रीवा जिले के गंगेव जनपद के हिनौती शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय में कक्षा पहली से 12वीं तक के 700 से अधिक छात्र जर्जर भवनों में पढ़ाई करने को मजबूर हैं। भवन की खराब स्थिति को लेकर स्कूल प्रबंधन और ग्राम पंचायत लगातार अधिकारियों को जानकारी दे रहे है

.

पिछले साल से भेजी जा रही जानकारी

विद्यालय परिसर में पालक-शिक्षक संघ और स्थानीय नागरिकों की बैठक के दौरान प्राचार्य प्रमोद कुमार पांडेय ने बताया कि जर्जर भवनों की जानकारी पिछले वर्ष से लगातार शासन को भेजी जा रही है। गूगल शीट, गूगल मीट और लिखित पत्रों के माध्यम से संबंधित विभागों को अवगत कराया गया है। पंचायत विभाग और ग्राम पंचायत को भी प्रस्ताव भेजे गए हैं, लेकिन अब तक मरम्मत कार्य शुरू नहीं हुआ।

स्कूल की हालत जर्जर है, इसी में बच्चे पढ़ते हैं।

स्कूल की हालत जर्जर है, इसी में बच्चे पढ़ते हैं।

25 लाख की तकनीकी स्वीकृति, फिर भी काम शुरू नहीं

ग्राम पंचायत सेदहा की सरपंच पूनम सिंह और सरपंच प्रतिनिधि पुष्पराज सिंह ने बताया कि ग्राम सभा के प्रस्ताव के आधार पर 17 नवंबर 2025 को कार्यपालन यंत्री, सहायक यंत्री और उपयंत्री ने 25 लाख रुपए की तकनीकी स्वीकृति दी थी। इस राशि से स्कूल भवन की मरम्मत और पेवर ब्लॉक निर्माण होना था। यह कार्य डीएमएफ मद से प्रस्तावित था, लेकिन प्रशासकीय स्वीकृति और राशि जारी नहीं होने से निर्माण शुरू नहीं हो सका।

निर्देश के बावजूद जर्जर भवनों में लग रही कक्षाएं

संभागायुक्त शीलेन्द्र सिंह और कलेक्टर नरेंद्र कुमार सूर्यवंशी पहले ही जर्जर भवनों में कक्षाएं संचालित नहीं करने के निर्देश दे चुके हैं। इसके बावजूद वैकल्पिक व्यवस्था नहीं होने से सैकड़ों छात्र इन्हीं भवनों में पढ़ाई कर रहे हैं। इससे उनकी सुरक्षा को लेकर चिंता बनी हुई है।

डीएमएफ के काम लंबित होने का आरोप

सामाजिक कार्यकर्ता और आरटीआई एक्टिविस्ट शिवानंद द्विवेदी ने आरोप लगाया कि डीएमएफ के कई महत्वपूर्ण कार्य लंबे समय से लंबित हैं। उन्होंने बताया कि इस संबंध में पहले भी संभागायुक्त को ज्ञापन देकर डीएमएफ की कार्यप्रणाली की जांच और जिम्मेदार अधिकारियों पर कार्रवाई की मांग की गई थी।

कलेक्टर ने मांगी रिपोर्ट

कलेक्टर नरेंद्र कुमार सूर्यवंशी ने मामले का संज्ञान लेते हुए संबंधित अधिकारियों से रिपोर्ट तलब की है। उन्होंने छात्रों की सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। कलेक्टर के हस्तक्षेप के बाद स्थानीय लोगों और स्कूल प्रबंधन को उम्मीद है कि लंबे समय से लंबित मरम्मत और निर्माण कार्य जल्द शुरू होगा।