Indian Stock Market: सुबह 9:41 बजे तक सेंसेक्स 891 अंक गिरकर 73,005 पर आ गया, जबकि निफ्टी50 270 अंक टूटकर 22,867 पर कारोबार कर रहा था. कारोबार के दौरान सेंसेक्स एक समय 896 अंक तक लुढ़का. निफ्टी50 ने 23,000 का अहम स्तर तोड़ दिया और 22,856 के इंट्राडे निचले स्तर तक पहुंचा.

बाजार क्यों गिरा?

इसकी दो बड़ी वजहें हैं:

  • अमेरिकी बॉन्ड यील्ड: अमेरिका में 10 साल के बॉन्ड की यील्ड बढ़कर 5.2% पर पहुंच गई, जो करीब 20 साल का सबसे ऊंचा स्तर है.
  • कच्चा तेल: ब्रेंट क्रूड फ्यूचर्स 1% से ज्यादा चढ़कर 105.64 डॉलर प्रति बैरल हो गया.

अमेरिकी यील्ड बढ़ने से भारत पर असर क्यों?

आसान भाषा में समझें तो जब अमेरिकी सरकारी बॉन्ड पर ज्यादा कमाई मिलने लगती है, तो निवेशक कम जोखिम में अच्छा रिटर्न पाना चाहते हैं. ऐसे में पैसा भारत जैसे उभरते बाजारों के शेयरों से निकलकर अमेरिकी बॉन्ड में जाने लगता है. विश्लेषकों के मुताबिक इससे भारतीय एसेट्स कम आकर्षक लगने लगते हैं.

तेल की कीमतों के पीछे मिडिल-ईस्ट का तनाव है. अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान का शांति प्रस्ताव ठुकरा दिया, जिसका मकसद दोनों देशों का विवाद सुलझाना और स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को दोबारा खोलना था. ईरान ने यह प्रस्ताव पिछले हफ्ते न्यूयॉर्क में संयुक्त राष्ट्र महासभा में रखा था और कतर के मध्यस्थों के जरिए अमेरिका तक पहुंचाया था. हालांकि रॉयटर्स की रिपोर्ट के मुताबिक ट्रंप ने रविवार को एक्सियोस से कहा कि इस हफ्ते अमेरिकी वार्ताकार और बातचीत करेंगे.

किन सेक्टर और शेयरों पर सबसे ज्यादा मार पड़ी?

गिरावट हर तरफ दिखी. एनएसई के सभी बड़े सेक्टर इंडेक्स लाल निशान में रहे.

इंडेक्सगिरावट
निफ्टी बैंक1.3%
निफ्टी मिडकैप 1001.06%
निफ्टी स्मॉलकैप 1001.12%

निफ्टी मेटल, फाइनेंशियल सर्विसेज, ऑटो, एफएमसीजी, पीएसयू बैंक, प्राइवेट बैंक, रियल्टी और ऑयल एंड गैस इंडेक्स भी 0.8% से 1.5% तक टूटे.

निफ्टी50 के बड़े नुकसान वाले शेयर:

  • हिंडाल्को सबसे बड़ा लूजर रहा। यह 2.5% गिरकर ₹952 पर आ गया.
  • मैक्स हेल्थकेयर, कोटक महिंद्रा बैंक, हिंदुस्तान यूनिलीवर, बजाज फाइनेंस, श्रीराम फाइनेंस, बजाज फिनसर्व, अदाणी एंटरप्राइजेज, एचडीएफसी बैंक और भारत इलेक्ट्रॉनिक्स 1.5% से 2.2% तक फिसले.

राहत देने वाले शेयर:

डॉ. रेड्डीज लैब्स, कोल इंडिया, टीसीएस, एसबीआई लाइफ और एचसीएल टेक्नोलॉजीज बढ़त में रहे.

आम निवेशक के लिए इसका क्या मतलब है?

बाजार में डर का माहौल साफ दिख रहा है. इंडिया वीआईएक्स, यानी बाजार में उतार-चढ़ाव की उम्मीद मापने वाला पैमाना, 11.5% उछलकर 13.54 पर पहुंच गया. एनएसई पर 2,360 शेयर गिर रहे थे, जबकि सिर्फ 708 चढ़ रहे थे.

एशियाई बाजारों में भी कमजोरी रही। दक्षिण कोरिया का कोस्पी 2% और चीन का शंघाई कंपोजिट 1.1% टूटा, जबकि जापान का निक्केई मामूली 0.02% फिसला.

आगे बाजार की चाल पर इन बातों पर नजर रखना काम आएगा:

  • अमेरिका-ईरान की बातचीत में क्या प्रगति होती है
  • कच्चे तेल की कीमत 105 डॉलर के ऊपर टिकती है या नहीं
  • अमेरिकी बॉन्ड यील्ड और ऊपर जाती है या नहीं

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