Time Published: Tuesday, October 6, 2026, 16:31 [IST]

वृंदावन में प्रेमानंद महाराज के शिष्य रसिक दुलारी शरण उर्फ दीपक लोधी की मौत का मामला लगातार उलझता जा रहा है। 25 सितंबर को गुरु कृपा कुंज परिसर की चार मंजिला इमारत से गिरने के बाद उनकी मौत हुई थी। शुरुआत में इसे आत्महत्या का मामला माना गया, लेकिन कमरे से मिला खून से सना ग्राइंडर, शरीर पर गंभीर चोट, प्राइवेट पर काटने का दावा और मौत से कुछ मिनट पहले का CCTV अब कई सवाल खड़े कर रहा है।

पुलिस ने उनका ब्लड सैंपल फोरेंसिक लैब भेजा है। यानी अब यह भी जांच हो रही है कि कहीं शरीर में कोई नशीला या साइकोएक्टिव पदार्थ तो मौजूद नहीं था। यहां साफ कर दें कि अभी तक ड्रग्स मिलने या आश्रम में ड्रग्स का कोई नेटवर्क चलने की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। इसी तरह मौत के पीछे किसी साजिश की भी पुलिस ने पुष्टि नहीं की है।

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हालांकि सोशल मीडिया पर इस बात की चर्चा है कि प्राइवेट पार्ट कटने के बाद कोई 4 मंजिल सीढ़ी चढ़कर कैसे जा सकता है। फिलहाल CCTV, फोरेंसिक रिपोर्ट, पोस्टमार्टम और लोगों के बयानों को जोड़कर जांच आगे बढ़ रही है।

बिना दर्द के 4 मंजिल चढ़ने का खौफनाक CCTV वीडियो

इस पूरे मामले में सबसे ज्यादा चौंकाने वाली बात रसिक दुलारी का वह व्यवहार है जो परिसर में लगे कैमरों में कैद हुआ। कमरे की तलाशी के दौरान कटर ग्राइंडर मशीन मिली थी। पोस्टमार्टम में खुलासा हुआ कि ग्राइंडर से उनका आधा प्राइवेट पार्ट कटा हुआ था। इतना गंभीर घाव होने और भारी खून बहने के बावजूद रसिक दुलारी के चेहरे पर दर्द की कोई शिकन तक नहीं दिख रही थी। वह खून से लथपथ कपड़ों में कमरे से बाहर निकले और बेहद सामान्य तरीके से सीढ़ियां चढ़ते हुए चौथी मंजिल पर पहुंच गए। वहां कुछ देर बैठने और लेटने के बाद अचानक नीचे कूद गए।

सामने आए नए CCTV वीडियो में वो कमरे से निकलकर सीढ़ियों की तरफ जाते दिख रहे हैं। सफेद हाफ कुर्ता और पीली धोती में, वो लड़खड़ाते हुए धोती ठीक करते हुए धीरे-धीरे गैलरी में बढ़ रहे हैं। उन्हें देखकर ऐसा लगता है कि शरीर में कहीं चोट तो लगी है लेकिन प्राइवेट पार्ट कटने के बाद जैसा दर्द नहीं दिख रहा।

25 सितंबर से अब तक 6 अक्टूबर तक 4 CCTV वीडियो लीक हो चुके हैं। पुलिस का कहना है कि फुटेज कहां से लीक हो रही है इसकी जांच की जा रही है। इस केस में मथुरा पुलिस ने अब तक आश्रम से जुड़े 30 से ज्यादा लोगों से पूछताछ कर चुकी है।

टॉक्सिकोलॉजी रिपोर्ट खोलेगी ड्रग्स का राज

इतने भीषण घाव के बाद भी बिना दर्द महसूस किए सीढ़ियां चढ़ने की इस अस्वाभाविक हरकत ने जांच अधिकारियों को भी हैरान कर दिया है। विशेषज्ञों का मानना है कि कोई व्यक्ति ऐसा कदम तभी उठा सकता है जब उसकी चेतना और दर्द सहने की ताकत पूरी तरह से सुन्न पड़ चुकी हो। इसी आशंका को देखते हुए मथुरा पुलिस ने रसिक दुलारी का ब्लड सैंपल फोरेंसिक और टॉक्सिकोलॉजी जांच के लिए लैब भेजा है।

इस जांच से साफ हो पाएगा कि क्या उनके शरीर में कोई साइकोएक्टिव ड्रग या नशीला पदार्थ मौजूद था जिसने उनके तंत्रिका तंत्र को बेअसर कर दिया था। अगर फोरेंसिक रिपोर्ट में किसी प्रतिबंधित नशीले पदार्थ की पुष्टि होती है, तो आश्रम की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े होंगे कि इस पावन स्थल के भीतर यह नशा कैसे पहुंचा।

