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  • First 70 Thousand Rupees Were Deducted, The Number Was Taken Out From Google And Information Was Given, When She Reached The Bank, A Fraud Of 2.09 Lakh Rupees Was Detected.

भोपाल20 मिनट पहले

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कोलार इलाके में सिम पोर्ट कराने के बाद गूगल पर मिले बैंक कस्टमर केयर नंबर पर जानकारी साझा करने पर गृहिणी के बैंक खाते से 2 लाख 9 हजार 586 रुपए 25 पैसे की साइबर ठगी का मामला सामने आया है। महिला ने सिम पोर्ट कराने के दो दिन बाद खाते से 70 हजार रुपए निकलने का मैसेज देखा था।

इसके बाद गूगल पर यूको बैंक का कस्टमर केयर नंबर सर्च कर संपर्क किया और अपनी बैंक संबंधी जानकारी साझा कर दी। बाद में बैंक पहुंचने पर खाते से 2.09 लाख रुपए निकलने का पता चला।

थुआखेड़ा, कोलार रोड निवासी रानी बैरवा (29) ने पुलिस को बताया कि 24 अगस्त को उनके पति राधेश्याम मीना कोलार रोड पर काम के लिए गए थे। डी-मार्ट चौराहे के पास ठेले पर सिम बेचने और पोर्ट करने वाले व्यक्ति से उन्होंने रानी की जियो सिम को आइडिया-वीआई में पोर्ट कराने के लिए कहा। सिम विक्रेता ने उनके पति का मोबाइल लेकर प्रक्रिया पूरी की और नई सिम दे दी। यह सिम 26 अगस्त को रानी के मोबाइल में चालू हुई। रानी 1 सितंबर को पैसे की एफडी कराने यूको बैंक पहुंचीं। बैंक कर्मचारियों ने खाते की जांच की तो अलग-अलग ट्रांजेक्शन से कुल 2 लाख 9 हजार 586 रुपए 25 पैसे निकाले जाने की जानकारी मिली। इनमें 27 अगस्त को 70,050 रुपए, 9,890 रुपए, 9,972 रुपए और 9,980 रुपए तथा 1 सितंबर को 1 लाख 9 हजार 694 रुपए 25 पैसे निकाले गए थे। इसके बाद महिला ने साइबर थाने में शिकायत दर्ज कराई।

अलग-अलग ट्रांजेक्शन से उड़ाए 1.85 लाख रुपए, सिर्फ 650 रुपए छोड़े

मिसरोद थाना क्षेत्र में एक निजी कंपनी कर्मचारी के बैंक खाते से 1 लाख 85 हजार 996 रुपए निकलने का मामला सामने आया है। पीड़ित को खाते से रकम निकलने की जानकारी बैंक के मैसेज से मिली। इसके बाद उसने पुलिस से शिकायत की है।

हरिगंगा नगर, मिसरोद निवासी नरेंद्र अग्रवाल (56) लूपिन मंडीदीप में नौकरी करते हैं। उन्होंने पुलिस को बताया कि 2 सितंबर को शाम करीब 4 बजे उन्होंने मोबाइल चेक किया। इस दौरान आईसीआईसीआई बैंक की ओर से आए नोटिफिकेशन देखे।

मैसेज में उनके खाते से अलग-अलग ट्रांजेक्शन के जरिए रकम कटने की जानकारी थी। इसके बाद नरेंद्र ने गूगल-पे एप के जरिए खाते का बैलेंस चेक किया। इसमें खाते में सिर्फ 650 रुपए शेष दिखाई दिए। जबकि इससे पहले खाते में 1 लाख 86 हजार 648 रुपए जमा थे। पीड़ित ने पुलिस को बताया कि उसे नहीं पता कि उसके खाते से रकम कैसे और किसने निकाली।

ठग ने हेल्पलाइन नंबर दिया, कर्मचारी के खाते से 50 हजार निकले

शाहपुरा इलाके में एटीएम में डेबिट कार्ड फंसने के बाद मदद के बहाने पीडब्ल्यूडी कर्मचारी से 50 हजार रुपए की साइबर ठगी हो गई। भरत नगर, ई-8 निवासी सुदामा प्रसाद शर्मा (61) 9 फरवरी 2025 को श्वेता मंदिर के पास एसबीआई एटीएम से रुपए निकालने गए थे।

उन्होंने इंडियन बैंक का डेबिट कार्ड मशीन में डाला, लेकिन कार्ड अंदर फंस गया। वहां मौजूद एक व्यक्ति ने मदद के बहाने एटीएम पर लगे पर्चे में दिए मोबाइल नंबर पर कॉल करने को कहा। सुदामा ने नंबर पर बात की। बातचीत के दौरान कार्ड बाहर निकल आया और ट्रांजेक्शन कैंसिल हो गया।

इसके बाद वे कार्ड लेकर घर चले गए। अगले दिन 10 फरवरी को दोपहर करीब 12 बजे उनके मोबाइल पर खाते से रकम निकलने के मैसेज आने लगे। पांच ट्रांजेक्शन में 10-10 हजार रुपए निकाले गए। बैंक पहुंचकर उन्होंने कार्ड और खाता ब्लॉक कराया।

पासबुक में रकम अयोध्या बायपास स्थित एटीएम से निकलना सामने आया। सुदामा ने बताया कि कार्ड और चिप उनके पास ही थी। उन्होंने न कार्ड किसी को दिया और न पिन या ओटीपी साझा किया था।

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