मुरादाबाद जिले की विधानसभा क्षेत्र संख्या 27-मुरादाबाद ग्रामीण से समाजवादी पार्टी के विधायक हाजी नासिर कुरैशी की विधायक निधि से जुड़े चार वित्तीय वर्षों के आंकड़े सामने आए हैं। Haji Nasir Qureshi MLA Fund Report के अनुसार वित्तीय वर्ष 2023-24 से 2026-27 की उपलब्ध रिपोर्ट में कुल 749 विकास कार्यों की अनुशंसा दर्ज है। इनमें 684 प्रस्तावों को प्रशासनिक स्वीकृति मिली, जबकि 65 कार्य निरस्त किए गए। रिपोर्ट तैयार होने तक कोई प्रस्ताव स्वीकृति के लिए लंबित नहीं था।

वर्षवार आंकड़ों में 2023-24 का प्रदर्शन सबसे मजबूत दिखाई देता है। उस वर्ष विधायक की ओर से प्रस्तावित सभी 247 कार्य स्वीकृत हुए। वित्तीय वर्ष 2024-25 में 252 कार्य अनुशंसित किए गए, जिनमें 230 को स्वीकृति मिली और 22 निरस्त हुए। इसके बाद 2025-26 में 250 प्रस्ताव दर्ज हुए। इनमें 207 कार्य स्वीकृत और 43 निरस्त किए गए। चालू वित्तीय वर्ष 2026-27 की 13 जुलाई 2026 तक उपलब्ध रिपोर्ट में हाजी नासिर कुरैशी के नाम से कोई नया कार्य दर्ज नहीं था।

इन आंकड़ों का सीधा अर्थ यह है कि उपलब्ध वर्षों में प्रत्येक 100 अनुशंसित विकास कार्यों में लगभग 91 को मंजूरी मिली और करीब नौ प्रस्ताव निरस्त हुए। इसके साथ एक महत्वपूर्ण तथ्य यह भी है कि स्वीकृत दिखाए गए 684 प्रस्तावों को सीधे 684 पूर्ण विकास कार्य नहीं माना जा सकता। प्रशासनिक स्वीकृति, धनराशि जारी होना, निर्माण शुरू होना और कार्य का पूरा होना अलग-अलग अवस्थाएं हैं।

Haji Nasir Qureshi MLA Fund Report की वर्षवार पूरी तालिका

वित्तीय वर्षअनुशंसित कार्य45 दिन तक लंबित45-60 दिन लंबित60 दिन से अधिक लंबितकुल लंबित45 दिन में स्वीकृत45-60 दिन में स्वीकृत60 दिन बाद स्वीकृतकुल स्वीकृतनिरस्त कार्यस्वीकृति दर
2023-242470000247002470100%
2024-25252000023941132302291.27%
2025-26250000010364402074382.80%
2026-27*0000000000लागू नहीं
कुल74900003731581536846591.32%

*वित्तीय वर्ष 2026-27 की स्थिति उपलब्ध रिपोर्ट की तारीख तक है। वित्तीय वर्ष जारी होने के कारण नए प्रस्ताव बाद में पोर्टल पर जोड़े जा सकते हैं।

विधायकवार आधिकारिक कार्य-स्थिति, निधि जारी होने और व्यय की रिपोर्ट MLA LADS UP के सरकारी पोर्टल पर देखी जा सकती है। पोर्टल ग्राम्य विकास विभाग, उत्तर प्रदेश के अंतर्गत विधान मंडल क्षेत्र विकास निधि योजना से संबंधित जानकारी उपलब्ध कराता है। (mlaladsup.in)

चार वर्षों में कुल 749 कार्यों की अनुशंसा

चार वित्तीय वर्षों की उपलब्ध रिपोर्ट को जोड़ने पर हाजी नासिर कुरैशी के नाम कुल 749 विकास प्रस्ताव दर्ज होते हैं। इनमें 684 कार्यों को मंजूरी मिली और 65 प्रस्ताव निरस्त किए गए। कोई प्रस्ताव लंबित नहीं है।

