Higher Education in India: शिक्षा के क्षेत्र में भारत के लिए गुड न्यूज है. भारत में उच्च शिक्षा का दायरा पिछले एक दशक में तेजी से बढ़ा है. शिक्षा मंत्रालय के ऑल इंडिया सर्वे ऑन हायर एजुकेशन (AISHE) के आंकड़ों के मुताबिक, 2014-15 से 2023-24 के बीच देश में विश्वविद्यालयों, कॉलेजों और अन्य उच्च शिक्षण संस्थानों की संख्या में बड़ी बढ़ोतरी हुई है. इसके साथ ही छात्रों के नामांकन, महिला भागीदारी और शिक्षकों की संख्या में भी इजाफा हुआ है.
AISHE की रिपोर्ट के मुताबिक, देश में विश्वविद्यालयों की संख्या 2014-15 में 760 थी, जो 2023-24 में बढ़कर 1,289 हो गई. यानी इस दौरान करीब 69.6% की बढ़ोतरी हुई. इसी तरह कॉलेजों की संख्या 38,498 से बढ़कर 48,246 हो गई. इसमें करीब 25.3% की वृद्धि हुई. स्टैंडअलोन संस्थानों की संख्या भी 12,276 से बढ़कर 15,221 हो गई. इस डाटा से साफ है कि देश में उच्च शिक्षा के लिए संस्थानों का नेटवर्क पहले के मुकाबले काफी बड़ा हुआ है.
A Growing Higher Education Footprint
According to AISHE (The All India Survey on Higher Education) reports, India’s higher education network has expanded significantly over the decade.
The number of universities increased from 760 in 2014–15 to 1,289 in 2023–24, representing a… pic.twitter.com/1ac7xmCrqu
— Akashvani आकाशवाणी (@AkashvaniAIR) September 1, 2026
उच्च शिक्षा में 4.50 करोड़ छात्र
उच्च शिक्षा में छात्रों की संख्या भी लगातार बढ़ी है. 2014-15 में देश के उच्च शिक्षण संस्थानों में करीब 3.42 करोड़ छात्र नामांकित थे. 2023-24 में यह संख्या बढ़कर 4.50 करोड़ हो गई, यानी करीब 31.5% की वृद्धि हुई. उच्च शिक्षा का सकल नामांकन अनुपात यानी GER भी 2014-15 के 23.7% से बढ़कर 2023-24 में 30% हो गया. सरकार का लक्ष्य 2035 तक इसे 50% तक पहुंचाना है.
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Phd और इंटीग्रेटेड कोर्स में सबसे ज्यादा बढ़ोतरी
पिछले 10 साल में अलग-अलग स्तरों पर छात्रों के नामांकन में भी काफी बदलाव हुआ है. पीएचडी में छात्रों की संख्या 1.17 लाख से बढ़कर 3.43 लाख हो गई. वहीं इंटीग्रेटेड कोर्स में नामांकन 1.41 लाख से बढ़कर 5.69 लाख पहुंच गया. पोस्ट ग्रेजुएट स्तर पर नामांकन 38.53 लाख से बढ़कर 57.85 लाख और अंडर ग्रेजुएट स्तर पर 2.71 करोड़ से बढ़कर 3.45 करोड़ हो गया.
उच्च शिक्षा में महिलाओं की भागीदारी बढ़ी
उच्च शिक्षा में महिलाओं की भागीदारी में भी बड़ी बढ़ोतरी हुई है. 2014-15 में करीब 1.57 करोड़ महिलाएं उच्च शिक्षा में नामांकित थीं. 2023-24 में यह संख्या बढ़कर 2.24 करोड़ हो गई। यानी करीब 42.2% की वृद्धि हुई. महिलाओं का GER भी 22.9% से बढ़कर 31.2% हो गया. खास बात यह है कि 2023-24 में महिलाओं का GER पुरुषों के 28.9% से ज्यादा रहा.
SC, ST और OBC छात्रों का नामांकन बढ़ा
उच्च शिक्षा में सामाजिक रूप से पिछड़े वर्गों की भागीदारी भी बढ़ी है. कुल नामांकन में SC छात्रों की हिस्सेदारी 2014-15 के 13.44% से बढ़कर 2023-24 में 15.5% हो गई. ST छात्रों की हिस्सेदारी 4.8% से बढ़कर 6.4% और OBC छात्रों की हिस्सेदारी 32.8% से बढ़कर 40.1% हो गई. SC छात्रों का GER 18.9% से बढ़कर 27.8% और ST छात्रों का GER 13.5% से बढ़कर 22.8% हो गया.
STEM में भी बढ़ा छात्रों का रुझान
विज्ञान, तकनीक, इंजीनियरिंग और गणित यानी STEM विषयों में भी छात्रों की संख्या बढ़ी है. 2014-15 में STEM में करीब 91.5 लाख छात्र थे. 2023-24 में यह संख्या बढ़कर 1.02 करोड़ हो गई. STEM शिक्षा में बढ़ोतरी को देश में तकनीक, रिसर्च, इनोवेशन और रोजगार के बढ़ते अवसरों से भी जोड़कर देखा जा रहा है.
भारत में बढ़ी विदेशी छात्रों की संख्या
भारत में पढ़ाई करने वाले विदेशी छात्रों की संख्या भी बढ़ी है. 2014-15 में 42,293 विदेशी छात्र भारतीय उच्च शिक्षण संस्थानों में पढ़ रहे थे. 2023-24 में यह संख्या बढ़कर 58,134 हो गई. यानी करीब 37.5% की बढ़ोतरी हुई. यह भारत के उच्च शिक्षा क्षेत्र की बढ़ती अंतरराष्ट्रीय पहचान को दिखाता है.
शिक्षकों की संख्या में भी इजाफा
उच्च शिक्षा संस्थानों में शिक्षकों की संख्या 2014-15 में 14.73 लाख थी, जो 2023-24 में बढ़कर 17.32 लाख हो गई. यानी करीब 2.59 लाख शिक्षकों की बढ़ोतरी हुई. इस दौरान महिला शिक्षकों की संख्या में करीब 36.7% की वृद्धि हुई. 2023-24 में कुल शिक्षकों में महिलाओं की हिस्सेदारी 44.9% रही.
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