खगड़िया में गुरुवार को आयोजित किसान महापंचायत में भारतीय किसान यूनियन के राष्ट्रीय प्रवक्ता राकेश टिकैत ने किसानों की समस्याओं को लेकर सरकार पर जमकर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि खगड़िया के मक्का किसानों को उनकी उपज का उचित मूल्य नहीं मिल रहा है।
.
देश में करीब पांच लाख मीट्रिक टन मक्का बाहर से आने का हवाला देते हुए टिकैत ने सवाल उठाया कि ऐसे में खगड़िया के किसानों का मक्का कौन खरीदेगा।
उन्होंने दावा किया कि किसानों को प्रति क्विंटल 700 से 800 रुपए तक का नुकसान हो रहा है।
चार फसलों में एक लाख करोड़ से ज्यादा नुकसान का दावा
राकेश टिकैत ने गेहूं, मक्का, धान और सूरजमुखी का जिक्र करते हुए कहा कि इन चार फसलों में बिहार के किसानों को एक लाख करोड़ रुपए से अधिक का नुकसान हो रहा है।
उन्होंने भूमि अधिग्रहण में भी धांधली का आरोप लगाया। टिकैत ने कहा कि किसान गरीब नहीं हैं, बल्कि व्यवस्था उनके साथ न्याय नहीं कर रही है। अपने अधिकारों के लिए किसानों को संगठित होकर आंदोलन करना होगा।

बाहर रह रहे लोगों से गांव लौटने की अपील
टिकैत ने बिहार से बाहर रहकर काम कर रहे लोगों से अपने गांव और घर की ओर लौटने की अपील की। उन्होंने कहा कि किसानों को अपनी जमीन और खेत बचाने के लिए संघर्ष करना होगा।
उन्होंने कहा कि मुजफ्फरनगर हो, मुजफ्फरपुर, खगड़िया या कर्नाटक, हर जगह किसान अपनी उपज के उचित मूल्य और सम्मान के लिए संघर्ष कर रहे हैं।
युवाओं को आंदोलन से जोड़ने का आह्वान
किसान नेता ने कहा कि बिहार के युवाओं को भी किसानों के आंदोलन में शामिल होना होगा। रोजगार के लिए बड़ी संख्या में युवाओं के दूसरे राज्यों में जाने का मुद्दा उठाते हुए उन्होंने बिहार से बाहर काम कर रहे आईएएस, पीसीएस, आईपीएस अधिकारियों और उद्योग-व्यवसाय से जुड़े लोगों से अपने गांव और क्षेत्र के लिए काम करने की अपील की।
उन्होंने कहा कि आने वाले समय में संघर्ष का स्वरूप बदलेगा। ‘अगला संघर्ष ट्रैक्टरों का होगा’, कहते हुए उन्होंने किसानों से एकजुट होने का आह्वान किया।

वोट चोरी के आरोपों पर चुनाव आयोग और व्यवस्था को घेरा
वोट चोरी के आरोपों पर भी राकेश टिकैत ने निशाना साधा। उन्होंने कहा कि चुनावी प्रक्रिया को लेकर उठ रहे सवालों पर अगर कई साल पहले गंभीरता से चर्चा हुई होती तो स्थिति इतनी आगे नहीं बढ़ती।
उन्होंने कहा कि जो चोर पकड़ा गया है, उसके पूरे गैंग को पकड़ा जाना चाहिए। टिकैत ने चुनाव आयोग, अदालत, पुलिस और प्रशासन पर दबाव में काम करने का आरोप भी लगाया।
आंदोलन के विस्तार का किया दावा
टिकैत ने कहा कि किसानों और आम लोगों में जागरूकता बढ़ रही है और वे जनजागरण अभियान चला रहे हैं। उन्होंने वैचारिक क्रांति को दुनिया का सबसे बड़ा हथियार बताया।
उन्होंने कहा कि किसान आंदोलन को आने वाले समय में और मजबूत किया जाएगा। टिकैत ने बताया कि वे अगले दिन पुणे जाएंगे, जहां आंदोलन चल रहा है।
उन्होंने 10 तारीख के प्रस्तावित कार्यक्रम को समर्थन देने की बात कही और दावा किया कि फिलहाल आंदोलन सीमित दिखाई दे रहा है, लेकिन आने वाले दिनों में इसका विस्तार होगा और किसान इसकी अगुवाई करेंगे।

महापंचायत में कई किसान नेता रहे मौजूद
महापंचायत में दूध उत्पादक सहयोग समिति के राज्य अध्यक्ष अशोक सिंह, भारतीय किसान यूनियन के प्रदेश अध्यक्ष दिनेश सिंह, उत्तर प्रदेश भारतीय किसान यूनियन के संयोजक पिंटू बालियां, पूर्व केंद्रीय मंत्री देवेंद्र प्रसाद यादव, राकेश टिकैत और किसान महापंचायत के संयोजक एवं किसान नेता धीरेंद्र सिंह टुडू समेत बड़ी संख्या में किसान और अन्य लोग मौजूद रहे।