Sep 08, 2026 04:07 pm ISTलाइव हिन्दुस्तान, कोलकाता

CM Suvendu Adhikari: सोमवार को मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने बुज़ुर्गों, विधवाओं और दिव्यांगों की कैटगरी में पेंशन पाने वाले 82 लाख लोगों के बैंक खातों में बढ़ी हुई रकम ट्रांसफर की।

पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी और राज्य के वित्त मंत्री स्वप्न दासगुप्ता।
इसी साल हुए पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनावों में भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने अपने चुनावी घोषणा पत्र में वृद्धावस्था, विधवा और दिव्यांगों की सामाजिक सुरक्षा पेंशन राशि को बढ़ाकर दोगुना करने यानी मौजूदा राशि 1,000 से बढ़ाकर 2,000 रुपये प्रतिमाह करने का वादा किया था लेकिन राज्य में जब शुभेंदु अधिकारी की अगुवाई में भाजपा की सरकार बन गई तो पहली बार जो पेशन बढ़कर आई है, उससे लोगों को निराशा हाथ लगी है। दरअसल, सोमवार को बढ़कर आए पेंशन में सरकार ने वादा के मुताबिक इजाफा नहीं किया और दोगुना पेंशन की बाट जोह रहे लोगों को सिर्फ 50 फीसदी की बढ़ोत्तरी से ही संतोष करना पड़ा है।
सोमवार (7 सितंबर) को मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने बुज़ुर्गों, विधवाओं और दिव्यांगों की कैटगरी में पेंशन पाने वाले 82 लाख लोगों के बैंक खातों में बढ़ी हुई रकम ट्रांसफर की। उन्होंने कहा कि इस बढ़ोतरी से राज्य के खजाने पर हर साल 6,000 करोड़ रुपये का अतिरिक्त बोझ पड़ेगा। मुख्यमंत्री ने नबन्ना में एक कार्यक्रम में कहा, “पिछली सरकार के कार्यकाल में वित्तीय गड़बड़ियों, राजस्व के नुकसान और केंद्र सरकार की योजनाओं में शामिल न होने के कारण राज्य का खजाना मुश्किल में है। इस नुकसान की भरपाई में कम से कम एक साल लगेगा। इसीलिए हम चुनाव से पहले किए गए वादे के मुताबिक पेंशन नहीं बढ़ा पा रहे हैं।”
CM ने दिया एक भरोसा भी
विधानसभा चुनाव से पहले, बीजेपी ने घोषणा की थी कि अगर पार्टी सत्ता में आती है तो राज्य में बुज़ुर्गों, विधवाओं और दिव्यांगों के लिए पेंशन योजना की राशि दोगुनी कर दी जाएगी लेकिन सोमवार को सरकार ने घोषणा की कि लाभार्थियों को अब 1,000 रुपये प्रति माह के बजाय 1,500 रुपये प्रति माह ही मिलेंगे। हालांकि, मुख्यमंत्री ने उम्मीद जताई और घोषणा की कि समय के साथ पेंशन राशि में और बढ़ोतरी की जाएगी। उन्होंने कहा कि वित्तीय बाधाओं के कारण सरकार राशि को दोगुना नहीं कर पा रही है।
वेटिंग लिस्ट को रद्द कर दिया गया है
इस मौके पर मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने कहा कि नई सरकार ने पिछली सरकार द्वारा तैयार की गई वेटिंग लिस्ट को रद्द कर दिया है और 'जन कल्याण शिविर' के माध्यम से पेंशन योजना के तहत नए आवेदन स्वीकार करने को मंजूरी दे दी है। उन्होंने कहा, “जो पात्र लोग पेंशन नहीं पा रहे थे, उन्हें नवंबर के अंत या दिसंबर की शुरुआत में आयोजित होने वाले 'जन कल्याण शिविरों' के माध्यम से लाभ के लिए आवेदन करने का मौका मिलेगा। पिछली सरकार के कार्यकाल में पेंशन योजना के लाभार्थियों के नामों की जो वेटिंग लिस्ट बनाई गई थी, उसे रद्द कर दिया गया है।”
25,000 लाभार्थी अपात्र पाए गए
उन्होंने कहा कि राज्य लाभार्थियों की मौजूदा सूची की जांच कर रहा है क्योंकि ऐसी शिकायतें थीं कि कई अपात्र लोगों को योजना में शामिल किया गया था। मुख्य सचिव मनोज अग्रवाल ने कहा, "शहरी इलाकों में 4.43 लाख लाभार्थी हैं और अब तक उनमें से 60 फीसदी की जांच की जा चुकी है। लगभग 25,000 लाभार्थी अपात्र पाए गए। इसी तरह, ग्रामीण इलाकों में भी लगभग 5 लाख लाभार्थी अपात्र पाए गए।" मुख्यमंत्री ने कहा कि 'जन कल्याण शिविरों' के माध्यम से आवेदन करने वाले पात्र आवेदकों के नाम जल्द से जल्द सूची में शामिल किए जाएंगे।