नर्मदापुरम जिले में झील पिपरिया गांव में सांप के काटने के 20 दिन बाद महिला राधाबाई अब स्वस्थ है। उसे दो मिनट में पांच बार सांप ने डस लिया था। पहले झाड़–फूंक के लिए ले गए।
.
हालत बिगड़ने पर अस्पताल ले जाया गया। यहां डॉक्टरों ने 40 मिनट में 10 और 24 घंटे में 35 एंटी-स्नेक वेनम (ASV) इंजेक्शन देकर जान बचा ली। जहर के असर से सूजी उंगली का ऑपरेशन भी करना पड़ा।
उसे जिला अस्पताल से डिस्चार्ज भी कर दिया गया है। दैनिक भास्कर की टीम मुख्यालय से करीब 20 किलोमीटर दूर गांव पहुंची। यहां महिला राधाबाई, उसके पति सुखरात और डॉ. देवेंद्र अहिरवार से बात कर पूरा घटनाक्रम जाना।

महिला ने बताया कि सफाई करते समय उसे सांप ने काटा था।
किचन में सफाई के दौरान काटा
झील पिपरिया की रहने वाली राधाबाई अहिरवार ने बताया कि 13 जुलाई की दोपहर करीब 12:30 बजे थे। खाना बनाने के बाद घर के किचन में झाड़ू लगा रही थी। अलमारी में बर्तन के बीच करीब पांच फीट लंबा काला सांप बैठा दिखा।
इससे पहले कुछ समझ पाती, उसने अचानक पहले दाएं हाथ की हथेली में काटा। हाथ झटकते ही उसने फिर काट लिया। इस तरह पंजे और हथेली में डेढ़ से दो मिनट में पांच बार डस लिया। हर बार हाथ झटकती थी, लेकिन सांप दोबारा हमला कर देता था। बेहोश होकर वहीं गिर पड़ी।
पहले झाड़-फूंक... फिर अस्पताल
पति सुखराम ने बताया कि राधाबाई को अस्पताल ले जाने के बजाय गांव में झाड़-फूंक कराने पहुंच गए। करीब 1 बजे झाड़–फूंक कराने वाले के पास पहुंचे। उसने देखते ही हाथ उठा लिए।
इधर, जहर भी अपना असर दिखा रहा था। आंखें भारी और सांस लेने में तकलीफ होने लगी। परिवार उन्हें दोपहर करीब 2:10 मिनट पर पिपरिया सिविल अस्पताल लेकर पहुंचा। इलाज भी शुरू हुआ।
ड्यूटी डॉ. देवेंद्र ठाकुर ने बताया कि अस्पताल पहुंचने तक महिला की आंखें बंद हो चुकी थीं, जहर तेजी से शरीर में फैल रहा था। सांस लेने में भी परेशानी हो रही थी।

महिला पिछले दिनों से अस्पताल में भर्ती थी। उसे कुछ दिन पहले ही डिस्चार्ज किया गया है।
40 मिनट में दिए 10 इंजेक्शन, 24 घंटे में लगे 35
डॉ. ठाकुर के मुताबिक 2:50 मिनट पर मरीज की गंभीर स्थिति को देखते हुए पहले 40 मिनट में 10 एंटी-स्नेक वेनम इंजेक्शन लगाए गए। अगले 24 घंटे में कुल 35 इंजेक्शन दिए गए। इनमें 25 एंटी-स्नेक वेनम (ASV) और 10 एट्रोपिन इंजेक्शन शामिल थे।
इलाज के बाद महिला की हालत में सुधार आया। हालांकि जहर के असर से हाथ की एक अंगुली में सूजन बनी रही। इसके बाद जिला अस्पताल रेफर किया गया, जहां ऑपरेशन किया गया।
मजदूरी बंद, परिवार ने मांगी मदद
राधाबाई के पति सुखराम अहिरवार मजदूरी करते हैं। परिवार में एक बेटी है, जो पांचवीं में पढ़ती है। घटना के बाद राधाबाई काम पर नहीं जा पा रह, जिससे परिवार की आर्थिक स्थिति प्रभावित हुई है। दंपती ने प्रशासन से आर्थिक सहायता की मांग की है।

डॉक्टरों के मुताबिक करीब 40 मिनट में 10 इंजेक्शन दिए गए।
डॉक्टर बोले– झाड़-फूंक में समय न गंवाएं
डॉ. देवेंद्र ठाकुर ने कहा कि बारिश में सांप निकलने की घटनाएं बढ़ जाती हैं। ऐसे में घर की सफाई या पुराने सामान को हटाते समय सावधानी बरतनी चाहिए।
- सांप काटने के बाद मरीज को ज्यादा चलने-फिरने न दें।
- झाड़-फूंक में समय बर्बाद करने के बजाय अस्पताल लेकर पहुंचें।
- एंटी-स्नेक वेनम (ASV) मिलने से मरीज की जान बचाई जा सकती है।