August 12, 2026

मोगा: कोटकपूरा बाईपास रोड पर वर्ष 2023 में आवारा पशु की चपेट में आने से जान गंवाने वाले बुजुर्ग के परिवार को अब नगर निगम पांच लाख रुपये का मुआवजा देगा। नगर निगम हाउस की बैठक में पीड़ित परिवार को मुआवजा देने संबंधी प्रस्ताव को मंजूरी दे दी गई है। हादसे के करीब तीन साल बाद लिया गया यह फैसला जहां परिवार के लिए आर्थिक राहत लेकर आया है, वहीं शहर की सड़कों पर लंबे समय से घूम रहे आवारा पशुओं और उनकी रोकथाम को लेकर नगर निगम की कार्यप्रणाली पर भी सवाल खड़े करता है।
मोगा में मुख्य सड़कों, बाजारों और रिहायशी इलाकों में आवारा गोवंश की मौजूदगी कोई नई समस्या नहीं है। कई बार सड़क के बीच बैठे पशुओं के कारण वाहन चालकों को अचानक ब्रेक लगाने पड़ते हैं, जिससे हादसे का खतरा बना रहता है। आवारा कुत्तों की समस्या भी शहर के कई हिस्सों में बनी हुई है। ऐसे में एक बुजुर्ग की जान जाने के बाद मुआवजे का फैसला इस बात की ओर भी इशारा करता है कि आवारा पशुओं पर नियंत्रण की व्यवस्था को लेकर अभी काफी काम किया जाना बाकी है।
2023 की नीति में पांच लाख रुपये तक मुआवजे का प्रावधान पंजाब सरकार ने 2023 में द पंजाब कंपनसेशन टू द विक्टिम्स ऑफ एनिमल अटैक्स एंड एक्सीडेंट्स पॉलिसी लागू की थी। इसमें पशु हमले या पशु के कारण हुए हादसे में मृत्यु होने पर पांच लाख रुपये तथा स्थायी दिव्यांगता की स्थिति में दो लाख रुपये तक मुआवजे का प्रावधान किया गया है। नीति में कुत्ते, बैल, घोड़े, गाय, बछड़े, सहित अन्य आवारा पशुओं को भी शामिल किया गया है। इससे पहले 12 अक्टूबर 2020 को पंजाब में Model Punjab Municipal (Registration, Proper Control of Stray Animals and Compensation to the Victim of Animal Attack) Bye-Laws, 2020 अधिसूचित किए गए थे। इनमें आवारा पशुओं के पंजीकरण, नियंत्रण, पकड़ने, रखने तथा पशु हमले से प्रभावित लोगों को मुआवजा देने संबंधी प्रावधान किए गए हैं।
हाईकोर्ट भी जता चुका है चिंता पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट ने जुलाई 2024 के एक मामले में आवारा पशुओं के कारण होने वाले हादसों पर चिंता जताते हुए शहरी स्थानीय निकायों को संबंधित उपनियमों का कड़ाई से पालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए थे। अदालत ने आवारा पशुओं को पकड़कर संबंधित गोशालाओं तक पहुंचाने की व्यवस्था पर भी जोर दिया था।ऐसे में मोगा में मृतक के परिवार को पांच लाख रुपये की राहत देना स्वागतयोग्य कदम है, लेकिन शहरवासियों का सवाल है कि मुआवजा देने के बजाय ऐसी व्यवस्था कब बनेगी, जिससे आवारा पशु सड़कों पर ही न पहुंचें। निगम को पशुओं की धरपकड़, सुरक्षित रखरखाव, गोशालाओं से समन्वय और नियमित निगरानी की व्यवस्था मजबूत करनी होगी। आखिर किसी परिवार को अपने सदस्य की जान गंवाने के बाद मुआवजे का इंतजार न करना पड़े, यही इस फैसले का वास्तविक उद्देश्य होना चाहिए।
📍 Location: मोगा