गोंडा1 घंटे पहले
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प्रदेश में स्वाइन फ्लू के बढ़ते मामलों को देखते हुए गोंडा का स्वास्थ्य विभाग अलर्ट मोड पर है। जिले में स्वाइन फ्लू के मरीजों के इलाज के लिए कुल 70 बेड आरक्षित किए गए हैं। इनमें गोंडा मेडिकल कॉलेज की कोविड बिल्डिंग की दूसरी मंजिल पर 6 बेड शामिल हैं।
मरीज मिलने पर यहां उन्हें भर्ती कर इलाज किया जाएगा। इसके अलावा जिले के सभी 16 सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों (CHC) में चार-चार बेड स्वाइन फ्लू के मरीजों के लिए आरक्षित किए गए हैं।
17 कंट्रोल रूम और टीमें 24 घंटे रहेंगी सक्रिय
स्वास्थ्य विभाग ने निगरानी और तत्काल कार्रवाई के लिए जिले में कुल 17 कंट्रोल रूम और 17 टीमें गठित की हैं। जिला मुख्यालय पर एक जिला स्तरीय कंट्रोल रूम और टीम बनाई गई है। वहीं सभी 16 CHC पर एक-एक कंट्रोल रूम और टीम तैनात की गई है।
किसी भी CHC क्षेत्र में स्वाइन फ्लू का मरीज मिलने पर तत्काल जिला स्तरीय कंट्रोल रूम को सूचना दी जाएगी। इसके बाद संबंधित CHC की टीम गांव पहुंचकर लोगों की जांच करेगी और संक्रमण से बचाव के लिए जागरूक करेगी।

गोंडा के 2 मरीज लखनऊ में करा रहे इलाज
अब तक गोंडा जिले के दो मरीज स्वाइन फ्लू पॉजिटिव पाए गए हैं। दोनों का इलाज लखनऊ के अलग-अलग अस्पतालों में चल रहा है। दोनों मरीजों ने लखनऊ में ही जांच कराई थी, जहां उनकी रिपोर्ट पॉजिटिव आई। स्वास्थ्य विभाग की टीम दोनों मरीजों के घर भी पहुंची और परिवार के अन्य सदस्यों की जांच की।
गंभीर मरीजों को अस्पताल में किया जाएगा भर्ती
गोंडा मेडिकल कॉलेज के डिप्टी सीएमओ डॉ. जीएम चिश्ती ने शनिवार शाम 5 बजे बताया कि स्वाइन फ्लू (इन्फ्लूएंजा) के शुरुआती लक्षणों में गले में खराश, ऊपरी श्वसन तंत्र में संक्रमण, खांसी और बुखार शामिल हो सकते हैं। मरीज के लक्षणों की गंभीरता के आधार पर उपचार तय किया जाएगा।
उन्होंने बताया कि हल्के लक्षण वाले मरीजों को चिकित्सकीय सलाह के अनुसार घर पर उपचार दिया जा सकता है। वहीं गंभीर स्थिति वाले मरीजों को अस्पताल में भर्ती कर इलाज किया जाएगा।

बुजुर्ग और गर्भवती महिलाओं को ज्यादा सावधानी
डॉ. चिश्ती के मुताबिक 65 वर्ष से अधिक उम्र के लोग, गर्भवती महिलाएं, मधुमेह से पीड़ित मरीज और लीवर या किडनी ट्रांसप्लांट करा चुके लोग संक्रमण के प्रति अधिक संवेदनशील हो सकते हैं। ऐसे मरीजों में सांस लेने में परेशानी, अत्यधिक खांसी, तेज बुखार या अन्य गंभीर लक्षण दिखाई देने पर उन्हें तत्काल अस्पताल में भर्ती कर उपचार दिया जाएगा।
24 घंटे एक्टिव रहेंगे कंट्रोल रूम
स्वास्थ्य विभाग ने पूरे जिले में निगरानी बढ़ा दी है। जिला स्तरीय और CHC स्तर के सभी कंट्रोल रूम 24 घंटे सक्रिय रहेंगे। विभाग की टीमें स्वाइन फ्लू के संभावित मामलों पर नजर रखने के साथ मरीज मिलने पर तत्काल जांच और आवश्यक कार्रवाई करेंगी।
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