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आशीष कुमार श्रीवास्तव | रायबरेली2 घंटे पहले
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रायबरेली के बरखापुर गांव में प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) के तहत बनाए गए बहुमंजिला आवास प्रशासनिक अनदेखी की भेंट चढ़ गए हैं। गरीब परिवारों को छत देने के उद्देश्य से करोड़ों रुपये खर्च कर बनाए गए फ्लैट्स करीब पांच साल बाद भी खाली पड़े हैं और अब धीरे-धीरे खंडहर में तब्दील होते जा रहे हैं।
रायबरेली विकास प्राधिकरण (RDA) की ओर से बनाए गए इन आवासों में अब तक एक भी पात्र लाभार्थी को कब्जा नहीं मिल सका है। देखरेख के अभाव में सरकारी संपत्ति जर्जर हो रही है, जबकि जिन गरीब परिवारों के लिए यह योजना बनाई गई थी, वे आज भी अपने आशियाने का इंतजार कर रहे हैं।

30 वर्ग मीटर के फ्लैट, 4.50 लाख में हुआ था निर्माण
बरखापुर में बनाए गए प्रत्येक फ्लैट का क्षेत्रफल करीब 30 वर्ग मीटर है। इसमें एक बेडरूम, लॉबी, किचन, स्नानघर और टॉयलेट की सुविधा दी गई थी। अधिकारियों के अनुसार एक फ्लैट के निर्माण पर करीब 4.50 लाख रुपये खर्च हुए थे, जबकि लाभार्थियों के लिए इसकी कीमत 2 लाख रुपये निर्धारित की गई थी। आवेदन और बुकिंग की प्रक्रिया पूरी होने के बाद भी इन आवासों में गरीब परिवारों को बसाया नहीं जा सका।
दरारों में बदल रही दीवारें, उखड़ने लगीं सीढ़ियां
लंबे समय तक खाली पड़े रहने और रखरखाव न होने के कारण फ्लैट्स की हालत खराब हो चुकी है। इमारतों के खंभों में दरारें दिखाई देने लगी हैं। सीढ़ियां टूट रही हैं और दीवारों का प्लास्टर भी जगह-जगह से उखड़ रहा है। इसके अलावा परिसर में बिजली, पानी, सीवर और पक्की सड़क जैसी मूलभूत सुविधाएं भी पूरी तरह विकसित नहीं हो सकीं। सुविधाओं के अभाव में लाभार्थी यहां रहने से वंचित हैं।

फ्लैट्स में अवैध कब्जा, गोदाम और पशु बांधने का काम
खाली पड़े इन आवासों पर अब दबंगों और असामाजिक तत्वों की नजर पड़ गई है। कई कमरों में अवैध रूप से सामान रखा जा रहा है और उन्हें गोदाम की तरह इस्तेमाल किया जा रहा है। कुछ कमरों में मवेशी भी बांधे जा रहे हैं। लावारिस पड़े परिसर में अराजक तत्वों और नशेड़ियों की आवाजाही से आसपास रहने वाले लोग भी परेशान हैं। स्थानीय लोगों ने सुरक्षा को लेकर चिंता जताई है।
लाभार्थियों ने की सुविधाएं पूरी कर कब्जा देने की मांग
लाभार्थियों और स्थानीय निवासियों ने प्रशासन से मामले में तत्काल कार्रवाई की मांग की है। उनका कहना है कि सरकार की महत्वपूर्ण योजना के तहत बने आवासों को जल्द से जल्द रहने योग्य बनाया जाए। लोगों ने मांग की है कि बिजली, पानी, सीवर और अन्य जरूरी सुविधाओं के लिए बजट जारी कर पात्र गरीब परिवारों को उनके आवास सौंपे जाएं, ताकि सरकारी संपत्ति को बर्बाद होने और अवैध कब्जों से बचाया जा सके।
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