राजस्थान में एंटी नारकोटिक्स टास्क फोर्स (एएनटीएफ) ने 300 दिनों में 700 करोड़ रुपए से अधिक कीमत के नशीले पदार्थ जब्त किए हैं। जबकि पिछले पूरे साल राजस्थान पुलिस ने एनडीपीएस एक्ट के तहत करीब 850 करोड़ रुपए के मादक पदार्थ जब्त किए थे। ऐसे में ANTF का द

.

एएनटीएफ के महानिरीक्षक(आईजी) विकास कुमार ने बताया- मुख्यालय के साथ 18 एएनटीएफ चौकियों के जरिए तस्करों की धरपकड़ की जा रही है। पिछले 10 महीनों में 360 किलो से अधिक अफीम जब्त की जा चुकी है। जालोर से 81 किलो, भीलवाड़ा से 50 किलो, सीकर से 20 किलो और हरियाणा के सिरसा से करीब 100 किलो अफीम बरामद की गई। मणिपुर सहित अन्य राज्यों से राजस्थान लाई जाने वाली अफीम को भी जब्त किया है।

वहीं ANTF के गठन के बाद 34 एमडी फैक्ट्रियों के खिलाफ कार्रवाई की गई। इस साल सामने आए 27 मामलों में से 10 का खुलासा अकेले एएनटीएफ ने किया। जोधपुर ग्रामीण के बालेसर में एक फैक्ट्री से 176 किलो एमडी बरामद हुई।

आईजी ने दावा किया कि पिछले साल पूरे राजस्थान में करीब 70 किलो एमडी पकड़ी गई थी, जबकि इस बार एएनटीएफ अकेले 185 किलो से अधिक एमडी जब्त कर चुकी है, ऐसे में राजस्थान में नशीले पदार्थ पकड़ने के सभी पुराने रिकॉर्ड टूट सकते हैं।

एएनटीएफ ने गठन के बाद से अब तक 700 करोड़ रुपए से ज्यादा कीमत के मादक पदार्थ जब्त किए हैं।

एएनटीएफ ने गठन के बाद से अब तक 700 करोड़ रुपए से ज्यादा कीमत के मादक पदार्थ जब्त किए हैं।

अवैध खेती और 84 बड़े तस्कर गिरफ्तार आईजी ने बताया कि एएनटीएफ ने अफीम और गांजे की अवैध खेती के खिलाफ भी बड़ा अभियान चलाया। अब तक 18 बड़े मामलों का खुलासा हुआ है। उदयपुर में 50 बीघा में गांजे और 300 बीघा में अफीम की अवैध खेती नष्ट की गई। इसके अलावा राजसमंद, बालोतरा, झालावाड़, भीलवाड़ा, बीकानेर, भरतपुर, प्रतापगढ़, चित्तौड़गढ़, झुंझुनूं, करौली और जयपुर सहित कई जिलों में कार्रवाई की गई।

इस दौरान नशे के कारोबार से जुड़े 84 बड़े सरगनाओं को गिरफ्तार किया गया। इनमें कई ऐसे आरोपी शामिल थे, जिन पर 25 हजार से लेकर एक लाख रुपए से ज्यादा का इनाम घोषित था और जो सालों से फरार चल रहे थे। इनकी गिरफ्तारी के लिए राजस्थान के अलावा मध्यप्रदेश, गुजरात, पंजाब, हरियाणा, पश्चिम बंगाल, महाराष्ट्र, केरल और तेलंगाना सहित कई राज्यों में अभियान चलाए गए।

मध्यप्रदेश के मंदसौर जिले का रहने वाला सुखलाल आंजना पर 25 हजार रुपए का इनाम घोषित था, उसे चित्तौड़गढ़ में पकड़ा गया। फाइल फोटो।

मध्यप्रदेश के मंदसौर जिले का रहने वाला सुखलाल आंजना पर 25 हजार रुपए का इनाम घोषित था, उसे चित्तौड़गढ़ में पकड़ा गया। फाइल फोटो।

कई राज्यों और एजेंसियों के साथ संयुक्त अभियान आईजी विकास कुमार ने बताया कि एएनटीएफ ने एनसीबी, सीबीएन और मध्यप्रदेश, गुजरात, हरियाणा, तेलंगाना और पश्चिम बंगाल पुलिस के साथ संयुक्त अभियान चलाकर कई बड़े नेटवर्क ध्वस्त किए।

कार्रवाई के दौरान मणिपुर से आने वाली अफीम, झारखंड से डोडा चूरा, ओडिशा और तेलंगाना से गांजा, पाकिस्तान सीमा से ड्रोन के जरिए भेजी जाने वाली हेरोइन और राजस्थान में तैयार की जा रही एमडी की सप्लाई चेन को भी तोड़ा गया है, जिससे तस्करी के मामलों में गिरावट आई है।

आईजी का कहना है कि पिछले 10 महीनों में 84 सरगनाओं को भी गिरफ्तार किया गया।

आईजी का कहना है कि पिछले 10 महीनों में 84 सरगनाओं को भी गिरफ्तार किया गया।

आईजी ने मांगी जनता से मदद, बोले- नशे का कारोबार खत्म करेंगे आईजी विकास कुमार ने कहा कि नशे के पूरे कारोबार को कमजोर करना ही उद्देश्य है। उन्होंने कहा कि आमजन मादक पदार्थों की तस्करी या इससे जुड़े अपराधियों की जानकारी एएनटीएफ के कंट्रोल रूम या वॉट्सऐप नंबर पर दे सकते हैं। सूचना देने वाले की पहचान पूरी तरह गोपनीय रखी जाएगी। उन्होंने विश्वास जताया कि पुलिस और जनता के संयुक्त प्रयासों से राजस्थान को नशा मुक्त बना सकेंगे।