बाड़मेर शहर में जसदेर तालाब के आगौर की जमीन को अब उपयोग में लेने की तैयारी है। जसदेरधाम के पास करीब 800 बीघा सरकारी जमीन में से 200 बीघा जमीन को अतिक्रमण मुक्त करवाकर यहां ऑक्सीजोन पार्क विकसित किया जाएगा।

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कलेक्टर चिन्मयी गोपाल ने गुरुवार को प्रशासनिक अधिकारियों की टीम के साथ मौके का निरीक्षण किया। उन्होंने बताया कि अतिक्रमण मुक्त कराई गई जमीन पर फिलहाल तारबंदी करवाई जा रही है। इसके बाद वन विभाग के अनुसार पौधारोपण और वॉकिंग ट्रैक बनाया जाएगा। दूसरे चरण में शहर में जमा होने वाले पानी की समस्या के समाधान के लिए यहां मिनी टैंक और पाइप लाइन बनाने की योजना है।

कलेक्टर ने अपनी टीम के साथ पहुंचकर देखा मौका।

कलेक्टर ने अपनी टीम के साथ पहुंचकर देखा मौका।

800 बीघा सरकारी जमीन पर था अतिक्रमण

दरअसल, बाड़मेर शहर के जसदेरधाम के आसपास करीब 800 बीघा सरकारी जमीन है। इस जमीन पर बड़ी संख्या में लोगों ने अतिक्रमण कर रखा था। प्रशासन की ओर से पहले भी कई बार अतिक्रमण हटाए गए, लेकिन तारबंदी नहीं होने के कारण दोबारा अतिक्रमण हो जाता था। अब प्रशासन ने 200 बीघा जमीन को अतिक्रमण मुक्त करवाया है। बाकी जमीन से भी धीरे-धीरे अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई की जा रही है।

कलेक्टर ने अधिकारियों के साथ किया मौका-मुआयना

गुरुवार शाम जिला कलेक्टर चिन्मयी गोपाल प्रशासनिक अधिकारियों की टीम के साथ मौके पर पहुंचीं। उन्होंने पूरे क्षेत्र का मौका-मुआयना किया और रेवेन्यू इंस्पेक्टर सहित अधिकारियों से जमीन के दस्तावेज और मौके की वास्तविक स्थिति की जानकारी ली। इस दौरान एडीएम रवींद्र कुमार, एसडीएम यशार्थ शेखर, सीईओ रवि कुमार, यूआईटी सचिव विवेक व्यास, उप वन संरक्षक सविता दहिया, विकास अधिकारी नीतू व्यास सहित प्रशासनिक अधिकारी मौजूद रहे।

इस दौरान एडीएम, एसडीएम, सचिव और डीएफओ मौजूद रहे।

इस दौरान एडीएम, एसडीएम, सचिव और डीएफओ मौजूद रहे।

200 बीघा जमीन पर होगी तारबंदी, फिर पौधारोपण

कलेक्टर चिन्मयी गोपाल ने कहा कि जसदेरधाम के पास 800 बीघा जमीन है, जिसमें से 200 बीघा को अतिक्रमण मुक्त करवाया जा चुका है। बाकी जमीन से भी धीरे-धीरे अतिक्रमण हटाया जा रहा है। पंचायत समिति की ओर से अतिक्रमण मुक्त जमीन पर तारबंदी करवाई जा रही है।

उन्होंने बताया कि यहां ऑक्सीजोन पार्क विकसित किया जाएगा। वन विभाग के अनुसार पार्क का स्वरूप तय होगा। इसमें पौधारोपण के साथ वॉकिंग ट्रैक भी बनाया जाएगा, ताकि इस जमीन का उपयोग शहर के लिए बेहतर तरीके से किया जा सके।

दूसरे चरण में पानी की समस्या का समाधान

कलेक्टर ने बताया कि दूसरे चरण में शहर में जहां बारिश का पानी इकट्ठा होता है, उस समस्या का समाधान करने की भी योजना है। इसके लिए यहां मिनी टैंक बनाकर पाइप लाइन डालने का प्रयास किया जाएगा, ताकि शहर में जमा होने वाले पानी को यहां लाकर उपयोग में लिया जा सके।