खंडवा जिले के हरसूद विकासखंड में यूरिया खाद की कथित कालाबाजारी और स्टॉक में बड़ी अनियमितता का मामला सामने आया है। कृषि विभाग की जांच के बाद छनेरा स्थित मेसर्स इनफिनिटी एग्रो के संचालक आयुष पांडे के खिलाफ हरसूद थाने में एफआईआर दर्ज की गई है। पुलिस ने
.
उर्वरक निरीक्षक एवं वरिष्ठ कृषि विकास अधिकारी गोरेलाल वास्कले ने बताया कि 8 जुलाई को सहायक संचालक कृषि जितेंद्र सिंह रावत और अन्य अधिकारियों ने दुकान का निरीक्षण किया था। जांच के दौरान ऑनलाइन रिकॉर्ड, पीओएस मशीन और गोदाम में मौजूद वास्तविक स्टॉक में बड़ा अंतर मिला। जांच रिपोर्ट के आधार पर 11 जुलाई को हरसूद थाने में शिकायत दी गई, जिसके बाद मामला दर्ज किया गया।
पीओएस में 172.26 मीट्रिक टन यूरिया, गोदाम खाली मिला
जांच में सामने आया कि पीओएस मशीन में विभिन्न कंपनियों की 3,828 बैग यानी 172.26 मीट्रिक टन यूरिया का स्टॉक दर्ज था, जबकि गोदाम में एक भी बैग नहीं मिला। वहीं, मध्यप्रदेश शासन की ई-विकास (E-Token) प्रणाली में 4,318 बैग यानी 194.31 मीट्रिक टन यूरिया का स्टॉक दर्ज था। डिजिटल रिकॉर्ड और वास्तविक स्टॉक में बड़ा अंतर पाया गया।
एसएसपी खाद के स्टॉक में भी मिली गड़बड़ी
कृष्णा फॉस्केम लिमिटेड की सिंगल सुपर फॉस्फेट (SSP) खाद के स्टॉक में भी अंतर मिला। पीओएस मशीन में स्टॉक शून्य था। जबकि ई-विकास पोर्टल पर 27.90 मीट्रिक टन और गोदाम में 9 मीट्रिक टन खाद मौजूद मिली। विभाग के अनुसार तीनों रिकॉर्ड समान होना चाहिए था।
जांच में कई अन्य अनियमितताएं भी मिलीं
निरीक्षण के दौरान बिना O Form के उर्वरक का व्यापार, किसानों को बिक्री बिल नहीं देना, स्टॉक रजिस्टर का संधारण नहीं करना, मूल्य सूची और स्टॉक बोर्ड प्रदर्शित नहीं करना, जरूरी दस्तावेज उपलब्ध नहीं कराना तथा पीओएस मशीन और ई-टोकन प्रणाली के अनुसार बिक्री दर्ज नहीं करना जैसी अनियमितताएं भी सामने आईं। स्टॉक में अंतर का संतोषजनक जवाब भी नहीं दिया गया।
इन धाराओं में दर्ज हुआ मामला
पुलिस ने उर्वरक (नियंत्रण) आदेश, 1985 की धारा 4, 5, 8 और 35 के उल्लंघन तथा आवश्यक वस्तु अधिनियम, 1955 की धारा 3 और 7 के तहत मामला दर्ज किया है।
हरसूद पुलिस का कहना है कि कृषि विभाग की जांच रिपोर्ट, पीओएस रिकॉर्ड, ई-विकास पोर्टल के डेटा और अन्य दस्तावेजों के आधार पर विवेचना की जा रही है। जांच में सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।