भोपाल20 मिनट पहले

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भैंसाखेड़ी में एफटीएल के आगे पानी - Dainik Bhaskar

भैंसाखेड़ी में एफटीएल के आगे पानी

एनजीटी ने बड़े तालाब के एफटीएल का नए सिरे से वैज्ञानिक सर्वे और सीमांकन करने के निर्देश दिए हैं। यह सर्वे तालाब के फुल टैंक लेवल पर रहते किया जाना है। इसके लिए कमेटी गठित हो चुकी है और सोमवार से काम शुरू हो सकता है।

शुक्रवार को तालाब फुल टैंक लेवल 1660.80 फीट पर पहुंचा। इस लेवल पर एनजीटी की कमेटी को सर्वे करना है। कमेटी से पहले दैनिक भास्कर ने तालाब के चारों तरफ करीब 60 किलोमीटर क्षेत्र का दौरा कर मौजूदा स्थिति देखी तो हर जगह पानी उन मुनारों से आगे मिला, जिन्हें एफटीएल बताकर लगाया गया था।

कहीं यह मुनार से 70 तो कहीं 100 फीट तक आगे था। कहीं मुनार पानी में डूबी मिली तो कहीं क्षतिग्रस्त, मिट्टी-मलबे में दबी या गायब थी। यानी, वर्तमान में तालाब का जो दायरा बताया गया है, तालाब उससे कहीं अधिक दूर तक फैला है। अब नया सर्वे ही साफ करेगा कि तालाब की वास्तविक एफटीएल सीमा कहां है।

तालाब 1660.80 फीट के फुल टैंक लेवल पर, इसी स्तर पर होगा सर्वे

  • गौरा : मुनार से 70 फीट आगे पानी... गौरा गांव में एफटीएल की मुनार पीछे छूट चुकी है। तालाब का पानी इससे करीब 70 फीट आगे तक पहुंचा मिला। बढ़े जलस्तर के कारण आसपास भी पानी का फैलाव साफ दिखाई दिया।
  • बिलखेड़ा : मुनार से 100 फीट आगे पानी... बिलखेड़ा में एफटीएल मुनार से करीब 100 फीट आगे पानी मिला। वेटलैंड के बीच 2017 के बाद बनी सड़क की पुलिया से पानी दूसरी तरफ खेतों तक पहुंचता दिखाई दिया।
  • कोलूखेड़ी : मुनार से 80 फीट आगे पानी... कोलूखेड़ी में अवैध प्लॉटिंग के बीच मुनार से करीब 80 फीट आगे पानी मिला। तालाब से करीब 250 मीटर के दायरे में कई फार्म भी हैं। ग्रामीण क्षेत्र होने से ये जांच के दायरे में आएंगे।
  • भैंसाखेड़ी : मुनार गायब, अस्पताल की दीवार तक पानी तालाब के भीतर लगी मुनार दिखाई नहीं दी। कुछ दिन पहले तक ये साफ नजर आ रही थी। जलस्तर बढ़ने के बाद तालाब का पानी सड़क पार कर काफी आगे तक पहुंच गया है।

ड्रोन-सैटेलाइट से तय होगी नई सीमा एनजीटी के निर्देश पर तालाब के नए सीमांकन के लिए कमेटी गठित की जा रही है। सोमवार तक गठन की संभावना है। फिर ड्रोन और सैटेलाइट से वास्तविक सीमा तय होगी। पुरानी मुनारों की लोकेशन भी सत्यापित होगी। इससे पता चलेगा कि आसपास की प्लॉटिंग, फार्म और निर्माण दायरे में हैं या नहीं।

एफटीएल पर पानी, फिर सीमांकन में देरी क्यों याचिकाकर्ता राशिद नूर ने कहा कि एफटीएल पर पहुंचने के बाद तालाब का एक गेट खोल दिया गया, लेकिन सीमांकन में देरी हो रही है। मुनारों से 70 से 150 फीट आगे पानी मिला है। उन्होंने आरोप लगाया कि अफसर जानबूझकर देरी कर रहे हैं, जिससे अतिक्रमणकारियों को फायदा मिल सके।

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