संयुक्त कार्य-स्थिति

विवरणकार्यों की संख्याकुल प्रस्तावों में हिस्सा
कुल अनुशंसित कार्य749100%
कुल स्वीकृत कार्य68491.32%
कुल निरस्त कार्य658.68%
कुल लंबित कार्य00%

संयुक्त स्वीकृति दर 91.32 प्रतिशत है। यह दर प्रशासनिक मंजूरी के स्तर पर मजबूत दिखाई देती है, लेकिन तीन सक्रिय वर्षों की दिशा एक जैसी नहीं रही। पहले वर्ष में स्वीकृति 100 प्रतिशत थी। दूसरे वर्ष यह घटकर 91.27 प्रतिशत और तीसरे वर्ष 82.80 प्रतिशत रह गई।

अर्थात प्रस्तावों की संख्या लगभग स्थिर रहने के बावजूद स्वीकृति दर लगातार घटी। वर्ष 2023-24 में 247 प्रस्ताव थे। वर्ष 2024-25 में यह संख्या केवल पांच बढ़कर 252 हुई और 2025-26 में दो घटकर 250 रह गई। इसके विपरीत निरस्त प्रस्तावों की संख्या शून्य से बढ़कर पहले 22 और फिर 43 हो गई।

यह बदलाव विधायक निधि रिपोर्ट का सबसे महत्वपूर्ण हिस्सा है। इससे यह प्रश्न उठता है कि जब हर वर्ष प्रस्तावों की कुल संख्या लगभग 250 रही तो बाद के वर्षों में प्रशासनिक आपत्तियां या निरस्तीकरण क्यों बढ़े।

वित्तीय वर्ष 2023-24: सभी 247 प्रस्तावों को मिली स्वीकृति

वित्तीय वर्ष 2023-24 हाजी नासिर कुरैशी की विधायक निधि रिपोर्ट का सबसे मजबूत वर्ष रहा। इस वर्ष कुल 247 विकास कार्यों की अनुशंसा की गई और सभी 247 प्रस्ताव स्वीकृत दर्ज हुए। कोई प्रस्ताव लंबित या निरस्त नहीं दिखाया गया है।

रिपोर्ट में सभी स्वीकृत कार्य 45 दिन वाली श्रेणी में दर्ज हैं। इसका अर्थ है कि पोर्टल के उपलब्ध रिकॉर्ड के अनुसार सभी प्रस्तावों पर शुरुआती निर्धारित अवधि में निर्णय हो गया था। इस वर्ष की स्वीकृति दर 100 प्रतिशत रही।

प्रदेश की सभी विधानसभा सीटों के इस वित्तीय वर्ष के तुलनात्मक आंकड़े UP MLA Fund Report 2023-24 में देखे जा सकते हैं। इस रिपोर्ट के माध्यम से मुरादाबाद ग्रामीण के प्रदर्शन की तुलना मुरादाबाद जिले की दूसरी सीटों और प्रदेश के अन्य विधायकों से की जा सकती है।

सभी 247 प्रस्तावों का स्वीकृत होना कई स्तरों पर महत्वपूर्ण है। प्रस्ताव तैयार करते समय कार्य की पात्रता, जमीन की स्थिति, अनुमानित लागत और संबंधित कार्यदायी संस्था का चयन महत्वपूर्ण होता है। यदि इन बिंदुओं में कमी हो तो जिला प्रशासन प्रस्ताव पर आपत्ति लगा सकता है या उसे निरस्त कर सकता है।

वर्ष 2023-24 में किसी प्रस्ताव का निरस्त नहीं होना बताता है कि पोर्टल पर दर्ज सभी प्रस्ताव प्रशासनिक प्रक्रिया में स्वीकार किए गए। हालांकि यह जानकारी कार्यों के भौतिक रूप से पूर्ण होने की पुष्टि नहीं करती।

