राजस्थान सरकार ने सड़कों की मरम्मत के लिए 387 करोड़ रुपये खर्च कर रही है, सीएम भजन लाल शर्मा के निर्देश के बाद प्रदेश के स्थानीय निकायों में सड़कों की स्थिति सुधारने के लिए अभियान चलाया जा रहा है.
Written By : मोहम्मद मोईन | Updated at : 29 Aug 2026 08:33 AM (IST)

मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा (फाइल फोटो)
Source : @RajCMO
मानसून के दौरान सड़कों पर बने गड्ढों से आमजन को परेशानी न हो, इसके लिए राजस्थान सरकार ने मरम्मत अभियान तेज कर दिया है. सीएम भजनलाल शर्मा के निर्देश के बाद प्रदेश के स्थानीय निकायों में सड़कों की स्थिति सुधारने के लिए विशेष अभियान चलाया जा रहा है. राज्य के 309 स्थानीय निकायों में से अब तक 166 निकायों में पैच रिपेयर का काम पूरा हो चुका है. वहीं 143 निकायों में काम अभी चल रहा है. सरकार का लक्ष्य बाकी काम भी 5 सितंबर तक पूरा करने का है.
अभियान के तहत सबसे बेहतर प्रदर्शन कोटा जोन का रहा है. यहां सभी 28 स्थानीय निकायों में स्वीकृत पैच रिपेयर का काम पूरा कर लिया गया है. बीकानेर में 37 में से 35 और जयपुर-द्वितीय जोन में 47 में से 43 निकायों में मरम्मत का काम पूरा हो चुका है.
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48 से 72 घंटे में गड्ढों की मरम्मत
सड़कों पर गड्ढों की पहचान के लिए नियमित सर्वे किया जा रहा है. गड्ढा मिलने के बाद उसे 48 से 72 घंटे के भीतर कोल्ड मिक्स या हॉट मिक्स से भरने का लक्ष्य रखा गया है. इसके साथ ही पूरे काम की डिजिटल निगरानी भी की जा रही है. ‘सुगम पथ पोर्टल’, जीपीएस फोटो और डिजिटल रिकॉर्ड के जरिए यह देखा जा रहा है कि किस जगह काम हुआ और उसकी प्रगति क्या है. इससे काम में देरी या लापरवाही होने पर संबंधित ठेकेदार की जवाबदेही तय की जा सकेगी.
387 करोड़ रुपये से सड़कों की मरम्मत
प्रदेश में करीब 2 लाख 12 हजार 556 किलोमीटर का सड़क नेटवर्क है. इनमें से 58 हजार 919 किलोमीटर सड़कें मरम्मत योग्य और 55 हजार 340 किलोमीटर सड़कें पेचेबल श्रेणी में हैं. इनके लिए सरकार ने अब तक 387 करोड़ रुपये मंजूर किए हैं. इनमें से करीब 175 करोड़ रुपये के काम पूरे किए जा रहे हैं और बाकी राशि से प्राथमिकता के आधार पर खराब सड़कों की मरम्मत की जा रही है.
नॉन-पैचेबल सड़कों पर भी काम
सरकार ने वर्ष 2026-27 में नॉन-पैचेबल सड़कों के लिए भी 2,055 नए काम मंजूर किए हैं. इनके तहत करीब 4,529 किलोमीटर सड़क शामिल है. इन कार्यों की अनुमानित लागत 1,262 करोड़ रुपये है और इनके लिए टेंडर भी आमंत्रित किए जा चुके हैं.
सरकार का कहना है कि मकसद सिर्फ मानसून में गड्ढे भरना नहीं, बल्कि प्रदेश में मजबूत, सुरक्षित और बेहतर सड़क नेटवर्क तैयार करना है. मानसून के दौरान सड़कों की लगातार निगरानी कर आमजन की सुविधा और सुरक्षा के लिए समय पर कार्रवाई की जा रही है.
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मोहम्मद मोईन को पत्रकारिता का करीब तीन दशक का अनुभव है. वह प्रिंट - इलेक्ट्रानिक और डिजिटल तीनों ही माध्यमों में सालों तक काम कर चुके हैं. ABP नेटवर्क से वह पिछले करीब 18 सालों, स्टार न्यूज़ के समय से ही जुड़े हुए हैं. राजनीति - धर्म और लीगल टापिक के साथ सम सामयिक विषयों के एक्सपर्ट हैं. पत्रकार होने के साथ ही राजनीतिक विश्लेषक, एक्सपर्ट पैनलिस्ट, आलोचक और टिप्पणीकार भी हैं. इनकी चुनावी भविष्यवाणी ज्यादातर मौकों पर सटीक साबित हुई है. 8 लोकसभा चुनाव और कई विधानसभा चुनाव कवर कर चुके हैं. 7 कुंभ और महाकुंभ की कवरेज कर अपनी अलग पहचान बनाई है. यह अपनी बेबाक- निष्पक्ष और तथ्यपरक पत्रकारिता के लिए जाने जाते हैं. मोहम्मद मोईन ने चार विषयों पत्रकारिता एवं जनसंचार, राजनीति विज्ञान, हिंदी और मध्यकालीन व आधुनिक इतिहास विषयों में मास्टर डिग्री यानी स्नातकोत्तर किया हुआ है. लॉ ग्रेजुएट भी हैं. देश के कई राज्यों में काम करने का अनुभव रखते हैं. देश की तमाम नामचीन हस्तियों का इंटरव्यू ले चुके हैं और कई चर्चित घटनाओं को कवर चुके हैं.
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Published at : 29 Aug 2026 08:33 AM (IST)
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