चित्तौड़गढ़ जिला कारागृह में बंद कैदियों तक नशे का सामान पहुंचाने की कोशिश प्रहरियों की सतर्कता से नाकाम हो गई। जेल की बाहरी दीवार के ऊपर लगी फेंसिंग में एक संदिग्ध पैकेट फंसा हुआ मिला। गश्त के दौरान प्रहरियों की नजर चमकीली पन्नी में लिपटे इस पैकेट प
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इसके बाद जेल अधिकारियों को सूचना दी गई और पैकेट को सावधानी से नीचे उतारा गया। जांच करने पर इसमें अफीम, गांजा और जर्दा मिला। शुरुआती जांच में सामने आया कि यह सामान जेल में बंद किसी कैदी तक पहुंचाने के उद्देश्य से बाहर से फेंका गया था।
मामले की सूचना कोतवाली पुलिस को दी गई और रात में मौके पर पहुंचकर पुलिस ने जांच की। इसके बाद कोतवाली थाने में अज्ञात व्यक्ति के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई।
अधीक्षक मुरली मनोहर बोले- सुरक्षा में लापरवाही नहीं होगी
जिला कारागृह अधीक्षक मुरली मनोहर सुथार ने बताया कि जेल की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर लगातार निगरानी रखी जा रही है। उन्होंने कहा कि इस घटना में प्रहरियों की सतर्कता के कारण बाहर से फेंका गया सामान जेल के अंदर पहुंचने से पहले ही पकड़ लिया गया।
उन्होंने बताया कि अगर कोई बाहरी व्यक्ति इस तरह से जेल के अंदर सामान पहुंचाने की कोशिश करेगा तो उसके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा कि जेल के अंदर नियमों का पालन सख्ती से कराया जा रहा है और सुरक्षा व्यवस्था को लगातार मजबूत किया जा रहा है।
गश्त के दौरान प्रहरियों की नजर पड़ी, अधिकारियों को दी सूचना
उन्होंने बताया कि दोपहर करीब 1 बजे जिला कारागृह में वार्ड-बी क्षेत्र में गश्त की जा रही थी। इसी दौरान प्रहरी नेमीचंद ने बैरक नंबर-7 के पास बने शौचालय के पीछे मुख्य दीवार पर चमकीली पन्नी में लिपटा एक संदिग्ध पैकेट देखा। उन्होंने इसकी जानकारी अंदर इंचार्ज श्रवण चौधरी को दी।
श्रवण चौधरी ने भी मौके से इस सामान को देखा और इसकी सूचना कारापाल लोकोज्जवल सिंह को दी। इसके बाद कारापाल मौके पर पहुंचे और प्रहरी भूपेंद्र सिंह व श्रवण चौधरी के साथ मिलकर सीढ़ी की मदद से दीवार तक पहुंचकर डंडे से पैकेट को नीचे गिराया गया।
पैकेट खोलने पर उसमें अलग-अलग छोटे पैकेट मिले। इनमें एक में अफीम जैसा पदार्थ, दूसरे में गांजा जैसा पदार्थ और साथ में जर्दा रखा हुआ था।

जांच में मिली अफीम, गांजा और जर्दा, पुलिस ने किया जब्त
पुलिस के मौके पर पहुंचने के बाद जेल कर्मचारियों की मौजूदगी में सामान की जांच की गई। जांच में एक जिप वाली पन्नी में हल्के भूरे रंग का लसलसा पदार्थ मिला, जिसे अफीम बताया गया। दूसरी छोटी पन्नी में भूरे रंग की पत्तियां, कलियां और बीज जैसे पदार्थ मिले, जिसे गांजा बताया गया।
तीसरे बड़े पैकेट में जर्दा मिला। पुलिस ने तीनों सामान को अलग-अलग सुरक्षित कर जब्त किया। इलेक्ट्रॉनिक कांटे से वजन करने पर पन्नी सहित अफीम का वजन 34 ग्राम, गांजे का वजन 13 ग्राम और जर्दे का वजन 109 ग्राम पाया गया। जब्त सामान को जांच के लिए सुरक्षित रखा गया है।
रात में पहुंची पुलिस टीम, रात को दर्ज हुई एफआईआर
घटना की जानकारी मिलने के बाद कोतवाली थाना पुलिस रात करीब 11 बजे जिला कारागृह पहुंची। रात का समय होने और जेल में प्रवेश की अनुमति प्रक्रिया के कारण पुलिस ने मौके पर पहुंचकर जेल प्रशासन से जानकारी ली और जरूरी कार्रवाई पूरी की। जेल कर्मचारियों को गवाह बनाया गया और सामान की जांच व जब्ती का पूरा रिकॉर्ड तैयार किया गया।
इसके बाद अज्ञात व्यक्ति के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि यह पैकेट किसने फेंका था और इसे जेल में किस तक पहुंचाने की कोशिश की जा रही थी।
इसके लिए जेल के आसपास के क्षेत्र और अन्य संभावित सुरागों की जांच की जा रही है।
प्रहरियों की सतर्कता से कैदियों तक नहीं पहुंच पाया सामान
इस पूरी कार्रवाई में जेलर लोकोज्जवल सिंह, डिप्टी जेलर रघुवीर सिंह, प्रहरी नेमीचंद, श्रवण चौधरी और भूपेंद्र सिंह की भूमिका रही। गश्त के दौरान समय पर नजर पड़ने से यह सामान जेल परिसर के अंदर नहीं पहुंच सका।