बेमेतरा जिला कांग्रेस कमेटी की ओर से गुरुवार को लोकतंत्र और मतदाता अधिकारों से जुड़े मुद्दों को लेकर ‘लोकतंत्र बचाओ’ पैदल मार्च निकाला गया। जिला कांग्रेस भवन से शुरू हुए मार्च में जिलाध्यक्ष आशीष छाबड़ा, पूर्व विधायक गुरुदयाल बंजारे समेत महिला कांग्र
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कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने भारत माता चौक से सदर रोड और शीतला मंदिर मार्ग होते हुए बाजार तक पैदल मार्च किया। यहां मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार के पुतले का दहन किया गया।

पुतला दहन के दौरान पुलिस से झूमाझटकी
पुतला दहन के दौरान कांग्रेस कार्यकर्ताओं और पुलिस के बीच झूमाझटकी हुई। पुलिसकर्मियों ने पुतले की आग बुझाने का प्रयास किया, जबकि कार्यकर्ता पुतले को घेरे खड़े रहे और उसे पूरा जलाने की कोशिश करते रहे। इस दौरान कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने नारेबाजी की। प्रदर्शन के दौरान पुलिस और कार्यकर्ताओं के बीच काफी देर तक खींचतान की स्थिति बनी रही।

अनुच्छेद 326 का किया सार्वजनिक वाचन
पैदल मार्च के दौरान कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने संविधान के अनुच्छेद 326 का सार्वजनिक वाचन किया। नेताओं ने कहा कि 18 वर्ष या उससे अधिक आयु के पात्र नागरिकों का मतदान अधिकार लोकतंत्र की बुनियाद है।
कांग्रेस नेताओं ने मतदाता सूची में बदलाव, चुनाव प्रक्रिया और SIR को लेकर सवाल उठाए और इन मुद्दों की निष्पक्ष एवं स्वतंत्र जांच की मांग की। यह प्रदर्शन कांग्रेस के देशव्यापी विरोध अभियान का हिस्सा है, जिसमें पार्टी चुनावी प्रक्रिया और मतदाता सूची से जुड़े मुद्दे उठा रही है।

जनता के वोट और संविधान के अधिकार से बड़ा कुछ नहीं
जिला कांग्रेस अध्यक्ष आशीष छाबड़ा ने कहा कि लोकतंत्र की असली ताकत जनता का वोट और उसका विश्वास है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस नेता राहुल गांधी लगातार मतदाता सूची और चुनाव प्रक्रिया से जुड़े सवाल उठा रहे हैं।
उन्होंने कहा कि इन आरोपों पर केवल राजनीतिक बहस के बजाय तथ्यों की स्वतंत्र और निष्पक्ष जांच होनी चाहिए। कांग्रेस मतदाता के अधिकार, संविधान और निष्पक्ष चुनाव प्रक्रिया से जुड़े मुद्दों को लोकतांत्रिक तरीके से उठाती रहेगी।

कांग्रेस ने दोहराया मतदाता अधिकारों की रक्षा का संकल्प
प्रदर्शन के दौरान कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने मतदाता अधिकार, संविधान और निष्पक्ष चुनाव प्रक्रिया की रक्षा का संकल्प दोहराया। बेमेतरा में हुए इस प्रदर्शन के साथ कांग्रेस ने चुनावी प्रक्रिया से जुड़े अपने सवालों को लेकर सरकार और निर्वाचन आयोग के समक्ष अपनी मांग रखी।