करनाल जिले में साइबर ठगी के तीन अलग-अलग मामले सामने आए हैं। ठगों ने तीन लोगों के बैंक खातों से कुल 7 लाख 22 हजार 227 रुपए निकाल लिए। एक मामले में मोबाइल फोन हैक होने के बाद यूपीआई से 1 लाख 91 हजार 878 रुपए निकाले गए। दूसरे में फोन हैक होने के बाद अलग
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तीसरे मामले में डेबिट कार्ड बनाने के नाम पर फोन करने के बाद बैंक खाते से 2 लाख 40 हजार रुपए निकल गए। साइबर क्राइम थाना करनाल ने तीनों मामलों में एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
मोबाइल हैक होने के दो दिन में 4 ट्रांजैक्शन
गांव ब्याना निवासी पंकज कुमार ने शिकायत में बताया कि उसके साथ बीती 15 और 16 सितंबर को ऑनलाइन साइबर फ्रॉड हुआ। शिकायत के अनुसार 15 सितंबर को दोपहर करीब 1:41 बजे उसका मोबाइल फोन अचानक हैक हो गया। इसके बाद उसकी जानकारी और अनुमति के बिना एसबीआई के खाते से यूपीआई के माध्यम से पैसे निकाल लिए गए।
पंकज के मुताबिक 15 सितंबर को दोपहर 1:41 बजे 95,878 रुपए का ट्रांजैक्शन हुआ। इसके बाद 16 सितंबर को दोपहर 3:16 बजे 56 हजार रुपये, 3:17 बजे 20 हजार रुपए और 3:24 बजे 20 हजार रुपए निकाले गए। चारों ट्रांजैक्शन की कुल राशि 1 लाख 91 हजार 878 रुपए है।
न मैसेज मिला, न पता चला फोन कैसे हैक हुआ
शिकायतकर्ता ने कहा कि उक्त सभी ट्रांजैक्शन उसने नहीं किए। खाते से पैसे कटने के संबंध में उसे पहले कोई जानकारी या संदेश भी नहीं मिला। उसे यह भी पता नहीं है कि उसका मोबाइल फोन किस प्रकार हैक हुआ और उसके बैंक खाते से किस व्यक्ति या व्यक्तियों ने पैसे निकाले।
पंकज ने साइबर पुलिस से मोबाइल फोन, यूपीआई ट्रांजैक्शन, बैंक खाते और संबंधित लाभार्थी खातों की जांच कर आरोपियों का पता लगाने की मांग की। साथ ही खाते से निकाली गई राशि को ट्रेस कर वापस दिलाने की कार्रवाई करने का अनुरोध किया। उसने जांच में पूरा सहयोग देने और बैंक स्टेटमेंट, ट्रांजैक्शन विवरण, मोबाइल से जुड़ी जानकारी व अन्य दस्तावेज उपलब्ध कराने की बात कही।

करनाल साइबर थाना पुलिस केस दर्ज कर मामले की जांच में जुटी है।
पंचकूला से आई जीरो एफआईआर
यह मामला जीरो एफआईआर के रूप में नोडल साइबर क्राइम पुलिस स्टेशन पंचकूला, हरियाणा से सीसीटीएनएस के जरिए करनाल थाने में प्राप्त हुआ था। शिकायत की जांच के बाद 18 सितंबर को साइबर क्राइम थाना करनाल में मुकदमा किया गया। मामले की जांच सब इंस्पेक्टर मुकेश कुमार कर रहे है।
अलग-अलग खातों से 2.90 लाख निकले
जुंडला गेट स्थित इंद्रा कॉलोनी निवासी अमित कुमार ने साइबर क्राइम थाना करनाल में शिकायत देकर बताया कि बीती 8 अगस्त को उसका फोन हैक हो गया था। इसके बाद उसके इंडियन बैंक और एसबीआई के खातों से अलग-अलग ट्रांजैक्शन के माध्यम से कुल 2 लाख 90 हजार 349 रुपए की राशि निकल गई।
शिकायत के अनुसार इंडियन बैंक खाते से 8 अगस्त को सुबह 9:38 बजे 35 हजार रुपए और 60 हजार रुपए निकाले गए। 9 अगस्त को इसी खाते से 70 हजार और 25 हजार रुपए के दो ट्रांजैक्शन हुए। एसबीआई खाते से 8 अगस्त को 10 हजार, 15 हजार और 20 हजार रुपए निकाले गए। 9 अगस्त को इसी खाते से 1,099 रुपए, 20 हजार, 20 हजार, 14 हजार और 250 रुपए के ट्रांजैक्शन हुए।
10 अगस्त को दी थी ऑनलाइन शिकायत
अमित कुमार ने बताया कि उसने इस साइबर फ्रॉड की ऑनलाइन शिकायत 10 अगस्त को की थी। उसने पुलिस से फ्रॉड की एफआईआर दर्ज कर तुरंत कार्रवाई करने का अनुरोध किया। दी गई शिकायत के आधार पर 18 सितंबर को मुकदमा दर्ज किया गया। अब पुलिस मामले की जांच कर रही है।
डेबिट कार्ड बनाने के नाम पर खाते से निकले 2.40 लाख
निसिंग निवासी जनक राज पुत्र सनमुख सिंह ने शिकायत में बताया कि बीती 10 सितंबर को उसके मोबाइल नंबर पर फोन आया। फोन करने वाले ने कहा कि उसका डेबिट कार्ड बनाना है। शिकायतकर्ता के अनुसार उसने फोन करने वाले व्यक्ति को कोई पहचान संबंधी दस्तावेज नहीं दिया, इसके बावजूद उसके बैंक खाते से 2 लाख 40 हजार रुपए निकल गए।
जनक राज के मुताबिक एसबीआई खाते से 10 सितंबर को 2 लाख 40 हजार रुपए का ट्रांजैक्शन हुआ।
केस दर्ज कर जांच में जुटी पुलिस
जनक राज ने बताया कि उसने मामले की ऑनलाइन शिकायत 18 सितंबर को दर्ज कराई थी। उसने पुलिस से फ्रॉड पर एफआईआर दर्ज कर तत्काल कार्रवाई करने की मांग की। यह शिकायत भी जीरो एफआईआर के रूप में नोडल साइबर क्राइम पुलिस स्टेशन पंचकूला से सीसीटीएनएस के जरिए प्राप्त हुई थी। 18 सितंबर को साइबर क्राइम थाना करनाल में मुकदमा दर्ज किया गया।
मामले की जांच एसआई मुकेश कुमार कर रहे है। पुलिस अब तीनों मामलों में बैंक खातों, ट्रांजैक्शन और संबंधित लाभार्थी खातों की जानकारी के आधार पर जांच आगे बढ़ाएगी।