CG Health Secretary Contempt Notice: छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने स्वास्थ्य विभाग के सचिव अमित कटारिया को अवमानना नोटिस जारी किया है। मामला निर्धारित समय में एक आवेदन पर फैसला नहीं लेने से जुड़ा है। 

कोर्ट ने सचिव कटारिया से जवाब मांगा है कि जब तय समय में आवेदन का निपटारा नहीं किया गया तो उनके खिलाफ अवमानना की कार्रवाई क्यों न की जाए?

क्या है पूरा मामला ?

यह मामला गरियाबंद जिले के आमदी-मा, शहीद भवन निवासी दायसिंह ध्रुव से संबंधित है। वे गरियाबंद के मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी (CMHO) कार्यालय में ड्राइवर के पद पर कार्यरत थे। कलेक्टर ने उनका ट्रांसफर मैनपुर कर दिया था। दायसिंह ध्रुव ने इस ट्रांसफर के खिलाफ हाईकोर्ट में याचिका लगाई थी।

रिट याचिका की सुनवाई के दौरान हाईकोर्ट ने स्वास्थ्य विभाग के सचिव को दायसिंह ध्रुव के मामले में निर्णय लेने का आदेश दिया था। कोर्ट ने सुप्रीम कोर्ट के एसके नौशाद रहमान बनाम यूनियन ऑफ इंडिया के मामले में दिए गए निर्णय के आधार पर कहा था कि उन्हें छह महीने के भीतर उनके आवेदन का निपटारा करना होगा।

6 महीने बाद भी कोई निर्णय नहीं

दायसिंह ध्रुव का कहना है कि छह महीने की समय-सीमा खत्म होने के बाद भी स्वास्थ्य सचिव अमित कटारिया ने उनके आवेदन पर कोई निर्णय नहीं लिया। इसके अलावा, उनका ट्रांसफर आदेश भी रद्द नहीं किया गया।

इसके बाद, दायसिंह ध्रुव ने अपने वकील अभिषेक पांडेय और ऋषभदेव साहू के माध्यम से हाईकोर्ट में अवमानना याचिका दायर की।

पीटिशनर ने अवमानना की मांग की थी

वकीलों ने कोर्ट में बताया कि हाईकोर्ट ने छह महीने के भीतर मामले का फैसला करने का स्पष्ट निर्देश दिया था, लेकिन इसे नहीं माना गया। उन्होंने न्यायालय अवमानना अधिनियम की धारा 12(1) के तहत कार्रवाई की मांग की।

वकीलों ने यह भी कहा कि हाईकोर्ट के आदेशों का समय पर पालन न होने से अवमानना के मामले बढ़ते जा रहे हैं। इससे कोर्ट का समय बर्बाद होता है और अन्य जरूरी मामलों की सुनवाई पर असर पड़ता है।

कोर्ट ने मांगा जवाब

मामले को गंभीरता से लेते हुए हाईकोर्ट ने स्वास्थ्य विभाग के सचिव अमित कटारिया को अवमानना नोटिस जारी किया है। कोर्ट ने उनसे पूछा है कि आदेश का समय पर पालन न करने पर उनके खिलाफ न्यायालय की अवमानना की कार्रवाई क्यों न की जाए।

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