सीवान के लोगों के लिए बड़ी स्वास्थ्य सुविधा की शुरुआत हुई है। बुधवार को सीवान के मॉडल सदर अस्पताल में चार बेड वाले मॉडर्न आईसीयू (इंटेंसिव केयर यूनिट) का शुभारंभ किया गया।
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राज्यस्तरीय कार्यक्रम के तहत वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से उद्घाटन किया गया। इस अवसर पर जिला पदाधिकारी विवेक रंजन मैत्रेय, उपविकास आयुक्त अमिताभ सिंह, सिविल सर्जन डॉ. श्रीनिवास प्रसाद, अस्पताल के चिकित्सक एवं स्वास्थ्यकर्मी मौजूद रहे।


विभिन्न अस्पतालों के साथ सीवान के ICU का भी उद्घाटन
पटना से मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी और स्वास्थ्य मंत्री निशांत कुमार ने राज्य के विभिन्न अस्पतालों के साथ सीवान के ICU का भी उद्घाटन किया।
इस नई सुविधा के शुरू होने से अब जिले के गंभीर मरीजों को बेहतर इलाज के लिए पटना, गोरखपुर या निजी अस्पतालों का रुख नहीं करना पड़ेगा। इससे इलाज में होने वाली देरी कम होगी और मरीजों को आर्थिक राहत भी मिलेगी।
अत्याधुनिक जीवनरक्षक सुविधाएं उपलब्ध
नवनिर्मित आईसीयू को आधुनिक चिकित्सा उपकरणों से लैस किया गया है। यहां वेंटिलेटर, मल्टी-पैरा मॉनिटर, सेंट्रल ऑक्सीजन पाइपलाइन, सक्शन मशीन और इमरजेंसी रिस्पॉन्स सिस्टम जैसी अत्याधुनिक जीवनरक्षक सुविधाएं उपलब्ध हैं।
अस्पताल प्रशासन ने इसके सुचारु संचालन के लिए चौबीसों घंटे डॉक्टरों और नर्सिंग स्टाफ की तैनाती की है।
अलग-अलग शिफ्टों में 24 घंटे तैनाती सुनिश्चित
आईसीयू के संचालन के लिए एक नोडल पदाधिकारी नियुक्त किया गया है, जो प्रतिदिन इसकी कार्यप्रणाली की निगरानी करेंगे। वहीं तीन शिफ्टों में चिकित्सकों की ड्यूटी लगाई गई है। इसके अलावा जीएनएम एवं नर्सिंग स्टाफ की भी अलग-अलग शिफ्टों में 24 घंटे तैनाती सुनिश्चित की गई है, ताकि किसी भी गंभीर मरीज को तत्काल उपचार मिल सके।
जिलाधिकारी विवेक रंजन मैत्रेय ने बताया कि प्रशिक्षित चिकित्सकों और आधुनिक उपकरणों की उपलब्धता से अब हार्ट अटैक, ब्रेन स्ट्रोक, गंभीर सड़क दुर्घटना, सांस संबंधी गंभीर बीमारी, जहर खाने तथा मल्टी ऑर्गन फेलियर जैसे मामलों का इलाज जिले में ही संभव होगा।
आवश्यक दवाओं का पर्याप्त भंडारण भी किया
उन्होंने कहा कि अब तक आईसीयू की सुविधा नहीं होने के कारण ऐसे मरीजों को प्राथमिक उपचार के बाद पीएमसीएच या निजी अस्पतालों में रेफर करना पड़ता था, जिससे कई बार मरीजों की हालत रास्ते में बिगड़ जाती थी।
अस्पताल प्रशासन ने आईसीयू में भर्ती होने वाले मरीजों के लिए आवश्यक दवाओं का पर्याप्त भंडारण भी किया है। यदि किसी मरीज को विशेष दवा की जरूरत होगी तो उसे आयुष्मान भारत योजना के तहत उपलब्ध कराने की व्यवस्था की गई है।