साढ़े तीन साल की मासूम अनिका की जिंदगी इन दिनों करोड़ों रुपए के इलाज की चुनौती के बीच अटकी हुई है। वह Spinal Muscular Atrophy (SMA) Type-2 जैसी दुर्लभ बीमारी से जूझ रही है। बीमारी के इलाज के लिए जरूरी इंजेक्शन की कीमत करीब 9.55 करोड़ रुपए है।

.

इतनी बड़ी रकम जुटाना परिवार के लिए लगभग असंभव था, लेकिन बेटी की जिंदगी बचाने की उम्मीद में परिवार के साथ सामाजिक संस्थाएं और मददगार भी आगे आए। कई महीनों की कोशिशों के बाद करीब 8 करोड़ रुपए की क्राउडफंडिंग जुटाई जा चुकी है।

अब अनिका के इलाज की इस लड़ाई में मध्यप्रदेश हाईकोर्ट की इंदौर बेंच अब उम्मीद की एक नई किरण बनकर सामने आई है। मामले में एडवोकेट चंचल गुप्ता और लखन शर्मा की ओर से दायर याचिका पर मंगलवार को सुनवाई हुई।

कोर्ट ने अनिका की स्थिति को देखते हुए सरकार से मौजूदा 50 लाख रुपए की सहायता से आगे भी आर्थिक मदद की संभावनाएं तलाशने की अपेक्षा की है।

इलाज 9.55 करोड़ का, सरकारी सहायता की सीमा 50 लाख

सुनवाई के दौरान AIIMS की ओर से बताया गया कि दुर्लभ बीमारी से पीड़ित बच्चों के लिए संबंधित योजना के तहत अधिकतम 50 लाख रुपए तक की सहायता उपलब्ध है।

केंद्र सरकार इलाज संभव होने की स्थिति में यह सहायता देने को तैयार है लेकिन अनिका के इलाज की अनुमानित लागत करीब 9.55 करोड़ रुपए है। ऐसे में 50 लाख रुपए की सहायता उसके इलाज की पूरी जरूरत के मुकाबले काफी कम है।

इसी वजह से अब कोर्ट के सामने सबसे बड़ी चुनौती बाकी रकम की व्यवस्था को लेकर है।

बेटी के लिए लोगों ने खोला मदद का हाथ, जुटे करीब 8 करोड़

अनिका के परिवार की अपील पर विभिन्न गैर-सरकारी संस्थाओं और चैरिटी संगठनों के माध्यम से करीब 8 करोड़ रुपये जुटाए जा चुके हैं। यह रकम फिलहाल संबंधित संस्थाओं के पास है। यानी अनिका के इलाज के लिए उम्मीद की सबसे बड़ी डोर अब भी लोगों की मदद से जुड़ी हुई है।

अब यह सुनिश्चित करना जरूरी है कि यह राशि इलाज के लिए समय पर उपलब्ध हो सके और बाकी रकम की भी व्यवस्था हो जाए।

अनिका की मदद के लिए लोग आगे आ चुके हैं।

अनिका की मदद के लिए लोग आगे आ चुके हैं।

कोर्ट ने कहा इसे असाधारण मामला मानकर रास्ता तलाशे

अनिका की विशेष परिस्थितियों को देखते हुए हाईकोर्ट ने सरकार से इस मामले को असाधारण मामला (Exceptional Case) मानकर 50 लाख रुपये से अधिक अतिरिक्त वित्तीय सहायता उपलब्ध कराने की संभावना तलाशने की अपेक्षा की है। कोर्ट ने राज्य सरकार के लिए भी इलाज के लिए आर्थिक सहायता के दूसरे रास्ते तलाशने की गुंजाइश रखी है।

कोर्ट ने अगली सुनवाई से पहले उन सभी संस्थाओं का विवरण और उनकी सहमति से जुड़े दस्तावेज पेश करने के निर्देश दिए हैं, जिन्होंने अनिका के इलाज के लिए राशि जुटाई है।

Novartis का Invoice आते ही AIIMS में जमा होगी रकम

कोर्ट के सामने यह भी स्पष्ट करना होगा कि जिन संस्थाओं के पास क्राउडफंडिंग की रकम है, वे Novartis का invoice जारी होने पर संबंधित राशि AIIMS में जमा करने के लिए तैयार हैं या नहीं यह इसलिए महत्वपूर्ण है क्योंकि करीब 8 करोड़ रुपये जुटने के बावजूद इलाज की प्रक्रिया को आगे बढ़ाने के लिए राशि की उपलब्धता और उसके उपयोग की औपचारिकता पूरी होना जरूरी है।

अब नजर 18 अगस्त की सुनवाई पर

अनिका के इलाज के लिए अनुमानित 9.55 करोड़ रुपये की जरूरत है। इसमें करीब 8 करोड़ रुपये क्राउडफंडिंग से जुटाए जा चुके हैं, जबकि केंद्र की ओर से संभावित 50 लाख रुपए की सहायता भी मिलने की उम्मीद है। इसके बाद भी इलाज के लिए शेष रकम की व्यवस्था करना चुनौती बनी हुई है।

मामले की अगली सुनवाई 18 अगस्तको होगी। उस दिन जुटाई गई रकम, संबंधित संस्थाओं की सहमति और इलाज के लिए बची राशि की व्यवस्था पर विचार किया जाएगा।

साढ़े तीन साल की अनिका के लिए यह सिर्फ करोड़ों रुपए जुटाने की लड़ाई नहीं है। यह उस मासूम की जिंदगी बचाने की कोशिश है, जिसकी बीमारी के सामने उसके परिवार की आर्थिक क्षमता छोटी पड़ गई। लेकिन लोगों की मदद से जुटी रकम और अब हाईकोर्ट की पहल ने इस मुश्किल लड़ाई में परिवार को उम्मीद की एक नई वजह जरूर दी है।

ये खबर भी पढ़ें…

अनिका के लिए लगातार संघर्ष कर रहे माता-पिता

इंदौर की मासूम अनिका को दुर्लभ बीमारी से बचाने के लिए माता-पिता लगातार संघर्ष कर रहे हैं। जगह-जगह वह लोगों के साथ मिलकर क्राउड फंडिंग यहां तक की जिन लोगों से मदद की उम्मीद है उनके यहां तक पहुंच रहे हैं। अनिका की मां सरिता शर्मा और पिता प्रवीण शर्मा लगातार अपनी बेटी को बीमारी से बचाने के लिए रात-दिन लगे हुए हैं।पूरी खबर पढ़ें