स्वीकृति के बाद कार्यदायी संस्था को धन जारी करने, मौके पर निर्माण शुरू कराने, गुणवत्ता परीक्षण और पूर्णता प्रमाणपत्र जारी करने की प्रक्रिया होती है। इसलिए जनता के लिए अगला प्रश्न यह होना चाहिए कि इन 247 स्वीकृत कार्यों में से कितने वास्तव में पूरे हुए और कितने कार्य अगले वित्तीय वर्ष में चले गए।

वित्तीय वर्ष 2024-25: 252 प्रस्तावों में 230 स्वीकृत

वित्तीय वर्ष 2024-25 में हाजी नासिर कुरैशी ने चार वर्षों में सबसे अधिक 252 विकास कार्यों की अनुशंसा की। इनमें से 230 कार्यों को स्वीकृति मिली और 22 प्रस्ताव निरस्त कर दिए गए। वर्ष की स्वीकृति दर 91.27 प्रतिशत रही।

इस वर्ष कोई प्रस्ताव लंबित नहीं दिखाया गया। सभी 252 प्रस्तावों पर स्वीकृति या निरस्तीकरण के रूप में निर्णय दर्ज हो चुका था।

इस वित्तीय वर्ष के प्रदेश और जिला स्तर के आंकड़े UP MLA Fund Report 2024-25 में उपलब्ध हैं।

2024-25 में स्वीकृति में लगा समय

स्वीकृति की समयावधिकार्यों की संख्याकुल 230 स्वीकृत कार्यों में हिस्सा
45 दिन के भीतर2310%
45 से 60 दिन में9440.87%
60 दिन के बाद11349.13%
कुल230100%

वर्ष 2024-25 में केवल 23 प्रस्ताव 45 दिन के भीतर स्वीकृत हुए। कुल 94 कार्यों को 45 से 60 दिन के बीच मंजूरी मिली, जबकि सबसे अधिक 113 प्रस्ताव 60 दिन से अधिक समय के बाद स्वीकृत हुए।

इसका अर्थ है कि करीब आधे स्वीकृत कार्यों पर निर्णय लेने में दो महीने से अधिक का समय लगा। यह स्थिति पिछले वर्ष से बिल्कुल अलग है। वर्ष 2023-24 में सभी 247 प्रस्ताव 45 दिन वाली श्रेणी में स्वीकृत थे।

प्रक्रिया में देरी कई कारणों से हो सकती है। प्रस्तावित कार्य की जमीन का सत्यापन, विभागीय अनापत्ति, तकनीकी अनुमान, स्वीकृत लागत में संशोधन, कार्यदायी संस्था से रिपोर्ट या किसी दूसरी योजना से दोहराव की जांच में समय लग सकता है।

सारांश रिपोर्ट देरी का कारण नहीं बताती। इसलिए केवल समयावधि देखकर जिला प्रशासन या विधायक कार्यालय पर जिम्मेदारी तय नहीं की जा सकती। इसके लिए प्रस्ताववार पत्रावली और संबंधित विभागों की आपत्तियां देखना आवश्यक होगा।

2023-24 और 2024-25 की तुलना

विवरण2023-242024-25बदलाव
अनुशंसित कार्य247252+5
स्वीकृत कार्य247230-17
निरस्त कार्य022+22
स्वीकृति दर100%91.27%-8.73 प्रतिशत अंक
60 दिन बाद स्वीकृत0113+113

प्रस्तावों की संख्या में केवल पांच की वृद्धि हुई, लेकिन मंजूर कार्यों की संख्या 17 घट गई। निरस्त कार्य शून्य से बढ़कर 22 हो गए। सबसे बड़ा बदलाव स्वीकृति की गति में आया, क्योंकि 113 कार्यों को 60 दिन के बाद मंजूरी मिली।

