Aug 05, 2026 10:33 am ISTलाइव हिन्दुस्तान
अगर आप iPhone 18 Pro Max खरीदने की सोच रहे हैं, तो अमेरिका से खरीदना आपकी जेब के लिए फायदेमंद हो सकता है। जानिए खरीदने से पहले किन बातों का ध्यान रखना चाहिए।

प्रीमियम iPhone अमेरिका में भारत से हजारों रुपये सस्ता मिल सकता है।
Apple की अगली फ्लैगशिप सीरीज iPhone 18 के लॉन्च में अभी कुछ वक्त बाकी है, लेकिन इसकी कीमत को लेकर चर्चाएं तेज हो गई हैं। खासतौर पर iPhone 18 Pro Max को लेकर सामने आई रिपोर्ट्स भारतीय ग्राहकों का ध्यान खींच रही हैं। माना जा रहा है कि भारत में इस फोन की कीमत अमेरिका के मुकाबले देश में करीब 30,000 रुपये या उससे ज्यादा हो सकती है। ऐसे में कई लोग यह सोच रहे हैं कि क्या फोन भारत से खरीदना बेहतर होगा या फिर अमेरिका से मंगाना ज्यादा फायदे का सौदा साबित होगा।
रिपोर्ट्स के मुताबिक Apple इस साल अपने Pro मॉडल्स की कीमतों में बढ़ोतरी कर सकता है। इसकी सबसे बड़ी वजह नए टेक की बढ़ती लागत, एडवांस चिपसेट, महंगे मेमोरी कॉम्पोनेंट्स और प्रोडक्शन कॉस्ट को माना जा रहा है। अगर अमेरिकी बाजार में कीमत बढ़ती है, तो भारतीय मार्केट में इसका असर और ज्यादा दिखाई दे सकता है क्योंकि यहां टैक्स और बाकी शुल्क भी फाइनल प्राइस में जुड़ जाते हैं।
इसलिए भारत में महंगे मिलते हैं iPhone
भारत में iPhone हमेशा से अमेरिका की तुलना में महंगे रहे हैं। इसका कारण सिर्फ डॉलर और रुपये का अंतर नहीं है। भारत में स्मार्टफोन पर लगने वाला GST, इम्पोर्ट ड्यूटी और अन्य टैक्स भी इसकी कीमत को बढ़ा देते हैं। इसके अलावा Apple अलग-अलग देशों के हिसाब से अपनी प्राइसिंग स्ट्रेटजी भी अपनाता है। यही वजह है कि अमेरिका में जिस मॉडल की कीमत कम दिखाई देती है, वही फोन भारत में हजारों रुपये महंगा हो जाता है।
क्या अमेरिका से फोन मंगाना बेहतर होगा?
अगर रिपोर्ट्स सही साबित होती हैं तो iPhone 18 Pro Max खरीदने वाले भारतीय ग्राहकों को अमेरिका की तुलना में कम से कम 30,000 रुपये अतिरिक्त खर्च करने पड़ सकते हैं। यही कारण है कि हर साल लॉन्च के बाद बड़ी संख्या में लोग अपने रिश्तेदारों या दोस्तों के जरिए अमेरिका से iPhone मंगवाना पसंद करते हैं। इससे खासकर Pro और Pro Max जैसे प्रीमियम मॉडल्स में अच्छी-खासी बचत हो जाती है।
हालांकि अमेरिका से iPhone खरीदने से पहले कुछ जरूरी बातों का ध्यान रखना चाहिए। अमेरिका में बिकने वाले नए iPhone मॉडल आमतौर पर eSIM-Only होते हैं, यानी उनमें फिजिकल SIM कार्ड लगाने का विकल्प नहीं मिलता। अगर आपका मोबाइल नेटवर्क eSIM को सपोर्ट करता है तो यह कोई बड़ी समस्या नहीं होगी, लेकिन खरीदने से पहले यह कन्फर्म करना जरूरी है।
इन बातों का आपको रखना होगा ध्यान
इसके अलावा वारंटी को लेकर भी सावधानी बरतनी चाहिए। Apple की इंटरनेशनल सर्विस कई मामलों में उपलब्ध रहती है, लेकिन सभी हार्डवेयर रिप्लेसमेंट या सर्विस हर देश में एक जैसे नियमों के साथ नहीं मिलती। इसलिए विदेश से फोन खरीदने से पहले वारंटी और सर्विस पॉलिसी की जानकारी लेना समझदारी होगा।
एक और महत्वपूर्ण पहलू कस्टम रूल्स हैं। अगर कोई व्यक्ति पर्सनल यूज के लिए फोन लेकर आता है तो कई मामलों में अलग नियम लागू हो सकते हैं, लेकिन बड़ी संख्या में डिवाइस लाने या कॉमर्शियल यूज के लिए इंपोर्ट करने पर कस्टम ड्यूटी लग सकती है। इसलिए सिर्फ कीमत देखकर फैसला लेने के बजाय कुल लागत और नियमों को भी समझना जरूरी है।
लेखक के बारे में
Pranesh Tiwari
प्राणेश वर्तमान में 'लाइव हिन्दुस्तान' में चीफ कंटेंट प्रोड्यूसर के रूप में कार्यरत हैं, जहां वे पिछले चार वर्षों से टेक्नोलॉजी सेक्शन का अहम हिस्सा हैं। खुद को दिल से लेखक और पेशे से पत्रकार मानने वाले प्राणेश के पास पत्रकारिता के क्षेत्र में आठ वर्षों से अधिक का अनुभव है। उन्होंने अपने पूरे करियर में साइंस और टेक्नोलॉजी की जटिलताओं को आम पाठकों के लिए सरल, सहज और रोचक भाषा में प्रस्तुत करने पर विशेष ध्यान दिया है।
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अब तक का सफर और उपलब्धियां
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चाहे वह किसी नए AI टूल की पड़ताल हो या किसी अनदेखी जगह की यात्रा.. प्राणेश का लक्ष्य हमेशा एक बेहतरीन कहानी बुनना ही होता है।
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