हरियाणा में मौत के मुंह से लौटा युवक: बंद कमरे में सुसाइड, मां की कॉल पर 8 मिनट में पहुंची ERV; पत्नी फोन नहीं उठा रही थी - Mahendragarh News
महेंद्रगढ़11 घंटे पहले
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पुलिस कर्मियों ने सुसाइड करने से बचाकर युवक को सरकारी अस्पताल में भर्ती कराया है, जहां उसका इलाज चल रहा है।
हरियाणा के महेंद्रगढ़ में डायल-112 पुलिस टीम ने एक युवक को आत्महत्या करने से बचा लिया। युवक बंद कमरे में तनाव और विवाद में यह कदम उठा रहा था। इस दौरान उसकी मां को शक हुआ तो उसने तुरंत डायल-112 को सूचना देकर तत्काल हेल्प मांगी।
सूचना मिलते ही आपात रिस्पॉन्स व्हीकल (ERV) पर तैनात पुलिस टीम तुरंत मौके पर पहुंची। पता चला कि युवक ने अंदर से कुंडी लगा रखी है। पुलिसकर्मी बिना देर किए दरवाजा तोड़कर अंदर घुसे तो देखा की युवक फंदे पर लटक चुका था। पुलिसकर्मियों ने उसे नीचे उतारा और प्राइमरी तौर पर CPR दी। देखा कि युवक की सांसें चल रही है, जिसके बाद उसे अस्पताल पहुंचाया।
युवक की हालत अब स्थिर बताई जा रही है। बेटे की जान बचने पर परिजनों ने पुलिस टीम की तत्परता और समय पर की गई कार्रवाई के लिए आभार व्यक्त किया। उधर, पुलिस की जांच में सामने अया है कि युवक की पत्नी बिना बताए बाहर चली गई थी। उसके कॉल रिसीव नहीं करने पर युवक ने यह कदम उठाया।
थाने में खड़ा ईआरवी वाहन, जिसने आठ मिनट में रिस्पांस देकर युवक अनूप की जान बचाई।
यहां सिलसिलेवार ढंग से जानिए पूरा घटनाक्रम….
महेंद्रगढ़ शहर के डुलाना रोड की घटना: यह घटना महेंद्रगढ़ शहर के डुलाना रोड पर सामने आई। युवक की मां ने शनिवार की शाम करीब सात बजे डायल-112 पर कॉल कर बताया कि उसका बेटा बंद कमरे में आत्महत्या का प्रयास कर रहा है और तत्काल सहायता मांगी। सूचना मिलते ही आपात रिस्पॉन्स व्हीकल (ERV) पर तैनात पुलिस टीम डुलाना रोड स्थित कुम्हारों के मोहल्ले के लिए रवाना हुई।
8 मिनट के भीतर मौके पर पहुंची टीम : सूचना मिलते ही टीम करीब 8 मिनट के भीतर मौके पर पहुंच गई। वहां पहुंचकर पुलिस ने देखा कि युवक ने फांसी लगा ली थी। डायल-112 टीम ने तुरंत युवक को फांसी के फंदे से उतारा और आपात रिस्पॉन्स व्हीकल से सरकारी अस्पताल महेंद्रगढ़ पहुंचाया। इसमें भी 10 मिनट में लगे। अस्पताल में भी तत्काल चिकित्सकीय सहायता मिली।
पारिवारिक विवाद से था परेशान : युवक की पहचान 28 वर्षीय अनूप के रूप में हुई है। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, वह पारिवारिक विवाद के कारण परेशान था। मां की सजगता और समय पर दी गई सूचना के साथ-साथ पुलिस की त्वरित कार्रवाई से युवक को समय पर उपचार मिल सका।
इन पुलिसकर्मियों ने बचाई युवक की जान : इस बचाव अभियान में आपात रिस्पॉन्स वाहन पर तैनात ईएसआई युद्धवीर सिंह, सिपाही निकास और एसपीओ राजकुमार ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। युवक के परिजनों ने पुलिस टीम की तत्परता और समय पर की गई कार्रवाई के लिए उनका आभार व्यक्त किया। कहना था कि पुलिस यह तुरंत एक्शन न लेती तो बेटे की जान जा सकती थी।
महेंद्रगढ़ का शहर थाना।
पत्नी के कॉल रिसीव नहीं करने पर उठाया कदम
पुलिस के मुताबिक, आत्महत्या का प्रयास करने वाले अनूप के तीन बच्चे है। वह एक निजी अस्पताल में एंबुलेंस ड्राइवर है। शनिवार को उसकी पत्नी घर से बिना बताए कहीं चली गई। कई बार-बार कॉल करने के बाद भी उसने रिसीव नहीं किया। इसी के नाराज अनूप ने कमरे में जाकर फांसी लगा ली। मगर, इसी दौरान उसकी मां को शक हो गया और उसने तुरंत पुलिस को कॉल कर बुला लिया।
बिना देरी किए पुलिस को दें सूचना
पुलिस प्रवक्ता नरेश यादव ने बताया कि पुलिस आमजन से अपील की है कि किसी भी गंभीर आपातकालीन स्थिति की सूचना बिना देरी किए तुरंत डायल-112 पर दें। इससे पुलिस और आपातकालीन सेवाएं समय रहते आवश्यक सहायता पहुंचा सकेंगी। डायल-112 पुलिस सेवा आमजन के लिए हर समय उपलब्ध है।
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