वित्तीय वर्ष 2025-26: निरस्त प्रस्ताव बढ़कर 43 हुए

वित्तीय वर्ष 2025-26 में हाजी नासिर कुरैशी की ओर से 250 विकास कार्यों की अनुशंसा दर्ज है। इनमें 207 को स्वीकृति मिली और 43 प्रस्ताव निरस्त हुए। इस वर्ष भी कोई प्रस्ताव लंबित नहीं था।

वर्ष की स्वीकृति दर 82.80 प्रतिशत रही, जो तीन सक्रिय वित्तीय वर्षों में सबसे कम है। निरस्तीकरण की दर 17.20 प्रतिशत तक पहुंच गई।

प्रदेश और जिला स्तर पर इस वर्ष के निधि आवंटन, व्यय और कामों की स्थिति UP MLA Fund Report 2025-26 में पढ़ी जा सकती है।

2025-26 में स्वीकृति का समय

स्वीकृति की समयावधिकार्यों की संख्याकुल 207 स्वीकृत कार्यों में हिस्सा
45 दिन के भीतर10349.76%
45 से 60 दिन में6430.92%
60 दिन के बाद4019.32%
कुल207100%

वर्ष 2024-25 की तुलना में 2025-26 में प्रस्तावों की स्वीकृति की गति कुछ बेहतर हुई। पिछले वर्ष केवल 23 कार्य 45 दिन में स्वीकृत हुए थे, जबकि 2025-26 में यह संख्या बढ़कर 103 हो गई।

इसके बावजूद अंतिम स्वीकृति दर गिर गई, क्योंकि निरस्त प्रस्तावों की संख्या 22 से बढ़कर 43 हो गई। यानी प्रशासनिक प्रक्रिया तेज होने के बावजूद अधिक प्रस्ताव मंजूरी के मानकों पर खरे नहीं उतरे या किसी अन्य कारण से निरस्त हुए।

2024-25 और 2025-26 की तुलना

विवरण2024-252025-26बदलाव
अनुशंसित कार्य252250-2
स्वीकृत कार्य230207-23
निरस्त कार्य2243+21
स्वीकृति दर91.27%82.80%-8.47 प्रतिशत अंक
45 दिन में स्वीकृत23103+80
60 दिन बाद स्वीकृत11340-73

यह तुलना मिश्रित तस्वीर प्रस्तुत करती है। एक तरफ समयबद्ध स्वीकृति में सुधार हुआ, क्योंकि 45 दिन में मंजूर प्रस्तावों की संख्या बढ़ी। दूसरी तरफ कुल स्वीकृत कार्य घटे और निरस्त प्रस्ताव लगभग दोगुने हो गए।

इन 43 निरस्त प्रस्तावों की कार्यवार जानकारी सामने आना जरूरी है। सारांश आंकड़े यह नहीं बताते कि किन गांवों, वार्डों या मोहल्लों के कार्य निरस्त हुए और इसके पीछे क्या कारण था।

वित्तीय वर्ष 2026-27: उपलब्ध रिपोर्ट में कोई नया प्रस्ताव नहीं

वित्तीय वर्ष 2026-27 की 13 जुलाई 2026 तक उपलब्ध विधायकवार रिपोर्ट में हाजी नासिर कुरैशी के नाम के सामने अनुशंसित, स्वीकृत, लंबित या निरस्त कार्यों की कोई संख्या दर्ज नहीं है।

इस स्थिति को पूरे वित्तीय वर्ष का अंतिम प्रदर्शन नहीं माना जा सकता। वित्तीय वर्ष एक अप्रैल 2026 से शुरू हुआ है और 31 मार्च 2027 तक चलेगा। आने वाले महीनों में नए प्रस्ताव भेजे और पोर्टल पर दर्ज किए जा सकते हैं।

