दुनिया भर में STEM एजुकेशन को बढ़ावा देने की कोशिशें हो रही हैं. इसमें भारत भी शामिल है. भारत में STEM एजुकेशन के विस्तार के लिए इससे लड़कियों को जोड़ने पर काम जा रही है. इसी कड़ी में IITs में लड़कियों के लिए सीटें आरक्षित की गई हैं. इन सभी प्रयासों के बीच देश के सरकारी स्कूलों में साइंस एजुकेशन का इंफास्ट्रक्चर खस्ता हाल है. मसलन, देश के 49 फीसदी सेकेंडरी सेक्शन स्कूलों में साइंस लैब ही नहीं है. राज्यों की बात करें तो साइंस लैब स्थापित करने में राजस्थान और बिहार देश में सबसे फिसड्डी है. ये जानकारी सरकार की तरफ से संसद में दी गई है.
आइए, पूरा मामला विस्तार से जानते हैं. जानते हैं कि देश के सरकारी सेकेंडरी स्कूलों में साइंस लैब को लेकर सरकार ने संसद में क्या जानकारी दी है.
51.1 फीसदी सरकारी स्कूलों में साइंस लैब
केंद्रीय शिक्षा राज्य मंत्री जयंत चौधरी ने बीते दिन संसद में देश के सरकारी सेकेंडरी स्कूलों में साइंस लैब की स्थिति स्पष्ट की है. एक सवाल के जवाब में उन्होंने सरकारी स्कूलों के इंफास्ट्रक्चर के बारे में बताया है. केंद्रीय शिक्षा राज्य मंत्री जयंत चौधरी ने बताया कि एकेडमिक सेशन 2023-24 में देश के 50.2 फीसदी सरकारी सेकेंडरी स्कूलाें में साइंस लैब थी. तो वहीं एकेडमिक सेशन 2024-25 में देश के 50.7 फीसदी सरकारी सेकेंडरी स्कूलाें में साइंस लैब थी, जबकि एकेडमिक सेशन 2025-26 में देश के 50.1 फीसदी सरकारी सेकेंडरी स्कूलाें में साइंस लैब थी. इस तरह समझें तो देश के 49 फीसदी से अधिक सरकारी स्कूलों में साइंस लैब नहीं है.
राजस्थान के 79 फीसदी स्कूलों में नहीं साइंस लैब, बिहार का भी ये ही हाल
केंद्रीय शिक्षा राज्य मंत्री जयंत चौधरी की तरफ से संसद में साझा की गई जानकारी के अनुसार सरकारी सेकेंडरी स्कूलों में साइंस लैब स्थापित करने वाले राज्यों में राजस्थान और बिहार सबसे फिसड्डी हैं. सरकार की तरफ से संसद में दी गई जानकारी के अनुसार एकेडमिक सेशन 2025-26 में राजस्थान के 20.9 फीसदी सरकारी सेकेंडरी स्कूलों में साइंस लैब दर्ज की गई हैं. तो वहीं बिहार के 22.9 फीसदी स्कूलों में ही साइंस लैब हैं. जो देश में दूसरे सबसे निचले स्तर पर हैं. इसके बाद निचले स्तर से तीसरे नंबर पर गुजरात का नाम है, जहां 29.2 फीसदी स्कूलाें में ही साइंस लैब दर्ज की गई है. वहीं वेस्ट बंगाल के 29.6 फीसदी सरकारी सेकेंडरी स्कूलों में साइंस लैब दर्ज की गई हैं.
दिल्ली सबसे अव्वल
सरकार की तरफ से संसद में दी गई जानकारी के अनुसार सरकारी सेकेंडरी स्कूलों में साइंस लैब स्थापित करने में दिल्ली सबसे अव्वल है, जिसके तहत एकेडमिक सेशन 2025-26 में दिल्ली के 99.6 फीसदी स्कूलों में साइंस लैब दर्ज की गई है. इसके बाद गोवा है, जहां 89.4 फीसदी साइंस लैब दर्ज की गई है. तीसरे नंबर पर पंजाब है, जहां 82.8 फीसदी स्कूलों में साइंस लैब दर्ज की गई है.

मनोज भट्ट
पत्रकारिता में एक दशक से अधिक समय से सक्रिय. नवोदय टाइम्स, दैनिक जागरण, हिंदुस्तान में लंबे समय तक फील्ड रिपोर्टिंग. कई मुद्दों व खबरों को लीड किया, जो चर्चा में रही. अभी तक पंचायत, कृषि, प्राथमिक से लेकर उच्च शिक्षा, राजनीति, पर्यावरण, स्वास्थ्य, चुनाव, बिजनेस से जुड़े विषयों पर काम किया है और इनमें लेखन की दिलचस्पी है.
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