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सार

Priyanka Gandhi Lok Sabha Gen Z: लोकसभा में चर्चा के दौरान प्रियंका गांधी ने केंद्र सरकार को घेरा। उन्होंने कहा कि युवाओं का भरोसा जीतने के लिए प्रधानमंत्री को अपने दिल का एंगल बदलना होगा।

Change the angle of your heart, not the camera... Priyanka Gandhi advises PM Modi, says big thing about trusting the youth

प्रियंका गांधी (सोर्स- आईएएनएस)

विस्तार

Congress Priyanka Gandhi Lok Sabha On PM Modi: लोकसभा में पब्लिक एग्जामिनेशंस (प्रिवेंशन ऑफ अनफेयर मीन्स) संशोधन विधेयक, 2026 पर चर्चा के दौरान कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी वाड्रा ने केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि यदि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को देश के युवाओं, खासकर जेन जी का भरोसा जीतना है, तो उन्हें सोशल मीडिया वीडियो के लिए कैमरे का नहीं, अपने दिल का एंगल बदलना होगा। प्रियंका गांधी ने आरोप लगाया कि सरकार छात्रों के सवालों का जवाब देने के बजाय उनकी आवाज दबाने की कोशिश कर रही है।

उन्होंने राष्ट्रीय शिक्षा नीति में व्यापक सुधार, शिक्षा क्षेत्र में विशेषज्ञों की भागीदारी, रोजगार के नए अवसर और मेडिकल कॉलेजों की संख्या बढ़ाने की मांग की। उन्होंने कहा कि 2024 में पेपर लीक रोकने के लिए कानून बनने के बावजूद अब तक किसी दोषी को सजा नहीं मिली। प्रियंका गांधी ने छात्र आंदोलनों के दौरान पैलेट गन और कथित एके-47 के इस्तेमाल पर भी सवाल उठाते हुए पूछा कि ऐसा आदेश किसने दिया। उन्होंने कहा कि छात्र केवल पारदर्शी परीक्षा प्रणाली और जवाबदेही की मांग कर रहे थे, लेकिन उनकी बात सुनने के बजाय उन पर बल प्रयोग किया गया।

शिक्षा नीति में बड़े सुधार की मांग

प्रियंका गांधी ने कहा, “आप प्रदर्शनकारियों को सड़क से हटा सकते हैं, लेकिन उनके सवालों को नजरअंदाज नहीं कर सकते। सरकार को अपनी नीयत सुधारनी होगी और अपनी साख वापस हासिल करनी होगी।” उन्होंने राष्ट्रीय शिक्षा नीति (एनईपी) में व्यापक बदलाव, शिक्षा क्षेत्र में विशेषज्ञों की भागीदारी, रोजगार सृजन और नए मेडिकल कॉलेजों के निर्माण की मांग की। उन्होंने कहा कि केवल विशेषज्ञ समितियां बना देने से समस्या का समाधान नहीं होगा, बल्कि प्रधानमंत्री को ठोस कदम उठाने होंगे।

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परीक्षा व्यवस्था पर सरकार को घेरा

संसद में बहस के दौरान प्रियंका गांधी की नए शिक्षा मंत्री प्रह्लाद जोशी को लेकर की गई टिप्पणी पर सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच तीखी नोकझोंक हुई। प्रह्लाद जोशी और भाजपा सांसद निशिकांत दुबे ने प्रियंका गांधी से अपने दावों के समर्थन में प्रमाण देने की मांग की। इस पर जोशी ने उनकी टिप्पणियों का खंडन करते हुए उन्हें सदन की कार्यवाही से हटाने की मांग की।

पेपर लीक कानून पर उठाए सवाल

जब प्रियंका गांधी ने कहा कि वह अपने दावों को प्रमाणित करेंगी, तब लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने हस्तक्षेप करते हुए उन्हें चर्चा को केवल विधेयक तक सीमित रखने की सलाह दी। प्रियंका गांधी ने कहा कि सरकार 2024 में भी पेपर लीक रोकने के लिए कानून लेकर आई थी, लेकिन उस कानून के तहत अब तक एक भी आरोपी को सजा नहीं मिल सकी। उन्होंने आरोप लगाया कि “छात्रों के खिलाफ फेस रिकग्निशन तकनीक का इस्तेमाल किया जा रहा है, लेकिन पेपर लीक करने वालों के खिलाफ यही तकनीक अब तक लागू नहीं की गई।”

पैलेट गन और एके-47 पर जवाब मांगा

प्रियंका गांधी ने छात्र आंदोलनों के दौरान बल प्रयोग का मुद्दा उठाते हुए कहा कि घायल छात्रों के माता-पिता और पूरा देश यह जानना चाहता है कि प्रदर्शन कर रहे छात्रों पर पैलेट गन और एके-47 के इस्तेमाल की अनुमति किसने दी। उन्होंने कहा, “क्या छात्र आतंकवादी थे? छात्रों पर पेलेट गन और एके-47 चलाने की जरूरत क्या थी? कांग्रेस ही नहीं, पूरा देश जानना चाहता है कि यह आदेश किसने दिया।”

पेपर लीक का किया जिक्र

कांग्रेस सांसद ने आरोप लगाया कि देश की परीक्षा प्रणाली पूरी तरह विफल हो चुकी है। उन्होंने कहा कि पिछले 10 वर्षों में 152 पेपर लीक की घटनाओं से करोड़ों छात्र प्रभावित हुए, लेकिन पेपर लीक माफिया के खिलाफ किसी को सजा नहीं मिली।

युवाओं की आवाज दबाने का आरोप

उन्होंने कहा कि छात्रों का व्यवस्था से भरोसा उठता जा रहा है। योग्यता पर पैसे का प्रभाव हावी हो रहा है और युवा चाहते हैं कि उनके भविष्य को खतरे में डालने वाली व्यवस्था में व्यापक सुधार किए जाएं। प्रियंका गांधी ने यह भी कहा कि छात्र केवल जवाबदेही तय करने और परीक्षा में गड़बड़ियों के जिम्मेदार लोगों को हटाने की मांग कर रहे थे, लेकिन उनकी आवाज सुनने के बजाय उन पर बल प्रयोग किया गया।

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रोजगार और शिक्षा सुधार पर जोर

प्रियंका गांधी ने सरकार पर रोजगार पैदा करने वाले क्षेत्रों को कमजोर करने का आरोप लगाते हुए कहा कि युवाओं का विश्वास बहाल करने के लिए जनसंपर्क (पीआर) और नैरेटिव बदलने से काम नहीं चलेगा, बल्कि ठोस और व्यापक सुधार लागू करने होंगे।

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