अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी (एएमयू) में छात्र यूनियन बहाली की मांग को लेकर चल रहा आंदोलन बुधवार को उग्र हो गया। 17वें दिन भूख हड़ताल पर बैठे यासिर की मेडिकल रिपोर्ट में स्वास्थ्य स्थिति बिगड़ने की बात सामने आई है। जांच में उनका ब्लड शुगर 67 mg/dl और ब
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इसके बावजूद डक पॉइंट पर यासिर की भूख हड़ताल और छात्रों का धरना जारी है। कैंपस में नारेबाजी और प्रदर्शन के बीच बुधवार सुबह जेएन मेडिकल कॉलेज अस्पताल की टीम एंबुलेंस लेकर धरनास्थल पहुंची।
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मुख्य गेट बाब-ए-सैयद को बंद करते छात्र।

धरनास्थल पर मौजूद छात्राएं।
अस्पताल जाने से किया इनकार, एंबुलेंस भी लौटाई
डॉक्टरों ने यासिर की जांच के बाद उन्हें अस्पताल में भर्ती कराने की सलाह दी। मेडिकल रिपोर्ट भी दिखाई गई, लेकिन यासिर ने अस्पताल जाने से इनकार कर दिया।
इसके बाद स्वास्थ्य टीम ने दूसरा विकल्प दिया। टीम ने कहा कि एंबुलेंस को धरनास्थल पर ही खड़ा कर दिया जाएगा और यासिर को कहीं नहीं ले जाया जाएगा। एंबुलेंस में ही उपचार किया जा सकता है। छात्रों से यह भी कहा गया कि वे एंबुलेंस को अपने घेरे में रख सकते हैं।
यासिर और उनके साथियों ने यह विकल्प भी स्वीकार नहीं किया। इसके बाद मेडिकल टीम एंबुलेंस के साथ वापस लौट गई।
मेडिकल रिपोर्ट में डिहाइड्रेशन और लो शुगर
जेएन मेडिकल कॉलेज अस्पताल के चिकित्सा अधीक्षक कार्यालय की रिपोर्ट के अनुसार डॉक्टरों और नर्सिंग स्टाफ ने धरनास्थल पर यासिर की जांच की। रिपोर्ट में डिहाइड्रेशन और सामान्य स्थिति बिगड़ने की बात दर्ज की गई है।
सुबह जांच में ब्लड शुगर 67 mg/dl और बीपी 92/64 mmHg मिला। ड्यूटी डॉक्टरों ने अस्पताल में भर्ती होने की सलाह दी। रिपोर्ट के मुताबिक, काउंसलिंग के बावजूद यासिर ने अस्पताल जाने से इनकार किया।
चिकित्सा अधीक्षक ने प्रॉक्टर से यासिर को जेएनएमसीएच में स्थानांतरित कराने और जल्द आपातकालीन पोषण दिए जाने की प्रक्रिया शुरू कराने का अनुरोध किया है।

भूख हड़ताल पर बैठे यासिर की जांच में ब्लड शुगर 67 mg/dl और ब्लड प्रेशर 92/64 mmHg दर्ज किया गया। डिहाइड्रेशन की शिकायत भी मिली है।
अब्दुल्ला कॉलेज के दोनों गेट रातभर से बंद
मंगलवार रात यासिर को धरनास्थल से हटाने की कोशिश के विरोध के बाद डक पॉइंट पर देर रात तक प्रदर्शन और नारेबाजी हुई। इसका असर अब्दुल्ला कॉलेज में भी दिखाई दिया।
कॉलेज के दोनों गेट रातभर बंद रहे। बुधवार को अंदर मौजूद छात्राओं ने दोनों गेटों पर अंदर से ताले लगा दिए। इसके चलते न छात्राएं बाहर निकल सकीं और न ही किसी को अंदर जाने दिया गया। कॉलेज की कक्षाएं भी बुधवार को बंद रहीं। अंदर छात्राओं का प्रदर्शन और नारेबाजी जारी रही।
सुबह 10 बजे एएमयू के दोनों मुख्य गेट भी बंद
अब्दुल्ला कॉलेज के गेट बंद रहने के बीच बुधवार सुबह करीब 10 बजे एएमयू के बाब-ए-सैयद और सैंचुरी गेट भी बंद कर दिए गए। बड़ी संख्या में छात्र कैंपस के अंदर मौजूद हैं। दोनों मुख्य गेट बंद होने के बाद अंदर प्रदर्शन और नारेबाजी और तेज हो गई।
प्रॉक्टर प्रो. नवेद खान ने छात्रों से बातचीत कर आंदोलन खत्म करने की अपील की, लेकिन छात्र अपनी मांगों पर अड़े रहे।
छात्रों का कहना है कि अब केवल आश्वासन से आंदोलन खत्म नहीं होगा। उनकी मांग है कि कुलपति खुद धरनास्थल पर आएं और एएमयू स्टूडेंट यूनियन की बहाली तथा यासिर फहाद का निलंबन वापस लेने पर स्पष्ट घोषणा करें। छात्रों ने कहा कि मांगें पूरी होने तक धरना और भूख हड़ताल जारी रहेगी।

रात में धरनास्थल पर छात्रों को समझाते प्रॉक्टर मो.नवेद खां।
सर सैयद डे की तैयारियों के बीच प्रशासन की बढ़ी चिंता
एएमयू में 17 अक्टूबर को सर सैयद डे का आयोजन होना है। विश्वविद्यालय प्रशासन कार्यक्रम की तैयारियों में जुटा है। कैंपस में सजावट और विभिन्न स्थानों पर कार्यक्रम प्रस्तावित हैं।
वहीं, आंदोलन के चलते प्रशासन के सामने चुनौती बढ़ गई है। डक पॉइंट पर धरना, अब्दुल्ला कॉलेज में तालाबंदी, कक्षाएं बंद और दोनों मुख्य गेट बंद होने से कैंपस की गतिविधियां प्रभावित हुई हैं। यासिर की स्वास्थ्य स्थिति को लेकर मेडिकल टीम ने अस्पताल में भर्ती होने की सलाह दी है, जबकि छात्र दोनों मांगों पर कुलपति की स्पष्ट घोषणा की मांग पर आंदोलन जारी रखे हुए हैं।