अररिया में भारत-नेपाल सीमा से जुड़े गांजा तस्करी नेटवर्क के खिलाफ पुलिस ने बड़ी कार्रवाई की है। कुर्साकाटा थाना पुलिस ने गुप्त सूचना के आधार पर कुर्साकाटा मवेशी हाट के पास घेराबंदी कर एक बोलेरो पिकअप से करीब 481 किलोग्राम गांजा बरामद किया है।
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मौके से एक कथित तस्कर को गिरफ्तार किया गया, जबकि पुलिस को देखकर पिकअप का चालक फरार हो गया। पुलिस ने वाहन और मोबाइल फोन भी जब्त किया है।
गिरफ्तार आरोपी की पहचान सचिन कुमार (26 वर्ष), निवासी सिकटी, जिला अररिया के रूप में बताई गई है। पुलिस अब इस तस्करी के पीछे सक्रिय नेटवर्क और गांजे की खेप के आगे-पीछे के संपर्कों का पता लगाने में जुटी है।

गुप्त सूचना पर घेराबंदी, चालक फरार
अररिया एसडीपीओ सुशील कुमार के अनुसार, गुरुवार सुबह पुलिस को सूचना मिली थी कि गांजे की बड़ी खेप कुर्साकाटा के रास्ते गुजरने वाली है।
सूचना से वरीय अधिकारियों को अवगत कराने के बाद कुर्साकाटा थाना पुलिस की टीम ने मवेशी हाट के पास घेराबंदी की। इसी दौरान एक बोलेरो पिकअप को रोकने का प्रयास किया गया।
पुलिस की कार्रवाई देखकर चालक वाहन से कूदकर फरार हो गया, जबकि उसमें बैठे खलासी को पकड़ लिया गया। तलाशी के दौरान वाहन से करीब 481 किलोग्राम गांजा जैसा पदार्थ बरामद हुआ।
पुलिस ने बोलेरो पिकअप (रजिस्ट्रेशन नंबर BR 11 GG 4119), बरामद मादक पदार्थ और एक मोबाइल फोन जब्त किया है।
नेपाल से खेप लाकर छोटे वाहनों से सप्लाई का संदेह
एसडीपीओ सुशील कुमार ने बताया कि पिछले कुछ महीनों से भारत-नेपाल सीमा पर एनडीपीएस एक्ट के तहत कार्रवाई तेज की गई है। तस्करी के संभावित हॉटस्पॉट चिह्नित किए गए हैं।
पुलिस के अनुसार, तस्करी का तरीका नेपाल के कुछ इलाकों से गांजा लाकर सीमा पार कराना और फिर छोटे चारपहिया वाहनों के जरिए आसपास के क्षेत्रों में पहुंचाना है।
उन्होंने बताया कि इससे पहले सिकटी में 600 किलोग्राम, कुर्साकाटा में 400 किलोग्राम, जुलाई में 350 किलोग्राम और अगस्त में 250 किलोग्राम गांजा बरामद किया गया था।
नेटवर्क के खुलासे पर पुलिस की नजर
इस कार्रवाई का नेतृत्व कुर्साकाटा थानाध्यक्ष कर रहे थे। एसडीपीओ ने पुलिस टीम के कार्य की सराहना करते हुए बताया कि बेहतर कार्रवाई के लिए टीम को पुरस्कृत करने की अनुशंसा पुलिस अधीक्षक से की जाएगी।
फिलहाल पुलिस गिरफ्तार आरोपी से पूछताछ के साथ तस्करी के बैकवर्ड और फॉरवर्ड लिंक खंगाल रही है। अधिकारियों के मुताबिक, जांच के आधार पर आने वाले दिनों में इस नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की गिरफ्तारी भी संभव है।