भूमि के शुद्धिकरण की पत्रावली आगे बढ़ाने के बदले डेढ़ लाख की रिश्वत मांगने की पुष्टि होने के बाद एसीबी ने तत्कालीन पटवारी शीतल भट्ट के खिलाफ केस दर्ज किया।

भूमि के शुद्धिकरण की पत्रावली आगे बढ़ाने के बदले डेढ़ लाख रुपए की रिश्वत मांगने की पुष्टि होने पर भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (एसीबी) चौकी डूंगरपुर ने विकासनगर की तत्कालीन पटवारी शीतल भट्ट के खिलाफ मामला दर्ज किया है। परिवादी से पहले 6 लाख 50 हजार रुपए

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एसीबी ने रिश्वत मांग की पुष्टि के बाद ट्रैप कार्रवाई की तैयारी की थी, लेकिन परिवादी के बड़े भाई के निधन के कारण कार्रवाई नहीं हो सकी। फिलहाल मामले में विस्तृत जांच जारी है।

खसरा नंबर 962 में दर्ज है हिस्सेदारी

मामला विकासनगर पटवार हल्का, पंचायत समिति झांतरी के मोजा डूंगरपुर स्थित खसरा नंबर 962 से जुड़ा है। इस भूमि में परिवादी की 1/6 हिस्सेदारी दर्ज है। भूमि के शुद्धिकरण के लिए परिवादी ने करीब एक वर्ष पहले संबंधित पत्रावली तत्कालीन पटवारी शीतल भट्ट को सौंपी थी।

6.50 लाख रुपए देने के बाद भी काम लंबित

पत्रावली लंबित रहने के दौरान परिवादी ने पटवारी को अलग-अलग समय पर कुल 6 लाख 50 हजार रुपए दिए थे। इसके बावजूद भूमि शुद्धिकरण का काम नहीं हुआ। परिवादी ने इस संबंध में 19 फरवरी 2026 को एसीबी चौकी डूंगरपुर में लिखित शिकायत दी।

एसडीएम कार्यालय के नाम पर मांगे डेढ़ लाख

शिकायत के अनुसार, 18 फरवरी 2026 को परिवादी दोबारा पटवारी से मिला। इस दौरान उसे बताया गया कि संबंधित पत्रावली एसडीएम कार्यालय भेज दी गई है। वहां से काम करवाने के लिए डेढ़ लाख रुपए और देने होंगे। एसीबी ने शिकायत मिलने के बाद प्राथमिक जांच कर रिश्वत मांग की पुष्टि के लिए सत्यापन कराया।

सत्यापन में रिश्वत मांगने की पुष्टि

सत्यापन के दौरान परिवादी से डेढ़ लाख रुपए की रिश्वत मांगने की पुष्टि हो गई। इसके बाद एसीबी चौकी डूंगरपुर में तत्कालीन पटवारी शीतल भट्ट के खिलाफ प्रकरण दर्ज किया गया और रिश्वत की रकम के साथ ट्रैप कार्रवाई की तैयारी शुरू की गई।

भाई के निधन से रुक गई ट्रैप कार्रवाई

ट्रैप कार्रवाई की तैयारी के दौरान परिवादी के बड़े भाई का निधन हो गया। इसके चलते वह करीब डेढ़ से दो माह तक पारिवारिक परिस्थितियों में व्यस्त रहा। इस कारण उस दौरान रिश्वत की रकम लेते हुए ट्रैप कार्रवाई नहीं हो सकी।

अग्रिम अनुसंधान जारी

मामले में एसीबी की ओर से विस्तृत जांच की जा रही है। प्रकरण से जुड़े तथ्यों और दस्तावेजों की पड़ताल के साथ अग्रिम अनुसंधान जारी है।