इस वर्ष की जिला और विधानसभा क्षेत्रवार स्थिति UP MLA Fund Report 2026-27 में अपडेट की जाती है।

विधायक निधि से संबंधित सभी वर्षवार रिपोर्ट, जिला विश्लेषण और विधायकों के रिपोर्ट कार्ड उत्तर प्रदेश विधायक निधि रिपोर्ट के मुख्य पेज पर एक साथ उपलब्ध हैं।

कुल 684 स्वीकृत कार्यों में कितनों को समय पर मंजूरी मिली

हाजी नासिर कुरैशी के तीन सक्रिय वित्तीय वर्षों में कुल 684 कार्य स्वीकृत हुए। इनमें 373 प्रस्तावों को 45 दिन के भीतर, 158 को 45 से 60 दिन के बीच और 153 कार्यों को 60 दिन से अधिक समय के बाद स्वीकृति मिली।

स्वीकृति की अवधिस्वीकृत कार्यकुल 684 स्वीकृत कार्यों में हिस्सा
45 दिन में स्वीकृत37354.53%
45 से 60 दिन में स्वीकृत15823.10%
60 दिन के बाद स्वीकृत15322.37%
कुल684100%

इस तरह 77.63 प्रतिशत स्वीकृत कार्यों को अधिकतम 60 दिन के भीतर मंजूरी मिल गई। करीब 22.37 प्रतिशत कार्यों पर निर्णय लेने में 60 दिन से अधिक का समय लगा।

यहां वर्ष 2024-25 का प्रभाव सबसे अधिक है। उस वर्ष अकेले 113 प्रस्ताव 60 दिन के बाद स्वीकृत हुए थे। वर्ष 2025-26 में यह संख्या घटकर 40 रह गई।

साल-दर-साल प्रस्ताव लगभग समान, लेकिन मंजूरी घटी

वित्तीय वर्षअनुशंसित कार्यपिछले वर्ष से बदलावस्वीकृत कार्यनिरस्त कार्य
2023-24247लागू नहीं2470
2024-25252+523022
2025-26250-220743
2026-27*0तुलना उपयुक्त नहीं00

तीन पूर्ण वित्तीय वर्षों में प्रस्तावों की संख्या 247 से 252 के बीच रही। इसका अर्थ है कि विधायक की ओर से हर वर्ष लगभग समान संख्या में विकास कार्य भेजे गए।

फिर भी स्वीकृत कार्य 247 से घटकर 230 और बाद में 207 रह गए। दूसरी ओर निरस्त कार्य शून्य से बढ़कर 22 और फिर 43 तक पहुंच गए।

इस बदलाव का कारण केवल सारांश तालिका से स्पष्ट नहीं होता। संभावित कारणों में प्रस्तावित जमीन का उपलब्ध न होना, कार्य का विधायक निधि के नियमों से बाहर होना, लागत संबंधी आपत्ति, पहले से दूसरी योजना में काम स्वीकृत होना या प्रस्ताव में आवश्यक दस्तावेजों की कमी शामिल हो सकती है।

लेकिन ये केवल सामान्य प्रक्रियात्मक संभावनाएं हैं। हाजी नासिर कुरैशी के निरस्त प्रस्तावों का वास्तविक कारण कार्यवार आदेश देखने के बाद ही बताया जा सकता है।

65 निरस्त कार्यों की सूची सार्वजनिक होने की जरूरत

तीन सक्रिय वित्तीय वर्षों में कुल 65 प्रस्ताव निरस्त हुए। इनमें 22 कार्य 2024-25 और 43 कार्य 2025-26 के हैं। चार वर्षों के कुल निरस्त कार्यों में 66.15 प्रतिशत हिस्सेदारी अकेले 2025-26 की है।

वित्तीय वर्षनिरस्त कार्यकुल 65 निरस्त प्रस्तावों में हिस्सा
2023-2400%
2024-252233.85%
2025-264366.15%
2026-2700%
कुल65100%

