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हाइब्रिड एन्युटी मॉडल पर 1,757.55 करोड़ की लागत से बनने वाले विदिशा-भोपाल 44.83 किमी लंबे 4-लेन में पाइपलाइन शिफ्टिंग और भू-अर्जन की कार्रवाई शुरू हो गई है। भोपाल के भानपुर टी-जंक्शन से सांची बायपास तक बनने वाले इस फोरलेन हाइवे से विदिशा शहर को भी जोड़ने की तैयारी चल रही है।
पुराने अग्रवाल एकेडमी के पास से विदिशा के स्वामी विवेकानंद चौराहे से होते हुए ढोलखेड़ी चौराहे तक 14 किमी लंबी एप्रोच रोड भी बनाई जाएगी। इसमें रोड के बीच में डिवाइडर और स्ट्रीट लाइट भी लगेंगी। 14 किमी लंबी एप्रोच रोड बनने से विदिशा से भोपाल तक लोगों की सीधी कनेक्टिविटी हो जाएगी। विदिशा विधायक मुकेश टंडन का कहना है कि एप्रोच रोड का काम जल्द ही शुरू कराया जाएगा। बेरखेड़ी चौराहा बायपास: 1.35 किमी सलामतपुर बायपास: 5.10 किमी सूखी सेवनिया बायपास: 1.80 किमी
15 गांवों की 128 एकड़ जमीन का होगा अधिग्रहण भूमि अधिग्रहण की इस प्रक्रिया के तहत रायसेन जिले के सांची जनपद क्षेत्र के 15 गांवों की लगभग 128 एकड़ कृषि और अन्य भूमि अधिग्रहित की जाएगी। सबसे खास और राहत की बात यह है कि प्रभावित किसानों को उनकी जमीन का मुआवजा सरकारी गाइडलाइन दर से चार गुना अधिक दिया जाएगा। मध्यप्रदेश रोड डेवलपमेंट कॉरपोरेशन के वरिष्ठ अधिकारी सांची जनपद के प्रभावित गांव दीवानगंज, सेमरा, सुनारी, सलामतपुर, कचनारिया, रातातलाई और ढकना-चपना में पहुंचकर ग्रामीणों और किसानों से सीधे संवाद कर रहे हैं। उन्हें अधिग्रहण प्रक्रिया, मुआवजे के आकलन, मुआवजे के भुगतान की पूरी जानकारी दी जा रही है।
भू-अर्जन की कार्रवाई चल रही है, अब चौड़ीकरण होगा ^विदिशा-भोपाल 4-लेन हाईवेके लिए किसानों की जमीन का अधिग्रहण चल रहा है। किसानों को जानकारी दी जा रही है। भू-अर्जन की कार्रवाई पूरी होने के बाद हाइवे को चौड़ा करने का काम शुरू होगा। इससे पहले रोड किनारे बिछी पाइपलाइनें और बिजली के पोल शिफ्ट कराए जाएंगे। -ईश्वर सिंह चंदाली, जीएम, एमपीआरडीसी, भोपाल
1757.55 करोड़ की लागत, 140 करोड़ भू-अर्जन के लिए रखे यह पूरी परियोजना हाइब्रिड एन्युटी मॉडल (एचएएम) पर आधारित है। इसकी कुल स्वीकृत लागत 1,757 करोड़ 55 लाख है। इसके तहत वर्तमान में मौजूद दो-लेन सड़क को पेव्ड शोल्डर के साथ फोरलेन मार्ग के रूप में विकसित किया जाएगा। राज्य सरकार ने ग्रामीण क्षेत्रों में भूमि अधिग्रहण और मुआवजा वितरण के लिए 140 करोड़ का अतिरिक्त बजट प्रावधानित किया है। इससे किसानों को किसी भी तरह की आर्थिक समस्या का सामना नहीं करना पड़ेगा।
घनी आबादी वाले कस्बों को भारी वाहनों के शोर, प्रदूषण, तेज रफ्तार के खतरों से बचाने के लिए सड़क योजना में 8.25 किलोमीटर लंबे 3 आधुनिक बायपास भी शामिल किए गए हैं।