रीढ़ की हड्डी से जुड़ी बीमारियों के इलाज में तेजी से हो रहे तकनीकी बदलावों, आधुनिक सर्जरी और नई उपचार पद्धतियों पर मंथन के लिए भोपाल में पहली बार राष्ट्रीय स्तर की स्पाइन कॉन्फ्रेंस होने जा रही है।

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भोपाल स्पाइन रिसर्च सोसाइटी द्वारा एसोसिएशन ऑफ स्पाइन सर्जन्स ऑफ इंडिया के तत्वावधान में इन्स्ट्रक्शनल कोर्स इन स्पाइन-2026 का आयोजन 21 से 23 अगस्त तक किया जाएगा। सम्मेलन का मुख्य आयोजन ताज लेकफ्रंट होटल में होगा, जबकि एम्स भोपाल और एलएनएमसी में विभिन्न कार्यशालाएं आयोजित की जाएंगी।

इस तीन दिवसीय सम्मेलन की थीम ‘ट्रांसफॉर्मिंग स्पाइन ट्रॉमा एंड डिजेनरेटिव मैनेजमेंट : एविडेंस टू एक्सीलेंस’ रखी गई है। इसमें देशभर के वरिष्ठ स्पाइन सर्जन के साथ जर्मनी, सिंगापुर और कोरिया के विशेषज्ञ भी शामिल होंगे। आयोजकों के मुताबिक सम्मेलन में करीब 400 से 450 स्पाइन विशेषज्ञ और डेलीगेट्स शामिल होंगे।

एंडोस्कोपी, नेविगेशन और रोबोटिक सर्जरी पर खास फोकस

सम्मेलन में स्पाइन सर्जरी के क्षेत्र में तेजी से उभर रही एंडोस्कोपिक सर्जरी, नेविगेशन सिस्टम और रोबोटिक स्पाइन सर्जरी पर विशेष सत्र होंगे। विशेषज्ञ बताएंगे कि इन तकनीकों का उपयोग किन मरीजों में किस तरह किया जा सकता है और इनके जरिए सर्जरी को अधिक सटीक और कम इनवेसिव कैसे बनाया जा रहा है।

इसके अलावा लंबर और सर्वाइकल डिजेनरेटिव डिजीज, स्पाइनल ट्रॉमा, स्पाइनल डिफार्मिटी और रीढ़ की हड्डी के संक्रमण जैसे गंभीर विषयों पर भी विशेषज्ञ अपने अनुभव और शोध साझा करेंगे। आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और यूनिलेटरल बाइपार्टल एंडोस्कोपी जैसी आधुनिक तकनीकों पर भी चर्चा होगी।

एम्स में सर्जिकल वर्कशॉप, एलएनएमसी में हैंड्स-ऑन ट्रेनिंग

21 अगस्त को एम्स भोपाल में सर्जिकल वर्कशॉप आयोजित की जाएगी। इसमें अंतरराष्ट्रीय विशेषज्ञ लाइव सर्जिकल तकनीकों और आधुनिक प्रक्रियाओं की जानकारी देंगे। जर्मनी के डा. क्लास जान स्नेक, सिंगापुर के डा. हे ह्वी वेंग डेनिस और कोरिया के डा. चोई इल समेत कई अंतरराष्ट्रीय विशेषज्ञ इसमें हिस्सा लेंगे।

23 अगस्त को हैंड्स-ऑन वर्कशॉप आयोजित होगी। इसमें करीब 50 डेलीगेट्स और 25 फैकल्टी शामिल होंगे। प्रतिभागियों को आधुनिक स्पाइन सर्जरी तकनीकों का व्यावहारिक प्रशिक्षण दिया जाएगा।

नॉलेज अपडेट प्रोग्राम’ की तरह काम करेगा सम्मेलन

कंसल्टेंट स्पाइन सर्जन और असिस्टेंट प्रोफेसर डा. राघवेंद्र रघुवंशी ने बताया कि भोपाल स्पाइन रिसर्च सोसाइटी पहली बार मध्यप्रदेश में राष्ट्रीय स्तर की स्पाइन कॉन्फ्रेंस आयोजित कर रही है।

इसका उद्देश्य प्रदेश के स्पाइन सर्जन और देश-विदेश के विशेषज्ञों के बीच नई तकनीकों और उपचार पद्धतियों का ज्ञान साझा करना है। उन्होंने कहा कि विदेशों और देश के बड़े अस्पतालों में इस्तेमाल हो रही नई तकनीकों की जानकारी मध्यप्रदेश के स्पाइन सर्जन तक पहुंचे, यही सम्मेलन का प्रमुख उद्देश्य है। इसे एक तरह का नॉलेज अपडेट प्रोग्राम कहा जा सकता है, जिससे डॉक्टरों को स्पाइन के क्षेत्र में हो रहे नए बदलावों की जानकारी मिलेगी और इसका फायदा भविष्य में मरीजों के इलाज में भी मिल सकेगा।