चंडीगढ़ को देश में अक्सर नए प्रयोगों की प्रयोगशाला माना जाता है। इसी कड़ी में नेशनल फूड सिक्योरिटी एक्ट (एनएफएसए) के लाभार्थियों के लिए ‘सेंट्रल बैंक डिजिटल करेंसी’ (सीबीडीसी) का पायलट प्रोजेक्ट चंडीगढ़ से शुरू किया गया है। इसके तहत चंडीगढ़ में 52 हज
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शुक्रवार को टैगोर थिएटर सेक्टर-18 में आयोजित कार्यक्रम में मिनिस्टर फॉर एजुकेशन, कंज्यूमर अफेयर्स और फूड एंड पब्लिक डिस्ट्रिब्यूशन व न्यू एंड रिन्यूएबल एनर्जी प्रह्लाद जोशी, कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान और चंडीगढ़ के प्रशासक गुलाब चंद कटारिया की मौजूदगी में इसे लॉन्च किया गया। यहीं से ऑनलाइन माध्यम से इसे दादरा एवं नगर हवेली के लिए भी लॉन्च किया गया।
किसानों से लेकर संसद तक की बात...
‘ब्यूटी विद ब्रेन’ है चंडीगढ़: शिवराज सिंह चौहान
कार्यक्रम में कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने चंडीगढ़ को ‘ब्यूटी विद ब्रेन’ बताया। उन्होंने कहा कि यह सिर्फ एक बसाया हुआ शहर नहीं, एक भावना है। यहां आते ही अलग फीलिंग आती है- चौड़ी सड़कें, हरियाली और कुछ नया करने की ललक। चौहान ने कहा- संसद को चलने नहीं दिया जा रहा है, जो जगह मुद्दों पर चर्चा के लिए होती है वहां चर्चा होने नहीं दी जाती। किसानों को डिजिटली दिए जाने वाले रुपयों की भी जानकारी दी। कहा कि सरकार किसानों के साथ है, देश में अन्न भंडार भरे हुए हैं, देश अनाज के लिए किसी पर निर्भर नहीं है, जरूरत पड़ी तो दूसरों को भी सहायता दे सकता है।
4000 के पास स्मार्टफोन नहीं, ओटीपी से मिलेगा राशन... 4000 लाभार्थी ऐसे हैं जिनके पास स्मार्ट मोबाइल नहीं है। इनको वन टाइम पासवर्ड के जरिए इसी सिस्टम के तहत राशन की दुकानों से राशन मिल सकेगा। चंडीगढ़ में कुल 542 राशन की दुकानों को इम्पैनल किया गया है। किसी भी दुकान से लोग वॉलेट में आए पैसों से राशन ले सकेंगे।
}टैगोर थिएटर में केंद्रीय मंत्री प्रह्लाद जोशी, शिवराज सिंह चौहान, प्रशासक कटारिया ने लॉन्च किया प्रोजेक्ट
11 हजार नाम कटे, 10 हजार हटाने की तैयारी...
चंडीगढ़ में करीब 83 हजार लोग नेशनल फूड सिक्योरिटी एक्ट के तहत रजिस्टर्ड थे। इनमें से करीब 11 हजार के नाम अलग-अलग वजहों, जैसे क्राइटेरिया पूरा न करने, निधन के चलते हटाए जा चुके हैं। वहीं करीब 10 हजार और नाम हटाने का प्रोसेस चल रहा है। हालांकि इनके पास मौका है, अपने डॉक्यूमेंट्स वेरिफाई करवाकर सीबीडीसी के तहत एनरोल कर सकते हैं। अभी करीब 52 हजार लाभार्थी ऐसे हैं जिनके मोबाइल फोन में सीबीडीसी एप डाउनलोड किया जा चुका है। इनको सब्सिडी मोबाइल वॉलेट में ही मिलेगी।
} मोबाइल वॉलेट में आएगा पैसा: अब लाभार्थियों के बैंक खाते में सब्सिडी नहीं आएगी, बल्कि उनके फोन में डाउनलोड सीबीडीसी ऐप (डिजिटल ई-रुपया वॉलेट) में आएगी।
} केवल राशन के लिए इस्तेमाल: यह एक कूपन की तरह होगा, जिसका उपयोग सिर्फ तय की गई राशन दुकानों से अनाज खरीदने के लिए ही किया जा सकेगा।
जो रह गए उनके लिए स्पेशल कैंप... कार्यक्रम के दौरान चंडीगढ़ के चीफ सेक्रेटरी एच. राजेश प्रसाद ने कहा कि जो पात्र परिवार छूट गए हैं, उन्हें जोड़ने के लिए प्रशासन द्वारा विशेष कैंप लगाए जाएंगे। इस दौरान कुछ लाभार्थियों और दुकानदारों ने अपने अनुभव साझा करते हुए बताया कि अब बैंक जाने की जरूरत खत्म हो गई है और व्यापार में भी बढ़ोतरी हुई है।
}क्या है सीबीडीसी और क्यों पड़ी इसकी जरूरत?
अब तक चंडीगढ़ में डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर (डीबीटी) के तहत लाभार्थियों के आधार-लिंक्ड बैंक खातों में पैसे भेजे जाते थे। हालांकि, इसमें यह समस्या आ रही थी कि कई परिवार राशन के पैसे को शराब या अन्य गैर-ज़रूरी चीज़ों पर खर्च कर देते थे। इस दुरुपयोग को रोकने के लिए शुक्रवार से पुरानी डीबीटी व्यवस्था बंद कर सीबीडीसी लागू कर दी गई है।
लोगों को पीडीएस से हटाना मकसद नहीं: जोशी
केंद्रीय मंत्री प्रह्लाद जोशी ने स्पष्ट किया कि इस व्यवस्था का मकसद लोगों को पीडीएस से हटाना नहीं, बल्कि यह सुनिश्चित करना है कि सरकारी योजना का लाभ केवल पात्र और गरीब परिवारों तक ही पहुंचे। टैक्स भरने वाले या अपात्र लोगों को इससे बाहर किया जाएगा। देश में कई जगह पर ऐसे कई कारोबारी हैं, इनकम टैक्स भरने वाले भी हैं जिनके नाम पर राशन कार्ड थे, जो कि गलत है। सरकार का मानना है कि जो फायदा गरीब परिवारों के लिए है वो उन तक सीधे पहुंचना चाहिए।