जिले में पंचायत समिति सदस्यों के चुनाव को लेकर नामांकन से जुड़ी रिपोर्ट सामने आ चुकी है।
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कुल 109 निर्वाचन क्षेत्रों के लिए पूरी प्रक्रिया के तहत नामांकन भरे गए और उनकी जांच के बाद वैध उम्मीदवारों की तस्वीर साफ हो गई है। आंकड़ों के अनुसार कुल 781 नामांकन फॉर्म भरे गए थे, जिनमें से विभिन्न कारणों से 189 फॉर्म खारिज हो गए। इसके बाद अब चुनावी मैदान में कुल 513 वैध उम्मीदवार अपनी किस्मत आजमा रहे हैं। जिले की 7 पंचायत समिति बाड़मेर, बाड़मेर ग्रामीण, बाटाडू, भिंयाड़, बिशाला, डूगेरों का तला और शिव में पंचायत समिति सदस्यों के नामांकन की प्रक्रिया संपन्न हो गई है।आधिकारिक आंकड़ों के विश्लेषण से जाहिर होता है कि प्रत्याशियों और उनके समर्थकों ने नामांकन पत्र दाखिल करने के लिए अंतिम दिन का सबसे ज्यादा इंतजार किया।
अंतिम दिन ही सबसे ज्यादा नामांकन हुए
नामांकन के शुरुआती तीन दिनों तक सुस्ती छाने के बाद अंतिम यानी चौथे दिन 16 अक्टूबर को अचानक से नामांकन केंद्रों पर होड़ मच गई। नामांकन केंद्रों पर कुल दाखिल किए गए 781 नामांकन पत्रों में से 639 (81.8%) अकेले चौथे दिन जमा किए गए। कुल 628 उम्मीदवारों में से 60.66% से अधिक 511 उम्मीदवार अंतिम दिन ही अपना पर्चा भरने पहुंचे।
चार दिनों में रिकॉर्ड तोड़ 639 नामांकन भरे गए
13 अक्टूबर को जिले भर से मात्र 90 नामांकन दाखिल हुए। 14 अक्टूबर को गति थोड़ी बढ़ी और 104 फॉर्म जमा किए गए। 15 अक्टूबर को महज 25 फॉर्म आए। 16 अक्टूबर को अंतिम दिन समर्थकों के साथ पहुंचे दावेदारों ने रिकॉर्ड 639 नामांकन पत्र दाखिल किए।
नामांकन की गणित एक नजर में
बाड़मेर : कुल 19 निर्वाचन क्षेत्रों के लिए 138 नामांकन भरे गए, जिनमें से 33 फॉर्म खारिज हुए। जांच के बाद 88 वैध उम्मीदवार मैदान में हैं। बाड़मेर ग्रामीण: 15 वार्डों के लिए 106 नामांकन आए, जिनमें 24 खारिज हुए और 68 वैध उम्मीदवार बचे हैं। बाटाडू: 15 वार्डों में कुल 84 नामांकन दाखिल हुए, 19 खारिज होने के बाद 56 उम्मीदवार वैध पाए गए। भियाड़: 15 वार्डों के लिए 113 नामांकन भरे गए, जिसमें 30 खारिज हुए और 77 वैध उम्मीदवार चुनाव मैदान में हैं। बिशाला: 15 वार्डों के बीच 119 नामांकन फॉर्म आए, जिनमें सर्वाधिक 39 फॉर्म खारिज हुए और 66 उम्मीदवार वैध रहे। डूगेरों का तला: 15 वार्डों में 92 नामांकन दाखिल, 19 खारिज होने के बाद 68 उम्मीदवार मैदान में हैं। शिव: 15 वार्डों के लिए 129 नामांकन मिले, जिसमें 25 फॉर्म खारिज होने के बाद 90 वैध उम्मीदवार बचे हैं।
छंटनी के बाद साफ हुई तस्वीर: बाड़मेर में 781 में से 513 नामांकन वैध पाए गए
नामांकन पत्रों की जांच और स्क्रूटनी के दौरान बड़ी संख्या में फॉर्म खारिज हुए हैं। कुल 781 नामांकन पत्रों में से 189 फॉर्म खारिज किए गए। साथ ही 79 फॉर्म वापस उठा लिए। जांच के बाद 513 नामांकन पत्र और इतने ही उम्मीदवार पूरी तरह वैध पाए गए।
निर्दलीय बिगाड़ सकते हैं पार्टियों का गणित
पंचायत समिति में नामांकन पत्र जमा करवाने में सबसे ज्यादा होड़ नजर आई। 19 वार्डों वाली बाड़मेर पंचायत समिति में सबसे ज्यादा 138 फॉर्म जमा हुए, जहां अब 88 वैध प्रत्याशी मैदान में है। वहीं शिव समिति में सर्वाधिक 90 वैध उम्मीदवार मैदान में है। बिशाला में सबसे सख्त स्क्रूटनी के साथ ही सबसे ज्यादा 39 नामांकन पत्र निरस्त किए गए। ऐसे में नाम वापसी के बाद भी कई प्रमुख सीटों पर निर्दलीय उम्मीदवारों के मैदान में टिके रहने से दोनों प्रमुख राजनीतिक दलों के गणित पर असर पड़ सकता है। 100 से अधिक फॉर्म खारिज होना यह दर्शाता है कि इस बार शपथ पत्र और दस्तावेजों की जांच की गई है। पंचायत समिति सदस्य के चुनाव में अब जातीय समीकरणों के साथ-साथ पानी, बिजली, और सड़कों जैसे स्थानीय मुद्दे हावी रहेंगे।