Updated On: Jul 14, 2026 | 10:43 AM IST
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सार
Maharashtra Urban Challenge Fund: सीएम देवेंद्र फडणवीस की बैठक में 90,000 करोड़ के अर्बन चैलेंज फंड के प्रारूप पर चर्चा। पीपीपी मॉडल से एसटी बस डिपो का पुनर्विकास कर बढ़ाया जाएगा राजस्व।

मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस (सोर्स - सोशल मीडिया)
विस्तार
Maharashtra Urban Challenge Fund Devendra Fadnavis: विकास में रचनात्मक बदलाव लाने के लिए शहरों को विकास का केंद्र मानकर उनकी प्रगति में आने वाली बाधाओं को दूर करने के लिए अर्बन चैलेंज फंड के माध्यम से विकास किया जाएगा। इस अभियान में 90,000 करोड़ रुपये के परियोजना फंड का प्रस्ताव रखा गया है। इस अभिनव अभियान के कारण शहरी बुनियादी सुविधाओं और सेवा वितरण में उल्लेखनीय सुधार होने का विश्वास मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने व्यक्त किया।
नासिक और पुणे महानगरपालिका में इससे पहले इसी तर्ज पर फंड जुटाकर जलापूर्ति और स्वच्छता के लिए धन उपलब्ध कराया गया है। इस फंड जुटाने के लिए राष्ट्रीय सर्वोच्च समिति (एनएसी) की मंजूरी मिल चुकी है। पिंपरी-चिंचवड और नागपुर महानगरपालिका के कुछ प्रोजेक्टों को इस पद्धति से फंड उपलब्ध कराया जाएगा। कर्ज रोखे और पीपीपी के माध्यम से फंड जुटाना संभव होगा। मुख्यमंत्री की।
अध्यक्षता में ‘वर्षा’ निवास स्थान पर नगर विकास विभाग की समीक्षा बैठक में अर्बन चैलेंज फंड अभियान के प्रारूप पर चर्चा हुई। अभियान में 22 प्रमुख घटक डिजिटल प्रशासन, प्रमुख शहरी बुनियादी सुविधाओं का विकास, चक्रीय अर्थव्यवस्था, यातायात जाम दूर करने वाले प्रोजेक्ट, अंतिम चरण तक कनेक्टिविटी, 5 से 20 वर्ग किलोमीटर क्षेत्र में शहर के हिस्सों का पुनरुज्जीवन, छोटे और मध्यम शहरों को विकास का केंद्र बनाना, उपनगरों का पुनर्विकास, पैदल यात्री और प्रोजेक्ट, ट्रांजिट हब उन्नयन, ट्रांजिट ओरिएंटेड डेवलपमेंट बुनियादी स्वच्छता प्रोजेक्टों का समावेश है।
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डिपो के पुनर्विकास से ST को बनाया जाएगा सक्षम
एसटी के डिपो के पुनर्विकास के माध्यम से आय बढ़ाकर महामंडल को आर्थिक रूप से सक्षम बनाने के लिए योजनाबद्ध तरीके से कार्यवाही की जाएगी। मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने निर्देश दिए हैं कि प्रत्येक डिपो की क्षमता को ध्यान में रखते हुए अलग-अलग विकास आराखड़ा तैयार किया जाए। सार्वजनिक निजी भागीदारी (पीपीपी) के माध्यम से पुनर्विकास को गति देने के लिए आवश्यक नीतिगत प्रस्ताव मंत्रिमंडल के समक्ष प्रस्तुत किया जाए।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रत्येक डिपो की व्यावसायिक क्षमता को ध्यान में रखते हुए स्वतंत्र योजना बनाई जाए। आर्थिक रूप से व्यवहार्य परियोजनाओं से प्राप्त होने वाली राशि एस्क्रो खाते में जमा की जाए और इसका उपयोग अन्य विकास कार्यों के लिए किया जाए। पीपीपी नीति के तहत विकासकों को दी जाने वाली रियायतों का प्रस्ताव मंत्रिमंडल की मंजूरी के लिए पेश किया जाए।
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CM ने वारकरियों की चरण सेवा को दिया नया विस्तार
- आषाढी यात्रा के दौरान पंढरपुर की ओर पैदल जा रहे लाखों वारकरियों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराने के उद्देश्य से मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस की संकल्पना पर आधारित चरण सेवा अभियान का शुभारंभ किया गया।
- मुख्यमंत्री सहायता निधि तथा धर्मार्थ अस्पताल सहायता प्रकोष्ठ के माध्यम से संचालित इस अभियान के तहत राज्य के 11 जिलों में लगभग 400 सेवा केंद्र स्थापित किए गए है।
- यहां 12,000 से अधिक चिकित्सक, फिजियोथेरेपिस्ट, परिचारिकाएं, पैरामेडिकल कर्मचारी, चिकित्सा विद्यार्थी और स्वयंसेवक वारकरियों की सेवा में जुटे हैं।
- मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने पुणे में आयोजित सेवा केंद्र का दौरा कर वारकरियों से संवाद किया। उन्होंने कहा कि वारकरियों की सेवा ही भगवान विठ्ठल की सच्ची सेवा है और ऐसे सेवा कार्य में सहभागी होना सौभाग्य की बात है।
- उन्होंने स्वास्थ्य सेवाओं को और प्रभावी बनाने के निर्देश भी दिए।
