली सुबह घर नहीं लौटने पर परिजनों ने उसकी तलाश की। मोबाइल बंद मिलने पर बरासों थाने में गुमशुदगी दर्ज कराई गई।

19 अप्रैल को पुलिस को पिरोड़ा गांव के हार में स्थित स्वरूप नारायण के कुएं में एक युवक का शव मिलने की सूचना मिली। शव की पहचान सुनील बघेल के रूप में हुई। उसके माथे पर गहरा घाव था। शरीर पर घसीटने के निशान भी मिले। उसके गले में साफी से फंदा लगा था।

महिला से संबंधों को लेकर रंजिश

प्रदीप जाटव के एक महिला से संबंध थे। बाद में सुनील के भी उस महिला से संबंध बन गए। प्रदीप ने सुनील को महिला से संबंध खत्म करने के लिए कहा था। सुनील के नहीं मानने पर दोनों के बीच रंजिश बढ़ गई। प्रदीप ने अपने दोस्तों दशरथ शाक्य और सूरज नरवरिया के साथ मिलकर हत्या की योजना बनाई।

17 अप्रैल की रात तीनों ने सुनील को शराब पार्टी के बहाने लावन गांव बुलाया। रात करीब 10 बजे उसे गांव के बाहर एक खाली प्लॉट में ले गए। वहां दशरथ ने सुनील के सिर पर डंडे से वार किया। उसके गिरने के बाद तीनों ने साफी से गला घोंट दिया।

हत्या के बाद आरोपियों ने शव को मोटरसाइकिल से बांधा। वे उसे करीब चार किलोमीटर तक घसीटते हुए ले गए और पिरोड़ा गांव के हार में स्थित कुएं में फेंक दिया।

बाइक, मोबाइल और डंडा जब्त

पुलिस ने प्रदीप जाटव की निशानदेही पर सुनील की मोटरसाइकिल जब्त की। सूरज नरवरिया से मृतक का मोबाइल और दशरथ शाक्य से वारदात में इस्तेमाल डंडा बरामद किया गया। जांच पूरी होने के बाद पुलिस ने तीनों आरोपियों के खिलाफ न्यायालय में अभियोग पत्र पेश किया।

15 गवाहों के आधार पर सुनाई सजा

सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष ने 15 गवाह पेश किए। लोक अभियोजक जेपी दीक्षित ने पैरवी की। अदालत ने तीनों आरोपियों को आजीवन कारावास और ₹5,000-₹5,000 के जुर्माने की सजा सुनाई। फैसले के बाद तीनों दोषियों को अभिरक्षा में लेकर जेल भेज दिया गया।