पंजाब के संगरूर में जग्गा सिंह के जहरीला पदार्थ निगलने के मामले पर सियासत गरमा गई है. विपक्ष जग्गा को नशे के खिलाफ आवाज उठाने वाला बता रहा है. अब आम आदमी पार्टी के मंत्री अमन अरोड़ा ने इस दावे पर सवाल उठाए हैं. उन्होंने कहा कि जग्गा के खिलाफ 9 FIR दर्ज हैं, इसलिए उन्हें सिर्फ नशे के खिलाफ लड़ने वाले व्यक्ति के तौर पर पेश करना सही नहीं है.
संगरूर पुलिस भी बता चुकी है कि जग्गा सिंह के खिलाफ 9 FIR दर्ज हैं. पुलिस के मुताबिक इनमें NDPS और आबकारी से जुड़े मामले शामिल हैं. चार मामलों में उन्हें दोषी ठहराया जा चुका है, जबकि कुछ मामले अभी अदालत में चल रहे हैं.
आजतक से बातचीत में अमन अरोड़ा ने कहा कि 'जग्गा को व्हिसलब्लोअर यानी गलत काम की जानकारी सामने लाने वाला व्यक्ति बताना ठीक नहीं है'. उनके मुताबिक, इस पूरे मामले को पंचायत और जग्गा सिंह के बीच विवाद के तौर पर देखना चाहिए. अरोड़ा ने कहा कि गांव की पंचायत इस मामले में एकजुट है. उनका सवाल था कि अगर पंचायत नशे के खिलाफ कार्रवाई की बात उठा रही है तो सिर्फ जग्गा को ही इसका चेहरा क्यों बनाया जा रहा है.
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रवनीत बिट्टू पर भी उठाए सवाल
जग्गा सिंह के समर्थन में बयान देने वाले बीजेपी नेता रवनीत बिट्टू को लेकर भी अमन अरोड़ा ने सवाल उठाया. उन्होंने कहा कि दोनों एक-दूसरे के पुराने करीबी हैं. इसी संदर्भ में उन्होंने पूछा कि बिट्टू को कैसे पता कि जग्गा पहले ड्रग्स लेता था, लेकिन अब नहीं लेता. इस दौरान अरोड़ा ने जग्गा के लिए 'जग्गू ब्लैकिया' नाम का भी इस्तेमाल किया. यह उनके बयान का हिस्सा है.
ड्रग्स के मुद्दे पर AAP पर आरोपों को खारिज किया
अमन अरोड़ा ने कहा कि अलग-अलग पार्टियां इस मामले को अपने हिसाब से पेश कर रही हैं. उनका आरोप था कि जग्गा को नशे के खिलाफ लड़ने वाले व्यक्ति के रूप में दिखाकर ऐसा माहौल बनाया जा रहा है, जिसमें AAP सरकार और पुलिस पर ड्रग्स के कारोबार से जुड़े होने के आरोप लगाए जा रहे हैं. उन्होंने इसे गलत बताया. वहीं, संगरूर पुलिस के अनुसार, जग्गा ने 12 सितंबर को सोशल मीडिया पर एक वीडियो डालकर कार्रवाई की मांग की थी. पुलिस का कहना है कि मामले की जांच चल रही थी.
अमन अरोड़ा ने गुलजार सिंह का भी नाम लिया. उनका कहना था कि असली पीड़ित गुलजार थे, जग्गा नहीं. उन्होंने गुलजार के परिवार से अपने पारिवारिक संबंध होने की बात कही.
इस पूरे मामले में पुलिस की जांच जारी है. दूसरी तरफ विपक्ष जग्गा सिंह की घटना को पंजाब में नशे की समस्या से जोड़कर सरकार पर सवाल उठा रहा है. ऐसे में अमन अरोड़ा का बयान इसी राजनीतिक बहस के बीच आया है.
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