Frequent Urination at Night: रात में यूरिन करने के लिए बार-बार उठना सेहत के लिहाज से अच्छा नहीं है। ये कुछ बीमारियों के शुरुआती संकेत हो सकते हैं।

urination at night

रात में बार-बार पेशाब आने के कारण।

  • Published: 02 Aug 2026, 04:02 PM IST
  • Last Updated: 02 Aug 2026, 04:02 PM IST

Frequent Urination at Night: रात में एक-दो बार पेशाब के लिए उठना कई बार सामान्य माना जाता है, लेकिन अगर यह समस्या रोजाना होने लगे और आपकी नींद बार-बार टूटने लगे तो इसे नजरअंदाज करना भारी पड़ सकता है। मेडिकल भाषा में इसे नोक्ट्यूरिया कहा जाता है। यह सिर्फ बढ़ती उम्र की समस्या नहीं, बल्कि शरीर में छिपी कई गंभीर बीमारियों का शुरुआती संकेत भी हो सकती है।

अगर रात में बार-बार यूरिन आने के साथ ज्यादा प्यास लगना, पैरों में सूजन, पेशाब में जलन, कमजोरी या अचानक वजन कम होना जैसे लक्षण भी दिखाई दें तो तुरंत डॉक्टर से जांच करानी चाहिए। समय रहते कारण का पता चल जाए तो कई गंभीर बीमारियों का इलाज शुरुआती चरण में ही संभव हो सकता है।

इन गंभीर बीमारियों की हो सकती है शुरुआत

डायबिटीज
बार-बार पेशाब आना डायबिटीज का सबसे आम शुरुआती लक्षण माना जाता है। जब ब्लड शुगर का स्तर बढ़ जाता है तो शरीर अतिरिक्त ग्लूकोज को पेशाब के जरिए बाहर निकालने की कोशिश करता है। इसके कारण रात में कई बार बाथरूम जाना पड़ सकता है। यदि इसके साथ अधिक प्यास लगना, भूख बढ़ना और वजन कम होना जैसे लक्षण भी हों तो तुरंत ब्लड शुगर की जांच करवानी चाहिए।

किडनी से जुड़ी बीमारी
किडनी शरीर से अतिरिक्त पानी और विषैले पदार्थों को बाहर निकालने का काम करती है। यदि किडनी ठीक से काम नहीं कर रही हो तो पेशाब का पैटर्न बदल सकता है। रात में बार-बार पेशाब आना, पैरों में सूजन, थकान और हाई ब्लड प्रेशर जैसी समस्याएं किडनी रोग का संकेत हो सकती हैं। समय पर जांच से किडनी डैमेज को बढ़ने से रोका जा सकता है।

प्रोस्टेट ग्रंथि का बढ़ना (पुरुषों में)
50 वर्ष से अधिक उम्र के पुरुषों में प्रोस्टेट ग्रंथि का बढ़ना एक सामान्य लेकिन गंभीर कारण हो सकता है। बढ़ी हुई प्रोस्टेट यूरिन ब्लैडर पर दबाव डालती है, जिससे बार-बार पेशाब की इच्छा होती है। यदि पेशाब शुरू करने में कठिनाई, कमजोर धार या पेशाब के बाद भी ब्लैडर पूरी तरह खाली न होने का एहसास हो तो यूरोलॉजिस्ट से सलाह लेना जरूरी है।

मूत्र मार्ग संक्रमण
यूरिनरी ट्रैक्ट इंफेक्शन यानी UTI के कारण भी रात में बार-बार पेशाब आ सकता है। इसके साथ पेशाब करते समय जलन, बदबू, दर्द या हल्का बुखार भी हो सकता है। महिलाओं में यह समस्या पुरुषों की तुलना में अधिक देखने को मिलती है। संक्रमण का समय पर इलाज न होने पर यह किडनी तक भी पहुंच सकता है।

हार्ट फेलियर या हृदय संबंधी समस्या
दिल की कार्यक्षमता कम होने पर दिनभर पैरों में जमा अतिरिक्त तरल पदार्थ रात में लेटने के बाद रक्त प्रवाह में वापस आता है। किडनी इस अतिरिक्त तरल को पेशाब के रूप में बाहर निकालती है, जिससे रात में बार-बार यूरिन आने लगता है। यदि इसके साथ सांस फूलना, पैरों में सूजन या जल्दी थकान महसूस हो तो तुरंत हृदय रोग विशेषज्ञ से संपर्क करना चाहिए।

कब डॉक्टर से जरूर मिलें?

  • रात में दो से अधिक बार नियमित रूप से पेशाब के लिए उठना।
  • पेशाब में जलन, खून या तेज दर्द होना।
  • अत्यधिक प्यास और अचानक वजन कम होना।
  • पैरों में सूजन या सांस लेने में तकलीफ।
  • कई सप्ताह तक समस्या लगातार बनी रहना।

बचाव के आसान उपाय

  • सोने से 2-3 घंटे पहले अधिक तरल पदार्थ पीने से बचें।
  • कैफीन और शराब का सेवन सीमित करें।
  • ब्लड शुगर और ब्लड प्रेशर को नियंत्रित रखें।
  • नियमित स्वास्थ्य जांच कराएं।
  • किसी भी दवा का सेवन डॉक्टर की सलाह के अनुसार करें।

(Disclaimer: इस आर्टिकल में दी गई सामग्री सिर्फ जानकारी के लिए है। हरिभूमि इनकी पुष्टि नहीं करता है। किसी भी सलाह या सुझाव को अमल में लेने से पहले किसी विशेषज्ञ/डॉक्टर से परामर्श जरूर लें।)

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लेखक: (कीर्ति)

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