Jabalpur News: मध्य प्रदेश के जबलपुर और सिवनी में लोकायुक्त पुलिस द्वारा एक करोड़पति सरकारी बाबू के ठिकानों पर की गई बड़ी छापेमारी में रोज नए और चौंकाने वाले खुलासे हो रहे हैं. क्षेत्रीय ग्रामीण विकास एवं पंचायती राज प्रशिक्षण केंद्र सिवनी में पदस्थ सहायक ग्रेड-2 बाबू सुभाष शर्मा और उसके परिवार की आय से अधिक संपत्ति के मामले में लोकायुक्त की कार्रवाई लगातार जारी है.
लोकायुक्त पुलिस की जांच में सबसे बड़ा खुलासा आरोपी बाबू की पत्नी शीला शर्मा के नाम पर मिली अथाह संपत्ति को लेकर हुआ है. छापे के दौरान सरकारी बाबू की पत्नी के पास से आधा किलो 500 ग्राम सोने और सवा किलो 1.25 किलोग्राम चांदी के कीमती जेवरात बरामद किए गए हैं. अधिकारियों के मुताबिक आरोपी बाबू ने भ्रष्टाचार और काली कमाई से अर्जित अधिकांश संपत्तियां अपनी पत्नी के नाम पर ही खरीद रखी थीं. इसके अलावा करीब 12 बैंक खाता भी मिले हैं जिनकी भी लोकायुक्त जांच कर रही है.
8 करोड़ रुपये से अधिक की संपत्ति का खुलास
लोकायुक्त टीम ने जब सुभाष शर्मा के जबलपुर स्थित त्रिमूर्ति नगर आवास पाटन स्थित फार्महाउस और सिवनी सहित पांच ठिकानों पर एक साथ दबिश दी, तो अधिकारियों के भी होश उड़ गए. शुरुआती जांच में ही आरोपी बाबू के पास आय के ज्ञात स्रोतों से करीब 543.19 प्रतिशत 500 गुना से भी अधिक ज्यादा संपत्ति और खर्च का पता चला है. अब तक की कार्रवाई में 8 करोड़ रुपये से अधिक की नामी-बेनामी संपत्ति का खुलासा हो चुका है.
सबसे खास बात यह है कि बाबू ने पहली मंजिल में जाने के लिए लिफ्ट लगाई है जिसे ऊपर आने-जाने में परेशानी ना हो. इसके इलावा 7 प्लॉट के दस्तावेज भी मिले है, जिनमें 3 पाटन और 4 जबलपुर में हैं. वहीं परिसरों से फॉर्च्यूनर सफारी कार, दो एक्टिवा और एक रॉयल एनफील्ड बाइक सहित कई वाहन भी मिले. जांच में सामने आया कि पाटन के लौहारी स्थित फार्म हाउस में बारात घर बनवाने की तैयारी थी जिसका निर्माण कार्य शुरू भी कराया जा चुका था.
पत्नी के नाम करोड़ों की संपत्ति
डॉक्यूमेंट के अनुसार आरोपी के पास से 5 करोड़ रुपये मूल्य की जमीन और प्लॉट के कागजात मिले हैं. इसके अलावा 1 करोड़ 20 लाख रुपये की कीमत का फार्महाउस और दो आलीशान मकानों के दस्तावेज भी जब्त किए गए हैं. ये तमाम संपत्तियां मुख्य रूप से उसकी पत्नी के नाम पर दर्ज हैं. लोकायुक्त पुलिस ने मामले में कड़ा संज्ञान लेते हुए आरोपी सुभाष शर्मा और उसकी पत्नी के नाम पर दर्ज आधा दर्जन 6 बैंक खातों को तुरंत प्रभाव से होल्ड फ्रीज करा दिया है. संबंधित बैंकों को लिखित निर्देश जारी कर इन खातों से किसी भी प्रकार के लेनदेन पर पूरी तरह रोक लगा दी गई है. लोकायुक्त अधिकारियों ने बैंक प्रबंधन से खातों में जमा राशि का पूरा ब्यौरा मांगा है.
भारी मात्रा में सोने-चांदी के गहने मिले
इसके साथ ही आरोपी की बेटी के नाम पर भी एक बैंक खाता मिलने की जानकारी सामने आई है जिसकी जांच की जा रही है. लोकायुक्त की टीम बैंकों में मौजूद आरोपी और उसके परिवार के लॉकरों को खंगालने की तैयारी में है, जिससे और भी बड़ी मात्रा में सोने-चांदी व नकदी मिलने की संभावना जताई जा रही है. कार्यवाही के अगले चरण में लोकायुक्त की एक विशेष टीम मंगलवार को सुभाष शर्मा के सिवनी स्थित कार्यालय भी पहुंची. वहां अधिकारियों ने दफ्तर के रिकॉर्ड्स और दस्तावेजों की गहनता से पड़ताल की. इसके अलावा साथ काम करने वाले कर्मचारियों से पूछताछ कर बाबू की काली कमाई के नेटवर्क और लेन-देन की जानकारी जुटाई जा रही है.
लोकायुक्त डीएसपी रेखा प्रजापति का कहना है कि संपत्तियों के दस्तावेजों की बारीकी से जांच की जा रही है. आने वाले दिनों में आरोपी बाबू की कई और नामी-बेनामी संपत्तियों के उजागर होने की पूरी संभावना है.

शिव चौबे
शिव चौबे को इलेक्ट्रॉनिक मीडिया में एक दशक का अनुभव है. शिव ने काशी हिंदू विश्वविद्यालय (BHU) से संस्कृत विषय में शिक्षा प्राप्त की, जिसके बाद उन्होंने पत्रकारिता की पढ़ाई की. उन्होंने अपने पत्रकारिता करियर की शुरुआत दैनिक अखबार से की. इसके बाद वर्ष 2019 में वे ETV भारत से बतौर संवाददाता जुड़े, जहां ग्रामीण क्षेत्रों में पेयजल संकट और शिक्षा से जुड़ी उनकी कई महत्वपूर्ण रिपोर्टों ने राष्ट्रीय स्तर पर चर्चा बटोरी. वर्ष 2020 में कोरोना महामारी के दौरान उन्होंने जान जोखिम में डालकर जमीनी स्तर पर रिपोर्टिंग की और व्यवस्थाओं की कमियों को उजागर किया. उनकी रिपोर्ट्स के बाद जिला प्रशासन और प्रदेश सरकार को कई महत्वपूर्ण निर्णय लेने पड़े. वर्ष 2021 में शिव चौबे ने TV9 भारतवर्ष में जिला रिपोर्टर के रूप में नई भूमिका की शुरुआत की. इसके बाद वर्ष 2023 में वे PTI (Press Trust of India) से जुड़े. यहां उन्होंने कई महत्वपूर्ण खोजी रिपोर्टें कीं, जिनमें सिवनी जिले का चर्चित सर्पदंश घोटाला, नानाजी देशमुख पशु चिकित्सा विज्ञान विश्वविद्यालय से जुड़ा गोबर घोटाला तथा स्वास्थ्य विभाग से जुड़े कई घोटाले शामिल है. इसके अलावा उन्होंने CAA के दौरान लगे कर्फ्यू, बरगी क्रूज हादसे और अन्य महत्वपूर्ण घटनाओं की जमीनी रिपोर्टिंग कर अपनी अलग पहचान बनाई. निष्पक्ष, जनसरोकारों से जुड़ी और खोजी पत्रकारिता के लिए शिव चौबे को विशेष रूप से जाना जाता है.
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