पारदर्शिता के लिए प्रत्येक निरस्त प्रस्ताव का नाम, गांव या वार्ड, प्रस्तावित लागत, कार्यदायी संस्था और निरस्तीकरण का कारण सार्वजनिक होना चाहिए।

यदि प्रस्ताव तकनीकी कमी के कारण निरस्त हुआ तो उसे संशोधित कर दोबारा भेजा जा सकता है। जमीन उपलब्ध नहीं होने की स्थिति में वैकल्पिक स्थान चुना जा सकता है। यदि काम किसी अन्य सरकारी योजना में पहले से शामिल था तो जनता को उस योजना की वर्तमान स्थिति बताई जानी चाहिए।

केवल “निरस्त” दर्ज कर देने से नागरिकों को यह जानकारी नहीं मिलती कि उनकी सार्वजनिक जरूरत का समाधान आगे किस माध्यम से होगा।

स्वीकृत कार्य और पूर्ण काम में अंतर

विधायक निधि रिपोर्ट का मूल्यांकन करते समय सबसे महत्वपूर्ण सावधानी यह है कि स्वीकृत कार्य को पूर्ण काम न मान लिया जाए।

विधायक किसी विकास कार्य की अनुशंसा करता है। जिला प्रशासन प्रस्ताव की पात्रता, जमीन, तकनीकी आवश्यकता और अनुमानित लागत की जांच करता है। इसके बाद प्रशासनिक तथा वित्तीय स्वीकृति दी जाती है।

स्वीकृति के बाद संबंधित कार्यदायी संस्था को धनराशि जारी की जाती है। आवश्यकता के अनुसार निविदा या विभागीय प्रक्रिया पूरी होती है। उसके बाद निर्माण शुरू होता है। काम पूरा होने पर तकनीकी सत्यापन, गुणवत्ता जांच और उपयोग प्रमाणपत्र जारी किया जाता है।

इसलिए 684 स्वीकृत कार्यों को तभी पूर्ण माना जा सकता है, जब उनकी भौतिक प्रगति और पूर्णता रिपोर्ट उपलब्ध हो।

वास्तविक प्रगति जांचने के लिए जरूरी विवरण

जांच का विषयआवश्यक जानकारी
कार्य की पहचानकार्य का नाम, गांव, वार्ड और विकास खंड
वित्तीय स्वीकृतिकार्य के लिए स्वीकृत लागत
धनराशि जारीपहली और दूसरी किस्त का विवरण
वास्तविक व्ययकार्य पर खर्च हुई धनराशि
कार्यदायी संस्थानिर्माण कराने वाला विभाग या एजेंसी
भौतिक स्थितिशुरू नहीं, निर्माणाधीन या पूर्ण
समयसीमास्वीकृति, शुरुआत और पूर्णता की तारीख
फोटो प्रमाणकार्य से पहले, निर्माण के दौरान और पूर्ण होने के बाद की तस्वीर
गुणवत्तानिरीक्षण रिपोर्ट और पूर्णता प्रमाणपत्र

2022 में 56,820 वोटों से जीते थे हाजी नासिर कुरैशी

हाजी नासिर कुरैशी का आधिकारिक नाम विधानसभा रिकॉर्ड और uttarpradesh.org की प्रोफाइल में मोहम्मद नासिर कुरैशी दर्ज है। वह समाजवादी पार्टी के टिकट पर 2022 में पहली बार मुरादाबाद ग्रामीण सीट से विधायक चुने गए। उनकी विधायक प्रोफाइल में व्यक्तिगत विवरण, विधानसभा क्षेत्र और 2022 की चुनावी जीत की जानकारी उपलब्ध है। (UP News)

2022 के विधानसभा चुनाव में उन्हें 1,43,337 वोट मिले थे। भारतीय जनता पार्टी के कृष्णकांत मिश्रा को 86,517 मत प्राप्त हुए। हाजी नासिर कुरैशी ने 56,820 वोटों के अंतर से जीत दर्ज की। (UP News)

