4 घंटे पहले
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आगरा में ग्रीन गैस का बिल अपडेट कराने के नाम पर साइबर ठगी के मामले बढ़ रहे हैं। हरीपर्वत के पॉश इलाके में रहने वाले एक बुजुर्ग के क्रेडिट कार्ड से साइबर ठगों ने महज 62 मिनट में 9 लाख 80 हजार 815 रुपए निकाल लिए। ठग ने बिल अपडेट करने के बहाने एपीके फाइल भेजी थी। उस पर क्लिक करते ही बुजुर्ग का मोबाइल हैक हो गया और ओटीपी व मैसेज ठग तक पहुंचने लगे।
पीड़ित ने बैंक और साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 पर शिकायत दर्ज कराई है। ठगी के बाद से वह मानसिक तनाव में हैं। पुलिस के मुताबिक, ग्रीन गैस के नाम पर ठगी के 20 से ज्यादा मामले सामने आ चुके हैं। कई मामलों में FIR दर्ज है, लेकिन अभी तक किसी आरोपी की गिरफ्तारी नहीं हुई है।
बिल अपडेट के नाम पर भेजी एपीके फाइल
पीड़ित ने बताया कि 10 अक्टूबर की शाम 6:15 बजे उनके मोबाइल पर कॉल आई। कॉल करने वाले ने खुद को ग्रीन गैस कंपनी का कर्मचारी बताया और बिल अपडेट करने के लिए क्रेडिट कार्ड की जानकारी मांगी।
इसके बाद भुगतान फेल होने का बहाना बनाकर उनके मोबाइल पर एपीके फाइल भेजी गई। बुजुर्ग ने जैसे ही उस पर क्लिक किया, मोबाइल हैक हो गया। इसके बाद उनके ओटीपी और मैसेज ठग तक पहुंचने लगे।
14 ट्रांजेक्शन में निकाले 9.80 लाख रुपए
पीड़ित के मुताबिक, शाम 6:34 बजे से 7:36 बजे के बीच 14 बार में उनके क्रेडिट कार्ड से कुल 9,80,815 रुपए निकाल लिए गए। खाते से रकम निकलने का पता चलने पर उन्होंने बैंक और साइबर हेल्पलाइन पर शिकायत की।
रिटायर्ड बैंक मैनेजर के खाते से 11.56 लाख पार
साइबर ठगी का दूसरा मामला पश्चिमपुरी का है। यहां रहने वाले पंजाब नेशनल बैंक (PNB) के सेवानिवृत्त वरिष्ठ प्रबंधक राकेश बाबू के खाते से 11,56,670 रुपए निकाल लिए गए।
राकेश बाबू ने बताया कि 12 जुलाई को उनके पास कॉल आई थी। कॉल करने वाले ने खुद को PNB के हेड ऑफिस का कर्मचारी बताया। उसने आईडी और कोड भेजकर इंटरनेट बैंकिंग शुरू कराने का झांसा दिया। इसके बाद उनका मोबाइल बंद हो गया। मोबाइल दोबारा चालू होने पर पता चला कि खाते से 7 बार में 11.56 लाख रुपए निकल चुके हैं।
पुलिस बोली- खातों की जानकारी जुटा रहे
डीसीपी साइबर क्राइम आदित्य सिंह ने बताया कि दोनों तरह की साइबर ठगी के मामलों में खातों की जानकारी जुटाई जा रही है। आरोपियों की गिरफ्तारी के प्रयास किए जा रहे हैं।
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