सेउटा (उत्तम हिन्दू न्यूज): उत्तरी अफ्रीका में स्थित स्पेन के छोटे से एन्क्लेव सेउटा (Ceuta) में पिछले कुछ घंटों में एक अभूतपूर्व संकट पैदा हो गया है। महज कुछ ही घंटों के भीतर करीब 50 से 60 हजार प्रवासियों की अचानक हुई घुसपैठ ने न सिर्फ स्पेन बल्कि पूरे यूरोप की नींद उड़ा दी है। सीमा पार करने की इस अंधी दौड़ ने भीषण त्रासदी का रूप ले लिया है, जिसमें अब तक 57 लोगों की मौत हो चुकी है। हालात इतने बेकाबू हो गए हैं कि इटली ने स्पेन के साथ अपनी खुली सीमाएं सील कर दी हैं और अमेरिका ने भी इसे एक अंतरराष्ट्रीय खतरे के रूप में देखा है। हालांकि, स्पेनिश सुरक्षा बलों की सख्ती और सेउटा में खाने-पीने की भारी किल्लत के बाद अब हजारों प्रवासी खुद ही मोरक्को की तरफ वापस लौटने को मजबूर हो गए हैं।
भगदड़ और डूबने से 57 की गई जान, सीमा पर भारी तनाव
स्पेनिश सरकार के प्रतिनिधियों के अनुसार, सेउटा बॉर्डर पर तार की बाड़ और समंदर के रास्ते घुसने की कोशिश में दर्जनों लोगों ने अपनी जान गंवा दी है। स्पेन की सीमा में अब तक 57 शव बरामद किए जा चुके हैं, जिनमें से ज्यादातर की मौत समंदर में डूबने या बॉर्डर की दीवार (ब्रेकवॉटर) पर चढ़ते समय कुचलने से हुई है। मोरक्को की तरफ भी कैजुअल्टी की भारी आशंका जताई जा रही है। हालात को संभालने के लिए मोरक्को की पुलिस ने दंगा-रोधी उपकरणों के साथ लाठीचार्ज किया और आंसू गैस के गोले छोड़े। इस दौरान भीड़ के साथ हिंसक झड़प भी हुई, जिसमें जली हुई बस और कारों के अवशेष साफ गवाही दे रहे हैं कि स्थिति कितनी भयानक थी।
यूरोप में पड़ी दरार: इटली ने सस्पेंड किया शेंगेन समझौता
इस अकल्पनीय घुसपैठ ने पूरे यूरोपीय संघ (EU) में एक बड़ी बहस और कूटनीतिक दरार पैदा कर दी है। इटली ने कड़ा कदम उठाते हुए स्पेन के साथ बिना बॉर्डर चेकिंग वाले ‘शेंगेन समझौते’ को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। इसका सीधा असर दोनों देशों के बीच हवाई और समुद्री यात्रा करने वालों पर पड़ेगा। स्पेन ने इटली के इस कदम को कड़ा ऐतराज जताते हुए यूरोपीय संघ की संधियों का उल्लंघन बताया है। वहीं, फ्रांस के गृह मंत्री ने भी शनिवार तक स्पेनिश सीमा पर पुलिस की तैनाती पांच गुना बढ़ाने और ट्रेनों व हवाई निगरानी को सख्त करने का ऐलान कर दिया है।
स्पेनिश पीएम का दौरा, ट्रंप और राइट-विंग ने बोला तीखा हमला
स्पेन के प्रधानमंत्री पेड्रो सांचेज़ ने शुक्रवार को हालात का जायजा लेने के लिए सेउटा का दौरा किया, जहां उन्हें प्रदर्शनकारियों के भारी विरोध का सामना करना पड़ा। उन्होंने इस मास-क्रॉसिंग को स्पेन की संप्रभुता का उल्लंघन बताते हुए मोरक्को के सहयोग से प्रवासियों को वापस भेजने की प्रक्रिया तेज कर दी है। दूसरी तरफ, यूरोपीय दक्षिणपंथी दलों और अमेरिकी नेताओं ने इस संकट के लिए स्पेन की उदार आव्रजन नीतियों (अम्नेस्टी पॉलिसी) को जिम्मेदार ठहराया है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने इसे ‘आक्रमण’ करार देते हुए चेतावनी दी है कि अगर अमेरिका में रिपब्लिकन सत्ता में नहीं आए, तो वहां के हालात स्पेन से भी बदतर हो जाएंगे। अमेरिकी विदेश विभाग ने भी स्पेन सरकार की नीतियों को इस घुसपैठ की मुख्य वजह बताया है।
खाने को मोहताज हुए प्रवासी, शुरू की वापसी
स्पेनिश सेना की मुस्तैदी और बुनियादी सुविधाओं की किल्लत के कारण अब घुसपैठियों के हौसले पस्त होने लगे हैं। स्पेन के गृह मंत्रालय के मुताबिक, गुरुवार सुबह से घुसे लगभग 50,000 लोगों में से 48,300 शुक्रवार शाम तक वापस मोरक्को लौट चुके हैं। सेउटा में फंसे एक युवक ने बताया कि वह पांच घंटे तैरकर सीमा पार पहुंचा था, लेकिन वहां न खाना है और न ही सिर छिपाने की जगह। कई दिनों से भूखे-प्यासे प्रवासियों का कहना है कि वे यहां आकर बुरी तरह फंस गए हैं और अब अपनी मर्जी से टूटी हुई बाड़ और चेकपोस्ट के रास्तों से वापस अपने घर मोरक्को लौट रहे हैं।
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