मुरादाबाद ग्रामीण विधानसभा चुनाव 2022

उम्मीदवारपार्टीप्राप्त वोटवोट प्रतिशत
मोहम्मद नासिर कुरैशीसमाजवादी पार्टी1,43,33756.88%
कृष्णकांत मिश्राभारतीय जनता पार्टी86,51734.38%
अन्य उम्मीदवारविभिन्न दलशेष वोटशेष हिस्सा
जीत का अंतर56,820

मुरादाबाद जिले की अन्य सीटों के साथ चुनाव परिणाम की सूची UP Election Result Phase 2: विधानसभा चुनाव परिणाम 2022 पर उपलब्ध है।

व्यापारिक पृष्ठभूमि से विधानसभा तक का राजनीतिक सफर

हाजी नासिर कुरैशी का जन्म 15 जुलाई 1971 को मुरादाबाद में हुआ। उनके पिता का नाम मोहम्मद यूसूफ है। उन्होंने हाईस्कूल तक शिक्षा प्राप्त की और राजनीति में आने से पहले व्यापार से जुड़े रहे। मार्च 2022 में वह पहली बार अठारहवीं उत्तर प्रदेश विधानसभा के सदस्य निर्वाचित हुए। (UP News)

उनका विस्तृत राजनीतिक सफर और जीवन परिचय uttarpradesh.org पर उपलब्ध है। इसमें उनके पारिवारिक जीवन, सामाजिक आधार, राजनीति में प्रवेश और 2022 की जीत का विवरण दिया गया है। (UP News)

विधायक के रूप में उनके कार्यकाल का मूल्यांकन अब केवल चुनावी जीत से नहीं, बल्कि क्षेत्र में सड़क, जल निकासी, शिक्षा, स्वास्थ्य, प्रकाश व्यवस्था और सार्वजनिक परिसंपत्तियों के लिए निधि के प्रभावी उपयोग से भी किया जाएगा।

उपलब्ध विधायक निधि रिपोर्ट बताती है कि प्रस्ताव भेजने के स्तर पर गतिविधि लगातार बनी रही। हर पूर्ण वर्ष में लगभग 250 कार्यों की अनुशंसा की गई। प्रशासनिक स्वीकृति का संयुक्त अनुपात भी 91 प्रतिशत से अधिक रहा।

इसके बावजूद 2024-25 और 2025-26 में बढ़े निरस्तीकरण तथा कई कार्यों की देरी से स्वीकृति यह बताती है कि प्रस्ताव तैयार करने और प्रशासनिक परीक्षण की प्रक्रिया में अधिक समन्वय की आवश्यकता रही।

मुरादाबाद ग्रामीण विधायक निधि रिपोर्ट के प्रमुख तथ्य

प्रमुख बिंदुआंकड़ा
चार वर्षों में कुल अनुशंसित कार्य749
कुल स्वीकृत कार्य684
कुल निरस्त कार्य65
कुल लंबित कार्य0
संयुक्त स्वीकृति दर91.32%
सर्वाधिक प्रस्ताव वाला वर्ष2024-25
सर्वाधिक अनुशंसित कार्य252
सर्वाधिक स्वीकृत कार्य2023-24 में 247
सर्वश्रेष्ठ स्वीकृति दर2023-24 में 100%
सबसे कम स्वीकृति दर2025-26 में 82.80%
सबसे अधिक निरस्त कार्य2025-26 में 43
45 दिन में स्वीकृत कुल कार्य373
45-60 दिन में स्वीकृत कार्य158
60 दिन बाद स्वीकृत कार्य153
2026-27 में उपलब्ध कार्य संख्या0

