स्वास्थ्य मंत्रालय की ओर से जारी आंकड़ों के अनुसार नीट यूजी में शामिल होने वाले उम्मीदवारों की संख्या पिछले 7 साल में करीब 42.5% बढ़ी है. साल 2019 में जहां 14.10 लाख उम्मीदवारों ने परीक्षा दी थी.
Written By : कविता गाडरी | Updated at : 09 Aug 2026 05:29 PM (IST)

नीट यूजी कैंडिडेट डेटा
देश में मेडिकल की पढ़ाई के लिए बढ़ते कंपटीशन का असर नीट यूजी में शामिल होने वाले छात्रों की संख्या पर भी दिख रहा है. केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय की ओर से पेश किए गए आंकड़ों के अनुसार नीट यूजी में शामिल होने वाले उम्मीदवारों की संख्या पिछले 7 साल में करीब 42.5 फीसदी बढ़ी है. साल 2019 में जहां 14.10 लाख उम्मीदवारों ने परीक्षा दी थी. वहीं 2026 में यह संख्या 19,99,895 हो गई यानी 7 साल में करीब 5.99 लाख उम्मीदवार बढ़े हैं. यह जानकारी लोकसभा में केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण राज्य मंत्री अनुप्रिया पटेल ने दी है.
नीट यूजी 2024 में सबसे ज्यादा उम्मीदवार
मंत्रालय के आंकड़ों के अनुसार नीट यूजी में शामिल होने वाले छात्रों की संख्या में पिछले कुछ वर्षों में लगातार बढ़ोतरी देखने को मिली. 2019 में 14.10 लाख उम्मीदवारों ने परीक्षा दी थी. 2021 में यह आंकड़ा 15.44 लाख और 2022 में 17.65 लाख हो गया. 2023 में पहली बार नीट यूजी में परीक्षा देने वाले उम्मीदवारों की संख्या 20 लाख के पार पहुंची. इस साल 20.39 लाख छात्रों ने परीक्षा में हिस्सा लिया. इसके बाद 2024 में यह संख्या बढ़कर 23.33 लाख हो गई, जो अब तक का सबसे बड़ा आंकड़ा रहा. हालांकि 2024 के बाद उम्मीदवारों की संख्या में गिरावट आई. 2025 में 22.09 लाख और 2026 में 19,99,895 उम्मीदवारों ने नीट यूजी परीक्षा दी. इसके बावजूद 2026 का आंकड़ा 2019 की तुलना में करीब 42.5 प्रतिशत ज्यादा है.
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एक दशक में मेडिकल कॉलेज भी बढ़े
नीट यूजी में उम्मीदवारों की संख्या बढ़ने के साथ देश में मेडिकल शिक्षा की क्षमता में भी विस्तार हुआ. स्वास्थ्य मंत्रालय के अनुसार 2014 में देश में 387 मेडिकल कॉलेज थे, जिनकी संख्या 2026 में बढ़कर 846 हो गई. इस अवधि में एमबीबीएस सीटों की संख्या में भी बड़ा इजाफा हुआ है. 2014 में देश में 51,348 एमबीबीएस सीटें थी, जबकि 30 जुलाई 2026 तक यह संख्या 1,39,864 हो गई. इनमें 464 सरकारी मेडिकल कॉलेज में 66,221 एमबीबीएस सीटें हैं, जबकि 382 प्राइवेट मेडिकल कॉलेज में 73,643 सीटें उपलब्ध है.
उम्मीदवार करीब 20 लाख और सीटें करीब 1.40 लाख
सरकारी आंकड़ों के अनुसार मेडिकल शिक्षा में एडमिशन की मांग लगातार बढ़ रही है. हालांकि मेडिकल कॉलेज में एमबीबीएस सीटों की संख्या में पिछले एक दशक में विस्तार हुआ है, लेकिन नीट यूजी में शामिल होने वाले उम्मीदवारों की संख्या की तुलना में उपलब्ध सीटें अब भी सीमित मानी जा रही है. इसका अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि 2026 में करीब 20 लाख उम्मीदवारों ने नीट यूजी परीक्षा दी, जबकि देश में एमबीबीएस की कुल सीटों की संख्या करीब 1.40 लाख है.
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About the author कविता गाडरी
कविता गाडरी बीते कुछ साल से डिजिटल मीडिया और पत्रकारिता की दुनिया से जुड़ी हुई है. राजस्थान के जयपुर से ताल्लुक रखने वाली कविता ने अपनी पढ़ाई माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं जनसंचार विश्वविद्यालय भोपाल से न्यू मीडिया टेक्नोलॉजी में मास्टर्स और अपेक्स यूनिवर्सिटी जयपुर से बैचलर ऑफ जर्नलिज्म एंड मास कम्युनिकेशन में की है.
पत्रकारिता में अपना सफर उन्होंने राजस्थान पत्रिका से शुरू किया जहां उन्होंने नेशनल एडिशन और सप्लीमेंट्स जैसे करियर की उड़ान और शी न्यूज के लिए बाय लाइन स्टोरी लिखी. इसी दौरान उन्हें हेलो डॉक्टर शो पर काम करने का मौका मिला. जिसने उन्हें न्यूज़ प्रोडक्शन के लिए नए अनुभव दिए.
इसके बाद उन्होंने एबीपी नेटवर्क नोएडा का रुख किया. यहां बतौर कंटेंट राइटर उन्होंने लाइफस्टाइल, करंट अफेयर्स और ट्रेडिंग विषयों पर स्टोरीज लिखी. साथ ही वह कंटेंट मैनेजमेंट सिस्टम और सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर भी लगातार सक्रिय रही. कविता गाडरी हिंदी और अंग्रेजी दोनों भाषाओं में दक्ष हैं. न्यूज़ राइटिंग रिसर्च बेस्ड स्टोरीटेलिंग और मल्टीमीडिया कंटेंट क्रिएशन उनकी खासियत है. वर्तमान में वह एबीपी लाइव से जुड़ी है जहां विभिन्न विषयों पर ऐसी स्टोरीज लिखती है जो पाठकों को नई जानकारी देती है और उनके रोजमर्रा के जीवन से सीधे जुड़ती है.
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Published at : 09 Aug 2026 05:29 PM (IST)
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