आश्रम के कड़े नियम, फोन और बाहरी दुनिया से दूरी

जांच आगे बढ़ते ही आश्रम में रहने वाले साधकों के फोन और बाहरी संपर्कों से जुड़ी कड़ी व्यवस्थाएं भी पुलिस के रडार पर आ गई हैं। NDTV की रिपोर्ट में पुलिस सूत्रों के हवाले से मिली जानकारी के मुताबिक:

फोन जमा करने की व्यवस्था: साधक बनने के बाद पुराने व्यक्तिगत मोबाइल फोन जमा करा लिए जाते थे और आश्रम की ओर से नए मोबाइल व सिम कार्ड दिए जाते थे।

निगरानी और रिकॉर्ड: पुलिस अब इस बात की तहकीकात कर रही है कि इन नए सिम कार्डों का रिकॉर्ड किसके पास रहता था और क्या इनकी निगरानी की जाती थी।

सीमित बातचीत: साधकों को परिजनों और पुराने दोस्तों से बातचीत करने पर कई पाबंदियां थीं। पुलिस इस एंगल से भी जांच कर रही है कि कहीं रसिक दुलारी किसी भारी मानसिक तनाव या डिप्रेशन में तो नहीं थे।

क्या रसिक दुलारी मानसिक दबाव में थे?

पुलिस अब सिर्फ घटना वाली सुबह पर फोकस नहीं कर रही। उनके साथ रहने वाले लोगों और परिवार के सदस्यों से भी पूछताछ की जा रही है। पुलिस यह जानना चाहती है कि रसिक दुलारी का व्यवहार पिछले कुछ समय में कैसा था और उनकी मानसिक स्थिति को लेकर किसी ने कुछ महसूस किया था या नहीं।

जांच में सामने आई जानकारी के मुताबिक उनके साथ रहने वाले लोगों ने उन्हें शांत स्वभाव का बताया है। ऐसे में पुलिस यह भी देख रही है कि क्या किसी तरह का मानसिक दबाव, तनाव या निजी परेशानी उनकी मौत से जुड़ी थी।
एक और सवाल परिवार से जुड़े संपर्क का है। पुलिस यह जानने की कोशिश कर रही है कि रसिक दुलारी अपने परिवार और पुराने परिचितों से कितने संपर्क में थे। परिवार के लोगों से भी बयान लिए जा रहे हैं।

संतों ने मांगी प्रेमानंद महाराज के लिए Z+ सिक्योरिटी, भू-माफिया की साजिश की आशंका

घटना के बाद वृंदावन के साधु-संतों ने उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को पत्र भेजकर संत प्रेमानंद महाराज के लिए जेड प्लस (Z+) सुरक्षा की मांग की है। संतों ने आशंका जताई है कि आश्रम के भीतर दो गुट बन चुके हैं और कुछ लोग भू-माफियाओं के साथ मिलकर जमीनों के अवैध कारोबार में लगे हैं।

ऐसे में रसिक दुलारी की इस रहस्यमयी मौत के पीछे किसी बड़े षड्यंत्र से इनकार नहीं किया जा सकता। फिलहाल पुलिस सीसीटीवी फुटेज, पोस्टमार्टम रिपोर्ट और टॉक्सिकोलॉजी नतीजों का मिलान कर गुत्थी सुलझाने में जुटी है।

अब तीन रिपोर्ट खोलेंगी मौत का राज

इस केस में अब तीन चीजें सबसे ज्यादा अहम हो गई हैं।

पहला: CCTV फुटेज। इससे पता चलेगा कि कमरे से निकलने के बाद रसिक दुलारी ने क्या किया और चौथी मंजिल तक कैसे पहुंचे।

दूसरा: FSL और टॉक्सिकोलॉजी रिपोर्ट। इससे पता चलेगा कि उनके शरीर में कोई नशीला पदार्थ या दूसरी दवा मौजूद थी या नहीं।

तीसरा : पोस्टमार्टम और फोरेंसिक सबूत। इससे चोटों की प्रकृति और घटनाक्रम को समझने में मदद मिलेगी।

फिलहाल पुलिस ने किसी ड्रग्स नेटवर्क, हत्या या साजिश की पुष्टि नहीं की है। इसलिए इस मामले में सबसे बड़ा सवाल अभी भी यही है कि 25 सितंबर की सुबह रसिक दुलारी के कमरे में आखिर क्या हुआ था और गंभीर चोट के बाद वह चौथी मंजिल तक कैसे पहुंचे। इन सवालों का जवाब CCTV और फोरेंसिक रिपोर्ट आने के बाद ही ज्यादा साफ हो पाएगा।