हाजी नासिर कुरैशी की विधायक निधि रिपोर्ट में 2023-24 का 100 प्रतिशत स्वीकृति वाला प्रदर्शन सबसे मजबूत है। 2024-25 में प्रस्तावों की संख्या सबसे अधिक रही, लेकिन 22 कार्य निरस्त हुए। इसके बाद 2025-26 में निरस्त कार्यों की संख्या बढ़कर 43 हो गई और स्वीकृति दर घटकर 82.80 प्रतिशत रह गई।

चार वर्षों की संयुक्त स्थिति में 749 प्रस्तावों में 684 को मंजूरी मिलना प्रशासनिक स्वीकृति के स्तर पर मजबूत आंकड़ा है। वास्तविक विकास का अंतिम आकलन तभी होगा, जब यह स्पष्ट हो कि इन स्वीकृत कार्यों में कितने पूरे हुए, कितनी धनराशि खर्च हुई और किस गांव या वार्ड को कितना लाभ मिला।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

हाजी नासिर कुरैशी किस विधानसभा सीट से विधायक हैं?

हाजी नासिर कुरैशी मुरादाबाद जिले की विधानसभा क्षेत्र संख्या 27-मुरादाबाद ग्रामीण से समाजवादी पार्टी के विधायक हैं। विधानसभा रिकॉर्ड में उनका नाम मोहम्मद नासिर कुरैशी दर्ज है। (UP News)

चार वर्षों में कितने विकास कार्य प्रस्तावित हुए?

वित्तीय वर्ष 2023-24 से 2026-27 की उपलब्ध रिपोर्ट में कुल 749 विकास कार्य अनुशंसित दर्ज हैं।

कितने कार्यों को स्वीकृति मिली?

कुल 684 प्रस्तावों को स्वीकृति मिली। संयुक्त स्वीकृति दर 91.32 प्रतिशत है।

कितने कार्य निरस्त हुए?

तीन सक्रिय वित्तीय वर्षों में कुल 65 प्रस्ताव निरस्त हुए। इनमें 22 कार्य 2024-25 और 43 कार्य 2025-26 के हैं।

क्या कोई प्रस्ताव लंबित है?

उपलब्ध चार वित्तीय वर्षों की रिपोर्ट में हाजी नासिर कुरैशी का कोई प्रस्ताव स्वीकृति के लिए लंबित नहीं दिखाया गया।

सबसे अधिक कार्य किस वित्तीय वर्ष में प्रस्तावित हुए?

वित्तीय वर्ष 2024-25 में सबसे अधिक 252 विकास कार्य प्रस्तावित हुए। इनमें 230 स्वीकृत और 22 निरस्त हुए।

सबसे अधिक कार्य किस वर्ष स्वीकृत हुए?

वित्तीय वर्ष 2023-24 में सभी 247 प्रस्तावों को मंजूरी मिली। यही सर्वाधिक स्वीकृत कार्यों और 100 प्रतिशत स्वीकृति वाला वर्ष है।

क्या सभी 684 स्वीकृत कार्य पूरे हो चुके हैं?

नहीं। स्वीकृत कार्य का अर्थ प्रशासनिक मंजूरी है। काम पूरा होने की पुष्टि के लिए कार्यवार व्यय, भौतिक प्रगति, पूर्णता प्रमाणपत्र और स्थल की तस्वीरों की जांच आवश्यक है।

2026-27 में कोई कार्य क्यों दर्ज नहीं है?

13 जुलाई 2026 तक उपलब्ध रिपोर्ट में कोई नया प्रस्ताव दर्ज नहीं था। वित्तीय वर्ष अभी जारी है, इसलिए बाद में नए कार्य जोड़े जा सकते हैं।

  • समाचार संपादन, ब्रेकिंग अलर्ट और फैक्ट-चेक पर फ़ोकस। ज़मीनी रिपोर्टों को डेटा के साथ जोड़ना पसंद। कॉफ़ी, डेडलाइन और सत्य , तीनों से समझौता नहीं।

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