'हमसे आगे निकल रहा है इबोला’: महामारी से हर 30 मिनट में एक व्यक्ति की मौत

संयुक्त राष्ट्र के मानवीय सहायता मामलों के प्रमुख टॉम फ़्लैचर ने कहा, “काँगो लोकतांत्रिक गणराज्य में इबोला हमसे तेज़ी से आगे बढ़ रहा है. हमें अपनी कार्रवाई की रफ़्तार बढ़ानी होगी.”

महामारी से बढ़ती मौतों के बीच, शुक्रवार को उन्होंने इबोला से निपटने के लिए संयुक्त राष्ट्र के केन्द्रीय आपातकालीन प्रतिक्रिया कोष (CERF)से अतिरिक्त 3 करोड़ 5 लाख डॉलर जारी करने की घोषणा की. इससे पहले DRC और उसके पड़ोसी देशों के लिए 2 करोड़ 40 लाख डॉलर दिए जा चुके हैं.

संयुक्त राष्ट्र मानवीय सहायता कार्यालय (OCHA) ने प्रकोप से सबसे अधिक प्रभावित क्षेत्र में 20 अतिरिक्त कर्मचारियों को तैनात किया है. टॉम फ़्लैचर ने कहा कि संक्रमण को फैलने से रोकने के लिए और अधिक सहायता की ज़रूरत पड़ सकती है.

DRC में 15 मई को इबोला के बुंडिबुग्यो प्रकार के प्रकोप की घोषणा की गई थी. इससे अब तक 2,184 लोगों की मौत हो चुकी है, जो संक्रमित लोगों का लगभग 47 प्रतिशत है.

देश के 26 प्रान्तों में से छह में इबोला के मामले दर्ज हुए हैं, जबकि युगांडा में 20 मामले सामने आए हैं.

टॉम फ़्लैचर ने कहा, “यह एक चेतावनी है. वायरस के हमसे और आगे निकलने से पहले हमें तेज़ी से, बड़े पैमाने पर तथा एकजुट होकर कार्रवाई करनी होगी.”

WFP ने खाद्य सहायता बढ़ाई

संयुक्त राष्ट्र प्रवक्ता डैनिएला ग्रॉस ने शुक्रवार को बताया कि विश्व खाद्य कार्यक्रम (WFP) शनिवार से इतुरी व अन्य प्रान्तों के और अधिक इबोला उपचार केन्द्रों में गर्म भोजन उपलब्ध कराएगा.

नॉर्थ एंव साउथ कीवू प्रान्तों में लोग इबोला के साथ-साथ, काँगो सेना और रवांडा समर्थित M23 सशस्त्र समूह के बीच जारी हिंसक टकराव का भी सामना कर रहे हैं.

इतुरी प्रकोप का केन्द्र बना हुआ है. कुल 4,660 से अधिक मामलों में से 3,400 से अधिक मामले यहीं दर्ज हुए हैं.

पूर्वी DRC में 26 लाख लोग गम्भीर कुपोषण से जूझ रहे हैं, जिनमें आधे से अधिक इतुरी में हैं.

मई के अन्त से अब तक WFP ने इतुरी, नॉर्थ कीवू और साउथ कीवू के उपचार एवं पृथकवास केन्द्रों में 2 लाख 60 हज़ार से अधिक गर्म भोजन उपलब्ध कराए हैं.

शुक्रवार को संयुक्त राष्ट्र की अन्तर-एजेंसी स्थाई समिति की बैठक के बाद टॉम फ़्लैचर ने कहा कि दुनिया के प्रमुख मानवीय संगठनों ने इबोला से निपटने की कार्रवाई और बढ़ाने पर सहमति जताई है.

अधिक सहायता की ज़रूरत

डैनिएला ग्रॉस ने कहा कि DRC में लोगों की ज़रूरतें, इबोला से निपटने के मौजूदा प्रयासों से कहीं अधिक हैं और अतिरिक्त समर्थन की आवश्यकता है.

टॉम फ़्लैचर ने कहा कि लोगों की जान बचाने के लिए संयुक्त राष्ट्र और उसके साझीदारों को सुरक्षित एवं सम्मानजनक अन्तिम संस्कार करने वाली टीमों की संख्या दोगुनी करनी होगी, उपचार क्षमता तीन गुना बढ़ानी होगी और संक्रमित लोगों के सम्पर्क में आए लोगों की पहचान व निगरानी बेहतर करनी होगी. साथ ही, अधिक अनुभवी प्रबन्धकों को तैनात करने की भी ज़रूरत है.

उन्होंने कहा कि इबोला और वर्षों से जारी हिंसक टकराव से प्रभावित लोगों को पानी, स्वच्छता एवं स्वास्थ्य सेवाएँ उपलब्ध कराना भी जारी रखना होगा. कई सशस्त्र समूहों और सरकारी बलों के बीच जारी इन टकरावों के कारण इबोला से निपटने के प्रयास और मुश्किल हो रहे हैं.

खाद्य असुरक्षा से निपटने के लिए आवश्यक धनराशि का केवल 25 प्रतिशत ही उपलब्ध हो पाया है, इसलिए जीवनरक्षक खाद्य सहायता के लिए और वित्तीय सहयोग की ज़रूरत है.

टॉम फ़्लैचर ने कहा, “दुनिया को जागना होगा और मदद के लिए आगे आना होगा.”