जयपुर54 मिनट पहले
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प्रदेश से जुड़े नेशनल हाइवे पर 587 ब्लैक स्पॉट 2 साल पहले चिह्नित किए गए थे, लेकिन 109 ब्लैक स्पॉट ऐसे हैं, जिन्हें अब तक खत्म नहीं किया जा सका है। हालांकि एनएचएआई का दावा है कि 90 स्पॉट खत्म करने का काम युद्ध स्तर पर जारी है और आखिरी पड़वा पर है। लेकिन एनएच से गुजरने वाले 1.05 करोड़ वाहनों की सुरक्षा एक बड़ा मुद्दा है। अच्छी बात ये है कि इन दो सालों में विभाग ने 478 ब्लैक स्पॉट खत्म कर दिए। 478 ब्लैक स्पॉट की रोकथाम और इन्हें खत्म करने के लिए फ्लाई ओवर, अंडरपास, क्लोवर लीफ और सर्विस रोड निर्माण किया गया।
इन प्रमुख हाइवे पर ऐसे खत्म किए ब्लैक स्पॉट
1. जयपुर- किशनगढ़ हाईवे (एनएच-48): 10 ब्लैक स्पॉट वाले स्थानों पर फ्लाईओवर का निर्माण किया जा चुका है। इस हाईवे की 90 किमी की लंबाई में दोनों ओर सर्विस रोड, नाली एवं 5 ब्लैक स्पॉट वाले स्थानों पर फ्लाईओवर का निर्माण किया जा रहा है। 2. जयपुर-कोटपूतली-हरियाणा बॉर्डर हाईवे (एनएच-48): 3 ब्लैक स्पॉट वाले स्थानों पर फ्लाईओवर का निर्माण किया जा चुका है। 6 स्थानों पर फ्लाईओवर और अन्डरपास का निर्माण कार्य जारी है। 3. जयपुर रिंग रोड (दक्षिण): अजमेर रोड जंक्शन पर क्लोवर लीफ का कार्य पूर्ण कर यातायात शुरू किया जा चुका है। टोंक रोड जंक्शन पर क्लोवर लीफ का कार्य चल रहा है। 4. जयपुर रींगस हाईवे (एनएच-52): 5 ब्लैक स्पॉट वाले स्थानों पर फ्लाईओवर का निर्माण किया जा चुका है। रींगस- सीकर हाईवे पर 2 ब्लैक स्पॉट वाले स्थानों पर फ्लाईओवर का निर्माण शुरू हो चुका है। 5. जयपुर-टोंक-देवली हाइवे: 3 ब्लैक स्पॉट स्थानों पर फ्लाईओवर का निर्माण जारी। 4 अन्य स्थानों पर फ्लाईओवर के लिए निविदा आमंत्रित की जा रही। 6. जयपुर-रींगस हाईवे: जयपुर मेट्रो के साथ टोडी, नींदड पर फ्लाईओवर एवं 14 नंबर जंक्शन पर अंडरपास का निर्माण किया जाना है, इसलिए डीपीआर तैयार की जा रही है। 7. जयपुर-रींगस हाइवे: 4 लेन से 6 लेन के लिए डीपीआर, मनोहरपुर दौसा हाईवे को 2 लेन से 4 लेन एवं सालासर- नागौर हाईवे को 2 लेन से 4 लेन के लिए डीपीआर का काम चल रहा। 8.राजस्थान बॉर्डर: फतेहपुर-सालासर हाईवे को 2 लेन से 4 लेन का कार्य पूर्ण हो चुका है। 12 अन्य स्थानों पर अन्डरपास निर्माण कार्य प्रगति पर है। 4 अन्य स्थानों पर अंडरपास बनाए जाने के लिए डीपीआर प्रक्रियाधीन है। 9. जयपुर रिंग रोड (उत्तरी कोरिडोर): खाटू रिंग रोड, चूरू बाईपास की डीपीआर बन रही है।
एक साल में सड़क हादसों में 12 हजार मौतें हुईं प्रदेश में पिछले एक साल में करीब 12 हजार मौतें हुई हैं। इनमें से 38 प्रतिशत एनएच पर अलग-अलग हादसों के दौरान हुई। इसमें ब्लैक स्पॉट भी एक बड़ी वजह है। -वीरेंद्र सिंह राठौड़, उप परिवहन आयुक्त, सड़क सुरक्षा, राजस्थान
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