Published: Tuesday, September 15, 2026, 16:50 [IST]
जंतर-मंतर पर जुलाई में हुए विरोध प्रदर्शन के दौरान कथित मारपीट के मामले में स्वतंत्र भारद्वाज को दिल्ली की पटियाला हाउस कोर्ट से राहत मिली है। एडिशनल सेशंस जज सौरभ प्रताप सिंह लालेर ने उन्हें तीन सप्ताह की अंतरिम जमानत दी है। मामला 'कॉकरोच जनता पार्टी' यानी CJP की कार्यकर्ता नीशु आदाज के पिता संजय आदाज के साथ कथित मारपीट से जुड़ा है। हालांकि अंतरिम जमानत का मतलब यह नहीं है कि केस खत्म हो गया। आगे की सुनवाई में आरोपों और सबूतों पर अदालत विचार करेगी।
मामले के मुताबिक, जंतर-मंतर पर विरोध प्रदर्शन के दौरान CJP के एक किशोर कार्यकर्ता के पिता के साथ कथित तौर पर मारपीट हुई थी। घटना के बाद शिकायत दर्ज कराई गई। दिल्ली पुलिस ने जांच शुरू की और बाद में स्वतंत्र भारद्वाज को इस मामले में गिरफ्तार किया। गिरफ्तारी के बाद मामला पटियाला हाउस कोर्ट पहुंचा और उनकी जमानत याचिका पर सुनवाई हुई।
कोर्ट ने पुलिस से क्यों पूछा जातिसूचक गाली का सवाल?
सोमवार (15 सितंबर) की सुनवाई में जज सौरभ प्रताप सिंह लालेर ने दिल्ली पुलिस से सीधा सवाल किया कि घटना के दौरान क्या स्वतंत्र भारद्वाज ने शिकायतकर्ता को जातिसूचक गाली दी थी। पुलिस ने बताया कि पहली शिकायत में जातिसूचक गाली का कोई जिक्र नहीं था। बाद में दोबारा बयान दर्ज हुआ, जिसमें शिकायतकर्ता ने जातिसूचक गाली देने का आरोप लगाया। पुलिस ने इसी आधार पर मामले में एससी/एसटी एक्ट की धाराएं जोड़े जाने की बात अदालत को बताई।
शिकायतकर्ता के वकील ने गिरफ्तारी को सही क्यों बताया?
शिकायतकर्ता की तरफ से पेश वकील ने अदालत में कहा कि स्वतंत्र भारद्वाज की गिरफ्तारी में कोई कानूनी कमी नहीं थी। उनका कहना था कि आरोपी के खिलाफ एससी/एसटी एक्ट, पॉक्सो एक्ट समेत कई धाराओं में केस दर्ज है। ऐसे में गिरफ्तारी को गलत नहीं बताया जा सकता।
स्वतंत्र भारद्वाज को 4 सितंबर को बुलंदशहर में हिरासत में लिया गया था। इसके बाद उन्हें अदालत में पेश किया गया। 7 सितंबर को अदालत ने उन्हें 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया था। बाद में यह अवधि बढ़ाकर 21 सितंबर तक कर दी गई।
CJP ने गिरफ्तारी के लिए किया था प्रदर्शन
स्वतंत्र भारद्वाज की गिरफ्तारी की मांग को लेकर CJP ने संसद मार्ग थाने के बाहर प्रदर्शन भी किया था। प्रदर्शनकारियों ने जून में हुई घटना का हवाला देते हुए उनकी गिरफ्तारी की मांग की थी। गिरफ्तारी के बाद भारद्वाज को जज सौरभ प्रताप सिंह लालेर के आवास पर पेश किया गया। अदालत ने दिल्ली पुलिस की एक दिन की पुलिस रिमांड मंजूर की। इसके बाद उन्हें एक दिन की न्यायिक हिरासत में भेजा गया।
अब तीन सप्ताह की अंतरिम जमानत से स्वतंत्र भारद्वाज को फिलहाल राहत मिल गई है। लेकिन मारपीट, जातिसूचक गाली और एससी/एसटी एक्ट की धाराओं से जुड़े सवाल अभी अदालत के सामने बने हुए हैं। आगे की सुनवाई में पुलिस की जांच, शिकायतकर्ता के बयान और उपलब्ध साक्ष्य इस केस की दिशा तय करेंगे।