
बिलासपुर पथराव में 50 से ज्यादा पर FIRImage Credit source: PTI/ANI
छत्तीसगढ़ के बिलासपुर शहर में हुए कथित धार्मिक हिंसा और पथराव के साथ बवाल के मामले में पुलिस ने बड़ी कार्रवाई की है. मामले में 50 से अधिक लोगों के खिलाफ FIR दर्ज की गई है. इनमें दोनों पक्षों के लोगों के खिलाफ नामजद FIR भी की गई है. बलवा, धारा 307 और 191 समेत अन्य धाराओं के तहत मामला दर्ज कर पुलिस ने जांच तेज कर दी है. इस दौरान बिलासपुर शहर के कलेक्टर संजय अग्रवाल और बिलासपुर शहर के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक रजनीश सिंह सड़कों पर उतरकर कानून व्यवस्था बनाए रखने में अपनी पूरी ताकत झोंकते हुए नजर आ रहे हैं.
पुलिस CCTV फुटेज, ड्रोन कैमरों से मिले वीडियो और सोशल मीडिया पर लगातार नजर रख रही है. इनसे मिले डिजिटल साक्ष्यों के आधार पर पथराव, मारपीट और तोड़फोड़ में शामिल लोगों की पहचान सुनिश्चित कर उनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी. पुलिस सोशल मीडिया पर प्रसारित पोस्ट, वीडियो, ऑडियो और संदेशों को भी जांच के दायरे में ले रही है.
भड़काऊ भाषण और संदेशों पर भी कार्रवाई
बवाल के दौरान माहौल भड़काने वाले भाषण, ऑडियो-वीडियो और सोशल मीडिया संदेशों की भी जांच की जा रही है. पुलिस यह पता लगा रही है कि किसी व्यक्ति ने भीड़ जुटाने, लोगों को उकसाने या बलवा कराने के लिए कोई प्रयास किया था या नहीं.
इसी क्रम में हिंदू संगठन के कथित नेता द्वारा कथित तौर पर भड़काऊ भाषण, ऑडियो-वीडियो और संदेशों के जरिए बलवा कराने या माहौल बिगाड़ने के प्रयास की भी पुलिस जांच करेगी. जांच में आरोप सही पाए जाने पर संबंधित व्यक्ति के खिलाफ भी कानूनी कार्रवाई की जाएगी. पुलिस का कहना है कि किसी भी पक्ष के दोषी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा. फिलहाल शहर में स्थिति नियंत्रित है और संवेदनशील क्षेत्रों में पुलिस बल तैनात कर लगातार निगरानी की जा रही है.
क्या है पूरा मामला?
दरअसल, सोशल मीडिया पर एक कथित पोस्ट को लेकर दो पक्षों के बीच विवाद छिड़ गया. शुरू में यह निजी मामला कुछ ही मिनटों में हिंसा में बदल गया. विवाद बढ़ने पर दोनों गुटों के सदस्यों ने एक-दूसरे पर ईंट-पत्थर फेंके. देखते ही देखते हंगामा मच गया और माहौल तनावपूर्ण हो गया. उपद्रवियों ने पास के घरों, दुकानों और कोतवाली पुलिस स्टेशन में भी तोड़फोड़ की. इसके बाद स्थिति अचानक बेकाबू हो गई और पुलिस को पत्थरबाजों को काबू करने में काफी मशक्कत करनी पड़ी. इस हिंसा में पुलिस अधिकारियों समेत कई अन्य लोग भी घायल हुए हैं.
ये भी पढ़ें: देश और संविधान का अपमान बर्दाश्त नहींभड़काऊ बयान पर धामी ने दिखाई सख्ती

अमित मिश्रा
छत्तीसगढ़ से आने वाले अमित मिश्रा ने पत्रकारिता की शुरुआत रायगढ़ नवभारत से की. उसके बाद राजधानी रायपुर आकर कुशाभाऊ ठाकरे पत्रकारिता विश्वविद्यालय से इलेक्ट्रॉनिक मीडिया में एमएससी की पढ़ाई की. फिर स्वराज एक्प्रेस से इलेक्ट्रॉनिक मीडिया में जमीनी पत्रकारिता की शुरुआत की. क्राइम और राजनीतिक खबरों में विशेष रुचि के साथ लंबे समय तक काम किया. स्थानीय न्यूज प्लेटफॉर्म्स जैसे INH 24, LALLURAM और सहारा समय में बतौर सीनियर रिपोर्टर काम करने का मौका मिला. इसके बाद टीवी9 भारतवर्ष से जुड़े. अमित मिश्रा का करीब 15 सालों का समय पत्रकारिता में बीत चुका है. इस बीच नक्सल क्षेत्रों की ग्राउंड रिपोर्टिंग, छत्तीसगढ़ सरकारों में उठा पटक, मध्यप्रदेश में कमलनाथ की सरकार गिरने और भाजपा की सरकार बनने की पूरी पॉलिटिकल उठा पटक जैसी विशेष स्थिति में रिपोर्टिंग की जिम्मेदारी संभाल चुके हैं.
Read More