Updated On: Aug 05, 2026 | 10:35 AM IST

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सार

Trump Peace Deal Gaza : इजरायल के पीएम नेतन्याहू ने गाजा में शांति समझौते के बीच कड़ी शर्त रख दी है। उन्होंने कहा है कि जब तक हमास पूरी तरह निहत्था नहीं होगा, इजरायली सेना पीछे नहीं हटेगी।

Army won't withdraw from Gaza until... PM Netanyahu again stalls peace deal, rejects Trump's plan.

बेंजामिन नेतन्याहू, फोटो (सो. सोशल मीडिया)

विस्तार

Netanyahu Gaza Trump Peace Deal: इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने बताया है कि इजरायली रक्षा बल (IDF) गाजा में तब तक पीछे नहीं हटेंगे, जब तक हमास पूरी तरह से हथियार नहीं डाल देता। प्रधानमंत्री के इस सख्त रुख ने न केवल प्रस्तावित शांति समझौते को अधर में लटका दिया है, बल्कि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के शांति प्लान पर भी सवालिया निशान खड़े कर दिए हैं।

ट्रंप प्रशासन के ड्राफ्ट पर असहमति

मंगलवार को एक वीडियो संदेश जारी करते हुए प्रधानमंत्री नेतन्याहू ने कहा कि ट्रंप प्रशासन की ओर से भेजा गया शांति समझौते का ड्राफ्ट इजरायल को मंजूर नहीं है। उन्होंने साफ किया कि इजरायल ने अपनी आपत्तियां और टिप्पणियां भेज दी हैं।

गौरतलब है कि प्रस्तावित समझौते में हमास के निशस्त्रीकरण की प्रक्रिया शुरू होने के साथ ही इजरायल को गाजा के करीब 60% हिस्से से पीछे हटने का सुझाव दिया गया था। अक्टूबर में होने वाले इजरायली चुनावों के मद्देनजर नेतन्याहू के इस कड़े रुख को उनकी राजनीतिक साख बचाने की कोशिश के तौर पर भी देखा जा रहा है।

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मलबे से निकल रही हैं लाशें

एक तरफ कूटनीतिक स्तर पर गतिरोध जारी है, तो दूसरी तरफ गाजा में तबाही की खौफनाक तस्वीरें सामने आ रही हैं। गाजा सिटी के सबरा इलाके में मंगलवार को 100 से अधिक लोगों का सामूहिक अंतिम संस्कार किया गया।

ये वे लोग थे जो नवंबर 2023 में हुए एक भीषण हमले में मारे गए थे और उनके शव मलबे के नीचे दबे रह गए थे। रेस्क्यू एजेंसी ‘सिविल डिफेंस’ के अनुसार, हाल ही में की गई खुदाई के दौरान 112 शव बरामद हुए हैं, जिनमें 40 मासूम बच्चे शामिल हैं।

73 हजार के पार पहुंचा मौत का आंकड़ा

गाजा के स्वास्थ्य मंत्रालय के आंकड़ों के अनुसार, 7 अक्टूबर 2023 से शुरू हुई इस जंग में अब तक 73,377 से अधिक फिलिस्तीनी मारे जा चुके हैं। रिकॉर्ड विभाग का मानना है कि वास्तविक संख्या इससे कहीं अधिक हो सकती है क्योंकि लगभग 7,400 लोग अभी भी लापता हैं और उनके मलबे के नीचे दबे होने की आशंका है। कई मामलों में तो पूरे के पूरे परिवार खत्म हो गए हैं, जिससे लापता लोगों की जानकारी देने वाला भी कोई नहीं बचा है।

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शांति वार्ता की क्या है मुख्य वजह?

शांति वार्ता में सबसे बड़ी बाधा शर्तों का क्रम बनी हुई है। इजरायल का कहना है कि जब तक हमास निहत्था नहीं होता, हमले नहीं रुकेंगे। वहीं हमास की मांग है कि पहले इजरायल गोलाबारी बंद करे और अपने सैनिकों को वापस बुलाए। दोनों पक्षों के इस पहले आप के रवैये ने क्षेत्र में पूर्ण युद्धविराम की संभावनाओं को फिलहाल ठंडे बस्ते में डाल दिया है।

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