मेदांता अस्पताल में सोनम वांगचुक ने 26 दिनों से चल रहा अपना आमरण अनशन गुरुवार आधी रात को गुरुग्राम के मेदांता अस्पताल में समाप्त कर दिया। केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा और डॉ. जितेंद्र सिंह ने उन्हें जूस पिलाकर अनशन तुड़वाया।
सोनम वांगचुक ने सरकार से 3 मांगों पर मिले आश्वासन के बाद समाप्त किया अपना अनशन।
- Published: 24 Jul 2026, 03:03 PM IST
- Last Updated: 24 Jul 2026, 03:06 PM IST
सोनम वांगचुक का अनशन खत्म: नीट (NEET) पेपर लीक और देश की परीक्षा प्रणाली में सुधार की मांग को लेकर पिछले 26 दिनों से आमरण अनशन पर बैठे प्रसिद्ध पर्यावरणविद और सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक ने गुरुवार देर रात अपना अनशन समाप्त कर दिया। गुरुग्राम के मेदांता अस्पताल के आईसीयू (ICU) में भर्ती वांगचुक को केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा और केंद्रीय राज्य मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह ने जूस पिलाकर अनशन तुड़वाया।
अनशन समाप्त होने के तुरंत बाद वांगचुक ने 2 मिनट 56 सेकेंड का एक वीडियो जारी कर इस फैसले के पीछे की वजह साझा की।
लिखित आश्वासन मिलने के बाद बनी बात
सोनम वांगचुक ने वीडियो संदेश में बताया कि वे मौखिक आश्वासन पर अनशन तोड़ने के पक्ष में नहीं थे। पिछले दो दिनों से सरकार के साथ कड़ा मोलभाव (Bargain) चल रहा था। सरकार द्वारा मांग पत्र पर लिखित सहमति देने के बाद ही उन्होंने जूस पीने का निर्णय लिया।
श्री सोनम वांगचुक जी ने केंद्र सरकार पर विश्वास जताते हुए अपना अनशन तोड़ा।
— Dr. Suheli Mehta (Modi Ka Parivar) (@drmehta2002) July 24, 2026
श्री सोनम वांगचुक जी ने केंद्रीय मंत्री श्री @JPNadda जी एवं केंद्रीय मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह जी से गुरुग्राम स्थित मेदांता अस्पताल में हुई मुलाकात के बाद अपना अनशन समाप्त कर दिया। pic.twitter.com/ch9sVS87PC
वीडियो में वांगचुक ने कहा, 65 से अधिक सांसदों ने हस्ताक्षर करके संसद में परीक्षा प्रणाली में पारदर्शिता पर चर्चा कराने का आश्वासन दिया है। सरकार की ओर से केंद्रीय मंत्रियों ने आकर लिखित पत्र सौंपा। 26 दिनों के बाद इस जूस का स्वाद बहुत अच्छा लग रहा है, लेकिन भूख का स्वाद भी बुरा नहीं होता।
सरकार और वांगचुक के बीच इन 3 मुद्दों पर बनी सहमति
केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा ने सरकार की ओर से जारी पत्र को पढ़कर सुनाया, जिसके तहत 3 प्रमुख मांगों पर सहमति बनी है:
- प्रदर्शनकारियों पर केस दर्ज नहीं होंगे: 20 जुलाई 2026 को संसद मार्च में शामिल हुए छात्रों और जंतर-मंतर पर शांतिपूर्ण प्रदर्शन करने वालों पर कोई प्राथमिकी (FIR) या पुलिस कार्रवाई नहीं की जाएगी।
- संसद में परीक्षा सुधार पर विस्तृत चर्चा: प्रतियोगी परीक्षाओं में धांधली रोकने, पेपर लीक के स्थायी समाधान और शैक्षणिक सुधारों पर आगामी संसद सत्र में विस्तृत चर्चा कराई जाएगी।
- आत्महत्या पीड़ितों को मुआवजा: नीट पेपर लीक से आहत होकर आत्महत्या करने वाले छात्रों के पीड़ित परिवारों को आर्थिक सहायता/मुआवजा देने पर सरकार सकारात्मक रूप से विचार करेगी।
धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे पर CJP और वांगचुक के रुख में भिन्नता
खबर के मुताबिक, जंतर-मंतर पर प्रदर्शन कर रही 'कॉकरोच जनता पार्टी' (CJP) और सोनम वांगचुक के रुख में अंतर देखने को मिला है। जहां CJP लगातार शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे पर अड़ी हुई है और इसे राजनीतिक मुद्दा बना रही है, वहीं सोनम वांगचुक ने अपने बयान में राजनीतिक इस्तीफे के बजाय छात्रों के भविष्य, सुधारों और पुलिस मुकदमों को वापस लेने को प्राथमिकता दी।
पूरी तरह स्वस्थ है सोनम वांगचुक का स्वास्थ्य
मेदांता अस्पताल के मेडिकल सुपरिटेंडेंट डॉ. संजय दुरानी के अनुसार, सोनम वांगचुक की स्थिति अब पूरी तरह से स्थिर (Stable) है और उनके सभी वाइटल साइंस (Vital Signs) सामान्य हैं। डॉक्टरों की एक विशेष मल्टी-डिसिप्लिनरी टीम उनके स्वास्थ्य पर लगातार नजर बनाए हुए है।
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